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PHOOL SINGH
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Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post रानी ताराबाई
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 18
PHOOL SINGH posted a blog post

रानी ताराबाई

भारत वर्ष के इतिहास में नारियों की उपलब्धियों की जितनी बातें की जाये उतनी ही कम है| भारत के एक वीर नारी के बारे में पढ़ो तो दूसरी के बारे में अपने आप ही उत्सुकता जाग जाती है| उन महान योद्धाओं के व्यक्तित्व, साम्राज्य, युद्ध रणनीति और उनके कौशल को अधिक से अधिक जानने का मन करता है| वर्तमान में औरंगज़ेब लगभग समूचे उत्तर भारत को जीतने के पश्चात दक्षिण में अपने पैर जमा चुका था| अब उसकी इच्छा थी कि वह पश्चिमी भारत को भी जीतकर पूरे भारत पर मुग़ल साम्राज्य की विजय पताका फहरा दे| औरंगज़ेब ने अब तक लगभग…See More
Aug 16
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post हौंसला बुलंद कर
"आ. भाई फूल सिंह जी, सादर अभिविदन । अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई । मेरे हिसाब से तीसरी पंक्ति में आया शब्द "गोर्वित" नहीं "गर्वित" होना चाहचाहिए । देेखििएगा।"
Aug 5
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on PHOOL SINGH's blog post हौंसला बुलंद कर
"अच्छी रचना है सिंह साहब..."
Aug 4
PHOOL SINGH posted a blog post

हौंसला बुलंद कर

मुँह लटकाए बैठा है क्यूँहौंसला अपना बुलंद करगोर्वित वंश का वंशज है तूनिडर होकर आगे बढ़ || कदम चूमेगी मंजिल एक दिनअनिश्चितता ना हृदय धरकट जायेगी दुख की घड़ियाँइसकी ना तू चिंता कर || हर पल हर क्षण वक़्त बदलताइसके संग तू खुद को बदल कर्तव्य धर्म की पुजा करकर्मठता संग तू आगे बढ़ || स्वर्ण इतिहास है तेरे वंश काउसकों तू ना कलंकित करसमस्याओ से यदि टूट जाएगा तोलक्ष्य प्राप्ति भूल के चल || उत्साहवर्धन करती उनकी गाथात्याग बलिदान को याद तो करआशीष चाहिए उनका यदि तो  शीश चुका, नमन तो कर ||मौलिक व अप्रकाशित See More
Aug 2
SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR commented on PHOOL SINGH's blog post अज़ीज़न बाई
"बहुत सुन्दर आलेख, वीरों का सदा मान होना ही चाहिए, देश हित सर्वोपरि है, नमन ऐसे विभूतियों को"
Jul 26
PHOOL SINGH posted a blog post

अज़ीज़न बाई

भारतवर्ष क्रांतिकारी महापुरुषों और वीरांगनाओं से भरा पड़ा है जिनके बारे में जितना पढ़ा जाये कम ही नजर आता है| कभी-कभी तो ऐसा लगता है पता नहीं किस मिट्टी के बने होते होंगे वे लोग जो देश के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने ले लिए हर वक़्त तैयार रहते थे| इस संघर्ष में उच्च, पिछड़े समाज और दलित समुदायों से आने वाली औरतों के साथ-साथ बहुत सी भटियारिनें या सराय वालियां, तवायफे भी थीं| जिनके सरायों में विद्रोही योजनाएं बनाते थे जाने कितनी तो कलावंत और तवायफ़ें भी जो इस आजादी के संग्राम में मददगार थीं| उन्होनें…See More
Jul 23
PHOOL SINGH posted a blog post

ऊदा देवी

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर नारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था| इस प्रथम स्वाधीनता संग्राम में देश के सभी वर्गों ने अपनी-अपनी हैसियत के अनुसार उसमे योगदान देने में अपना पूरा सहयोग दिया| इस संग्राम में भाग लेने वाली नारियों ने अपने धर्म जाति की परवाह किए बिना अपने त्याग और बलिदान की एक अनोखी मिशाल पेश की और आने वाली पीढ़ियो के लिए मार्गदर्शक बनी| प्रथम भारतीय विद्रोह की सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें केवल शाही राजघरानो या कुलीन पृष्ठभूमि वाली नारियों ने ही भाग नहीं लिया था…See More
Jul 22
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post बेगम हज़रत महल
" भाई आजकल एक पुस्तक लिख रहा हूँ भारत की वीरांगनाए के नाम से उसी की एक एक कहानी डाल रहा हूँ ओपन बुक्स पर जब पब्लिश हो जाएगी तो जरूर लेना आप इसमे इतिहास की 50 मुख्य मुख्य नारियों की वीर गाथा लिख रहा हूँ काफी पढ़ना पड़ रहा है  जहां कहीं से भी…"
Jul 18
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on PHOOL SINGH's blog post बेगम हज़रत महल
"आद0 फूल सिंह जी सादर अभिवादन।बढ़िया लिखा है आपने। एक बात मन में चल रही है मेरे।इन बातों का इतिहास कहाँ से लाते हैं।त"
Jul 18
PHOOL SINGH posted a blog post

बेगम हज़रत महल

बेगम हज़रत महल भारतवर्ष की आज़ादी में कई सारे क्रांतिकारी वीर-वीरांगनाओं ने अपना पूरा योगदान दिया | यहाँ तक कि भारत माँ के सम्मान, स्वाभिमान और इसकी आजादी को बचाने के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया| बेगम हज़रत महल का व्यक्तित्व उस समय भारतीय समाज की सामंत मान्यताओ में बंधी नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है | ऐसे में रानी लक्ष्मीबाई का चरित्र हमारे समाज की सशक्त महिला व देवी तुल्य भाव को प्रदर्शित करता है| सोचने की बात यह है कि अलग-अलग परिस्थितियों से आई दोनों नारियाँ कैसे समाज में एक आदरणीय…See More
Jul 16
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post रानी अच्छन कुमारी
"लक्ष्मण मेरा उत्साह वर्धन करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद "
Jul 14
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post रानी अच्छन कुमारी
"आ. भाई फूलसिंह जी, महत्वपू्ण ऐतिहासिक जानकारी की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई ।"
Jul 14
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post रानी अच्छन कुमारी
"आपका बहुत धन्यवाद सर जी"
Jul 14
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on PHOOL SINGH's blog post रानी अच्छन कुमारी
"बड़ी लम्बी ऐतिहासिक घटना लिखी है आपने। बहुत कुछ शोध का विषय है। अच्छा लगा इतिहास पढ़कर। बधाई स्वीकार कीजिये"
Jul 13
PHOOL SINGH posted a blog post

रानी अच्छन कुमारी

       भारतवर्ष के इतिहास में पृथ्वीराज चौहान को अपने समय का सबसे बड़ा योद्धा माना जाता है| जिसकी वीरता के किस्से उस समय पूरे भारत में गूंज रहे थे| पृथ्वीराज चौहान अजमेर राज्य का स्वामी बना तो उसके चाचा पृथ्वीराज को चौहान राज्य का वास्तविक अधिकारी नहीं मानते थे। इसी कारण पृथ्वीराज के चाचा अपरगांग्य ने पृथ्वीराज के विरुद्ध विद्रोह कर दिया तो पृथ्वीराज ने अपने चाचा को परास्त कर उसकी हत्या कर दी। इस पर पृथ्वीराज के दूसरे चाचा व अपरगांग्य के छोटे भाई नागार्जुन ने पृथ्वीराज के विरुद्ध विद्रोह करके…See More
Jul 13

Profile Information

Gender
Male
City State
DELHI
Native Place
DELHI
Profession
KALSHANIA CONSULTANCY
About me
NOTHING MUCH

जीवन संगिनी

हार हार का टूट चुका जब

तुमसे ही आश बाँधी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

मजबूर नहीं मगरूर नहीं मैं 

मोह माया में चूर नहीं मैं

साथ तुम्हारा मिल जाए तो

लक्ष्य से भी दूर नहीं मैं ||

 

सुख दुःख की घटना तो

जीवन में घटती रहती है

छोटी छोटी नोक झोंक भी

हर रिश्ते में होती है 

छोड़ न देना साथ निभाना

तुमसे, प्रेम की डोर जो बाँधी है||

 

गलत किये थे कुछ निर्णय

ये बात भी स्वीकारी है

मैं  गलत और तुम सही

गलती मैंने मानी है

मझधार में फसीं जिंदगी की

नैया पार लगानी है||

 

जीवन संगिनी बनकर,

मेरी जिंदगी, सँवारी है

घर नहीं मेरे दिल में रहना

बस ख़्वाहिश ये हमारी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

PHOOL SINGH's Blog

रानी ताराबाई

भारत वर्ष के इतिहास में नारियों की उपलब्धियों की जितनी बातें की जाये उतनी ही कम है| भारत के एक वीर नारी के बारे में पढ़ो तो दूसरी के बारे में अपने आप ही उत्सुकता जाग जाती है| उन महान योद्धाओं के व्यक्तित्व, साम्राज्य, युद्ध रणनीति और उनके कौशल को अधिक से अधिक जानने का मन करता है| वर्तमान में औरंगज़ेब लगभग समूचे उत्तर भारत को जीतने के पश्चात दक्षिण में अपने पैर जमा चुका था| अब उसकी इच्छा थी कि वह पश्चिमी भारत को भी जीतकर…

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Posted on August 13, 2020 at 7:30pm — 1 Comment

हौंसला बुलंद कर

मुँह लटकाए बैठा है क्यूँ

हौंसला अपना बुलंद कर

गोर्वित वंश का वंशज है तू

निडर होकर आगे बढ़ ||

 

कदम चूमेगी मंजिल एक दिन

अनिश्चितता ना हृदय धर

कट जायेगी दुख की घड़ियाँ

इसकी ना तू चिंता कर ||

 

हर पल हर क्षण वक़्त बदलता

इसके संग तू खुद को बदल

 कर्तव्य धर्म की पुजा कर

कर्मठता संग तू आगे बढ़ ||

 

स्वर्ण इतिहास है तेरे वंश का

उसकों तू ना कलंकित कर

समस्याओ से यदि टूट जाएगा…

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Posted on August 1, 2020 at 1:30pm — 2 Comments

अज़ीज़न बाई

भारतवर्ष क्रांतिकारी महापुरुषों और वीरांगनाओं से भरा पड़ा है जिनके बारे में जितना पढ़ा जाये कम ही नजर आता है| कभी-कभी तो ऐसा लगता है पता नहीं किस मिट्टी के बने होते होंगे वे लोग जो देश के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने ले लिए हर वक़्त तैयार रहते थे| इस संघर्ष में उच्च, पिछड़े समाज और दलित समुदायों से आने वाली औरतों के साथ-साथ बहुत सी भटियारिनें या सराय वालियां, तवायफे भी थीं| जिनके सरायों में विद्रोही योजनाएं बनाते थे जाने कितनी तो कलावंत और…

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Posted on July 22, 2020 at 5:00pm — 1 Comment

ऊदा देवी

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर नारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था| इस प्रथम स्वाधीनता संग्राम में देश के सभी वर्गों ने अपनी-अपनी हैसियत के अनुसार उसमे योगदान देने में अपना पूरा सहयोग दिया| इस संग्राम में भाग लेने वाली नारियों ने अपने धर्म जाति की परवाह किए बिना अपने त्याग और बलिदान की एक अनोखी मिशाल पेश की और आने वाली पीढ़ियो के लिए मार्गदर्शक बनी| प्रथम भारतीय विद्रोह की सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें केवल शाही राजघरानो या कुलीन पृष्ठभूमि वाली नारियों ने ही भाग नहीं लिया था…

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Posted on July 19, 2020 at 3:30am

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