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UMASHANKER MISHRA commented on dilbag virk's blog post वो सिर्फ बदनाम है
"इश्क का अश्क औ' दर्द इनाम है | बहुत सुन्दर अहसास देती ये रचना "
22 hours ago
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"हौंसला अफजाई के लिए सभी सुधीजनों का तहे-दिल से आभार"
Monday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"लीडर लगे हैं मुल्क को खाने की मुहिम में कैसे बचायें  कौम  को,  अवतार हम  नहीं.............बिल्कुल अब अवतार की सख्त जरूरत है"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"माना के बाज़ुओं में है ताक़त तेरे बहुत,कमज़ोर कुछ ज़रूर हैं लाचार हम नहीं;....... इस जज्बे को सलाम शानदार गजल"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"शम्मा जलाई दिल की अँधेरा मिटा दिया  फिर भी तेरी नजर में समझदार हम नहीं ...............वाह, बहुत खूब"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"बहुत खूब.... आदरणीय कपूर जी के सुझावों से और सुंदर बनेगी गजल"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"अपना  मिलाप  हो  न  सका  यूँ  तमाम  उम्रइस  पार  तुम  नही  कभी  उस  पार  हम  नहीं------------बहुत खूब शानदार गजल"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"खुद्दारी से भरी गजल"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"वाह................क्या कहने.............."
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"एक से बढकर एक "
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"लाजवाब................"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"शानदार गजल किसी का क़त्ल कर सके औजार हम नहीं............. कत्ल के लिए औजार कितना सही है सुधीजनों से जानना चाहूँगा"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"माना कि ज़िंदगी में हैं दुश्वारियाँ बहुत,ईमान बेचने को हैं तैयार हम नहीं............खुद्दार गजल............... कमाल गजल................"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"वाह.........क्या कहने इस कलाम के"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"हाँ ज़हन चाहता था भुला दें तुम्हे मगरदिल हम से कह रहा था कि तैयार हम नहीं.............. शानदार"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"बहुत खूब................. कल कह दिया है हार के सूरज ने शब् से ये  लो अब तुम्हारी राह मे दीवार हम नहीं.........इतका तो कहना ही क्या"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"उम्मीद कर रहा हूँ वफ़ा की उन्ही से मैं....कहते हैं जो किसी के तलबगार हम नहीं...बहुत खूब तुमने उठाई राह में दीवार, हम नहीं.. ...............हालांकि इस पंक्ति पर विद्वजनों के मत का इंतजार रहेगा"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"हमने वतन के वास्ते अपना लहू दियाउनकी नज़र में फिर भी वफादार हम नहीं.............बहुत खूब"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"शानदार आगाज"
Sunday
dilbag virk replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"इस मतलबी जहां के तलबगार हम नहीं  दिल की सुनें सदा, करें व्यापार हम नहीं | चाह तुझे, पूजा तुझे , माना खुदा तुझे  ये बात और है कि तेरा प्यार हम नहीं | तू ऐतबार कर, जान पर खेल जाएंगे वादा करें , निभाएं न , सरकार हम नहीं | अपने उसूल छोड़…"
Sunday

Profile Information

Gender
Male
City State
haryana
Native Place
mandi dabwali , sirsa
Profession
lect. in hindi
About me
bullan main ki jana main kaun

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Dilbag virk's Blog

वो सिर्फ बदनाम है

Posted on May 24, 2012 at 7:42pm 9 Comments

बेवफाई तेरी का ये अंजाम है
गूंजता महफ़िलों में मेरा नाम है |


क्या मिला पूछते हो, सुनो तुम जरा
इश्क का अश्क औ' दर्द इनाम है…
Continue

गजल

Posted on May 5, 2012 at 8:18pm 7 Comments

कुछ नया इसमें नहीं , दास्तां पुरानी दे गया 

यार मेरा आँख को नमकीन पानी दे गया |


मैं इसे सबको सुनाऊं , लोग सुनते झूम के …
Continue

विवशता ( कविता )

Posted on May 1, 2012 at 11:30am 8 Comments

मजदूर दिवस को समर्पित…



Continue

मेरा देश ( चोका )

Posted on April 2, 2012 at 9:00pm 5 Comments

देश मेरे में

अजूबे ही अजूबे

करें नमन

लोग पैर छूकर ।

           …

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At 7:05am on February 5, 2012, Saurabh Pandey said…

भाई दिलबाग़जी को माँ शारदा के माह में सक्रियतम सदस्य चयनित होने पर हार्दिक बधाई.

 

At 10:05pm on February 4, 2012, Arun Kumar Pandey 'Abhinav' said…

आदरणीय श्री दिलबाग विर्क जी माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई आपको !!

At 11:35pm on February 2, 2012, neeraj said…

आदरणीय श्री  दिलबाग विर्क जी , "महीने का सक्रिय सदस्य" पुरस्कार प्राप्त होने पर आपको बधाई , आप ऐसे ही तरक्की करते रहे ..आपका नीरज

At 5:04pm on February 2, 2012, rajesh kumari said…

dilbag ji bahut bahut badhaai.

At 2:34pm on February 2, 2012, Seema agrawal said…

दिलबाग विर्क जी , "महीने का सक्रिय सदस्य" पुरस्कार प्राप्त होने पर आपको बधाई.......................

At 1:50pm on February 2, 2012, आशीष यादव said…
'Active member of month' chune jaane pr bahut bahut badhai.
At 1:48pm on February 2, 2012, Admin said…

आदरणीय श्री  दिलबाग विर्क जी , "महीने का सक्रिय सदस्य" पुरस्कार प्राप्त होने पर आपको बधाई , कृपया पुरस्कार की राशि चेक द्वारा प्राप्त करने हेतु चेक किस नाम से काटा जाय व् किस पते पर भेजा जाय कृपया इस admin@openbooksonline.com मेल पर उपलब्ध कराने की कृपा हो |

एडमिन

At 11:18pm on February 1, 2012, Ganesh Jee "Bagi" said…

आदरणीय श्री दिलबाग विर्क जी

सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करे |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका प्यार इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
आपका
गणेश जी "बागी"

संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:00am on July 9, 2011, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 5:50pm on June 30, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
 
 
 

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