कवि - राज बुन्दॆली commented on कवि - राज बुन्दॆली's blog post आगॆ बढ़ कॆ बता,,,,
rajesh kumari commented on कवि - राज बुन्दॆली's blog post आगॆ बढ़ कॆ बता,,,,
कवि - राज बुन्दॆली commented on कवि - राज बुन्दॆली's blog post इतनी रात गयॆ,,,,,,,,,,
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satish mapatpuri commented on कवि - राज बुन्दॆली's blog post आगॆ बढ़ कॆ बता,,,,
PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA commented on कवि - राज बुन्दॆली's blog post आगॆ बढ़ कॆ बता,,,,
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कवि - राज बुन्दॆली commented on कवि - राज बुन्दॆली's blog post आगॆ बढ़ कॆ बता,,,,
CHOTU SINGH commented on कवि - राज बुन्दॆली's blog post आगॆ बढ़ कॆ बता,,,,Posted on April 23, 2012 at 1:30pm 31 Comments 1 Like
आगॆ बढ़ कॆ बता,,,,
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हिम्मत है तॊ आगॆ बढ़ कॆ बता ॥
बिहार वाली ट्रॆन मॆं चढ़ कॆ बता ॥१॥
बिना टिकट गांव चला जायॆगा,…
Posted on April 22, 2012 at 6:30pm 14 Comments 0 Likes
इतनी रात गयॆ,,,
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इतनी रात गयॆ सपनॊं की नगरी मॆं, एकांकी आना ठीक नहीं ॥
आयॆ हॊ तॊ ठहरॊ रात गुज़रनॆ दॊ, अब वापस जाना ठीक नहीं ॥
मिलना चाहा तुमसॆ पर,आस अधूरी रही…
Posted on March 13, 2012 at 6:30pm 16 Comments 0 Likes
दिल कितनॆ करीनॆ सॆ रखतॆ हैं,,,
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…
ContinuePosted on March 11, 2012 at 1:42am 15 Comments 0 Likes
साहिल पॆ जिसनॆ मुझकॊ,,,,,,,
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आँचल हया का सर सॆ सरकनॆ नहीं दिया ॥
चॆहरॆ पॆ दिल का ग़म भी झलकनॆ नहीं दिया ॥
तॆबर अना कॆ, उनकॆ, कभी ख़म नहीं हुयॆ,…
Continue
DEEPAK SHARMA KULUVI said… WAH JI WAH SUNDAR RACHNAYEN
neeraj said… आप सभी का कोटि सा आभार ....आप की सराहना ही संजीवनी है मेरी दम तोडती रचनाओ के लिए आपका .........................नीरज
neeraj said… aapka swagat hai sir jee hardik dhanybad ..............neeraj
neeraj said… ज़िन्दगी कॆ रंग,,,,,,,, बहती गंगा मॆं,,,,, इशारॊं-इशारॊं सॆ नहीं आती,,,,,,,, aadi aapki sabhi rachnaye sone par suhaga hai aap badhai k patr hai aapka apna hi..neeraj
neeraj said… sarahana ki liye bahut bahut dhanyabad.................neeraj
Admin said… आदरणीय राज बुन्देली जी
पूर्व में आपके कमेंट्स बॉक्स पर ओ बी ओ नियमो का हवाला देते हुए पूर्व प्रकाशित रचनाओं को ओ बी ओ पर पोस्ट करने से मना किया गया था, किन्तु फिर भी लगातार पूर्व प्रकाशित रचनाएँ ओ बी ओ पर अनुमोदन हेतु आपके द्वारा पोस्ट किया जा रहा है |
ऐसा लग रहा है कि ओ बी ओ नियमों का पालन करने में आपकी रूचि नहीं है, आपसे पुनः नम्र निवेदन है कि ओ बी ओ नियमों का पालन करते हुए किसी भी वेब साईट / ब्लॉग स्पोट आदि पर पूर्व प्रकाशित रचनाओं को ओ बी ओ पर प्रकाशन हेतु न भेजे, यहाँ केवल अप्रकाशित रचनाएँ ही स्वीकार कि जाती है | कृपया सहयोग करे |
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन
Admin said… प्रिय सदस्य
आपकी रचना अनुमोदन हेतु प्राप्त है, किन्तु यह रचना पूर्व प्रकाशित होने के कारण अनुमोदित नहीं किया जा सकता, ओपन बुक्स ऑनलाइन के नियमानुसार केवल अप्रकाशित रचनाओं का ही अनुमोदन किया जाता है, अधिक जानकारी हेतु नीचे दिए गए लिंक पर ओ बी ओ नियम देखे |
http://www.openbooksonline.com/page/5170231:Page:12658
आपका
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन
PREETAM TIWARY(PREET) said… आदरणीय कवि राजबुन्देली जी,
आपकी कविता को महीने का सर्वश्रेस्थ ब्लॉग चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई.....आशा है आयेज भी आपकी रचनाएँ ऐसे ही पढ़ने को मिलती रहेंगी....
आपका
प्रीतम तिवारी(प्रीत)
Ganesh Jee "Bagi" said… आदरणीय कवि राजबुन्देली जी,
प्रणाम !
आपकी कविता को महीने का सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग (Best Blog of the Month) चुने जाने पर बधाई स्वीकार करे, उम्मीद है कि आगे भी आप कि रचनायें और अन्य रचनाओं पर आपकी बहुमूल्य टिप्पणियाँ पढ़ने को मिलती रहेगी,
आपका
गनेश जी "बागी"
Admin said… आदरणीय कवि राजबुन्देली जी ,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की कविता "श्रृँगार नहीं अंगार लिखूंगा" को महीने का सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग (Best Blog of the Month) के रूप मे सम्मानित किया गया है तथा ओपन बुक्स ऑनलाइन के मुख्य पृष्ठ पर आपके छाया चित्र के साथ स्थान दिया गया है,
इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे,धन्यवाद,
आपका
एडमिन
OBO
आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
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कुछ आवश्यक लिंक्स
| 2-ग़ज़ल तक्तीह प्रणाली पर एक चर्चा | 3-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -1, | 4-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -2 |
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