For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Pawan Kumar
  • Male
  • India
Share

Pawan Kumar's Friends

  • khursheed khairadi
  • Chhaya Shukla
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • savitamishra
  • गिरिराज भंडारी
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • किशन  कुमार "आजाद"
  • Dr Ashutosh Mishra
  • vijay nikore
  • Saurabh Pandey
 

Pawan Kumar's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Uttar Pradesh
Native Place
Gorakhpur
Profession
Student
About me
I Love My India

Pawan Kumar's Photos

  • Add Photos
  • View All

Pawan Kumar's Blog

दिल पे दस्तक

दिल पे दस्तक जो दूँ तो बुला लिजिए

दूर रहने की अब ना सजा दिजिए

मेरे नयनो की आप रोशनी हो बनी

आप बिन कुछ ना देखूँ है खुद से ठनी

ज्योति को यूँ ना दृग से जुदा किजिए

दिल पे दस्तक .......

मद में ही मै भटकता रहा दर-बदर

रास आई तन्हाई मुझे इस कदर

इस तन्हाई को अपना पता दिजिए

दिल पे दस्तक .......

दिल में दर्दे हिज्र की अब तामीर हो रही

ख्वाब में आपके मेरा जिक्र भी नही

दश्ते-बेकसी से अब तो फना किजिए

दिल पे दस्तक…

Continue

Posted on May 19, 2016 at 11:30am — 8 Comments

ख्वाब

ख्वाब!

क्या है ये?

एक पल में राजा बना देता है

और दूसरे ही पल ..............

ज्योतिषियों के लिए तो दूर दृष्टी है

और अनाडि़यों के लिए...

फ्री का सनिमा

मेहनतकश के लिए उसकी मंजिल

हमारे और आपके लिए ..........

कभी खुद भी सोच लिया करो!

ख्वाब के रंग कई रुपो में बिखरे हैं

बच्चे, बूढे, जवान

सभी अलग-अलग रुपो में

इसका दीदार करते हैं

कोई परियों के साथ खेलता है तो

किसी को अपना भविष्य नजर आता है

और किसी को उसके परिश्रम का परिणाम

ख्वाब की…

Continue

Posted on August 10, 2015 at 5:13pm — 6 Comments

इक-इक पग

डगर कठिन है

मंजिल से पहले पग रुकता है

फिर हौसलों के सहारे

एक-एक पग आगे बढता हूँ

गिरता हूँ, संभलता हूँ

क्या?

मंजिल भी

मेरे इस परिश्रम को देख रही होगी

क्या?

वह भी जश्न मनायेगी

मेरे वहाँ पहुँचने पर

कभी-कभी

ये उत्कण्ठा भी उत्पन्न हो जाती  हैं

फिर विचार आता है!

मंजिल जश्न मनाये या ना मनाये

उसे पा तो लूँगा, उसे चुमूँगा

दुनिया को दिखाउँगा कि

इसी के लिए मैने अथक प्रयास किया है

और अनवरत ही चलता रहता हूँ

इक-इक पग बढाते…

Continue

Posted on March 19, 2015 at 7:20pm — 8 Comments

खुशनसीब (लघुकथा)

दोनो बचपन की सहेलियाँ शादी होने के बहुत दिनो बाद मिली थीं. सारे दुःख-दर्द बाँटे जा रहे थे.
"मैं बहुत खुशकिस्मत हूँ जो उनके जाने के बाद मुझे रोहन जैसे पति का साथ मिला जो हरपल मेरा ख्याल रखता है." पहली सहेली के चेहरे पर मुस्कान थी।.
"एक पति मेरा है, आधी रात के बाद पी के आता है, और मार-पीट के सो जाता है, ये दारु उसे कहीं ले भी तो नही जाती.
दूसरी की आँखों से बरबस ही आँसू छलक पड़े!

"मौलिक व अप्रकाशित"

Posted on November 6, 2014 at 2:30pm — 24 Comments

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:54pm on September 25, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

आपका ह्रदय से स्वागत, आदरणीय पवन जी. सादर!

At 8:23am on September 25, 2014, vijay nikore said…

Thanks for extending the hand of friendship, Pawan ji. May you flourish.

Vijay Nikore

At 10:30am on August 28, 2014, Dr Ashutosh Mishra said…

पवन जी ..आपके मित्रों की सोची में शामिल होना मेरे लिए सुखद अहसास है ..सादर 

At 8:59pm on August 22, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

पवन जी

आपका स्वागत i आप काव्य गोष्ठी में भी आये i  मित्रता को  अविस्मर्णीय बनाएं i सादर i

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

रवि भसीन 'शाहिद' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( उकता गया हूँ इनसे मेरे यार कम करो....)
"आदरणीय सालिक गणवीर साहिब, आपको इस ग़ज़ल के लिए बहुत बधाई! आपकी कलम चल रही है, सो यूँ ही चलाते रहिये -…"
7 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post ग़ज़ल -पुराने गाँव की अब भी कहानी याद है हमको
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' साहिब, वाह वाह! सात अशआर में आपने गुज़रे हुए ज़माने…"
40 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Neeta Tayal's blog post रोटी
"आ. नीता जी, सादर अभिवादन । एक अच्छी रचना के लिए हार्दिक बधाई । साथ ही निवेदन है कि अन्य रचनाकारों…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post ग़ज़ल -पुराने गाँव की अब भी कहानी याद है हमको
"आ. भाई सुरेंद्र नाथ जी, सादर अभिवादन । उत्तम गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तेरे ख्वाहिशों के शह्र में- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति सराहना व सलाह के लिए हार्दिक आभार । जहाँ तक…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post वर्षा के दोहे -१
"आ. भाई सुरेंद्र नाथ जी, सादर अभिवादन । दोहों पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार ।"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-117
"आ. भाई दयाराम जी, गजल पर उपस्थिति व प्रशंसा के लिए सादर आभार।"
7 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-117
"  श्री सतविन्दर कुमार राणा, आपने ज़हमत की और अलग- अलग विधाओं मे लिखी हुई प्रस्तुतियों की…"
7 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Ajay Tiwari's discussion उर्दू शायरी में इस्तेमाल की गईं बह्रें और उनके उदहारण - I in the group ग़ज़ल की कक्षा
"जनाब अजय तिवारी जी आदाब, इस शानदार जानकारी को साझा करने के लिए आपको बहुत बधाईयाँ और आभार।…"
7 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( उकता गया हूँ इनसे मेरे यार कम करो....)
"जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है, कई उम्दा शैर हुए हैं बधाई स्वीकार करें। जनाब…"
7 hours ago
सालिक गणवीर replied to Ajay Tiwari's discussion उर्दू शायरी में इस्तेमाल की गईं बह्रें और उनके उदहारण - I in the group ग़ज़ल की कक्षा
"आदरणीय अजय तिवारी जी सादर अभिवादन इतनी महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आपको कितना भी शुक्रिया अदा…"
7 hours ago
Neelam Dixit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-117
"प्रोत्साहन के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीय मैठाणी जी।"
8 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service