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ओ.बी.ओ.की 9 वी सालगिरह का तुहफ़ा

है उजागर ये हक़ीक़त ओ बी ओ

मुझको है तुझसे महब्बत ओ बी ओ

तेरे आयोजन सभी हैं बेमिसाल

तू अदब की एक जन्नत ओ बी ओ

कहते हैं अक्सर ,ये भाई योगराज

तू है इक छोटा सा भारत ओ बी ओ

सीखने वाले यही कहते सदा

तू करे बे लौस ख़िदमत ओ बी ओ

सबके दिल में बन गया है घर तेरा

सबके दिल में तेरी चाहत ओ बी ओ

मैं हूँ दीवाना तेरा सब जानते

तू मेरे दिल की है राहत ओ बी ओ

जुड़ गया है जो भी दामन से तेरे

दिल से करता है वो इज़्ज़त ओ बी ओ

चाहने वाले हज़ारों हैं तेरे

है ये तेरी क़द्र-ओ-क़ीमत ओ बी ओ

दिल से निकली है "समर" के ये दुआ

तू रहे सदियों सलामत ओ बी ओ

"समर कबीर"

मौलिक/अप्रकाशित

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Comment by Samar kabeer on April 3, 2019 at 10:25am

जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका धन्यवाद ।

Comment by Samar kabeer on April 3, 2019 at 10:24am

जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका धन्यवाद ।

Comment by Samar kabeer on April 3, 2019 at 10:22am

जनाब बासुदेव अग्रवाल जी आदाब,ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका धन्यवाद ।

Comment by प्रदीप देवीशरण भट्ट on April 3, 2019 at 10:09am

क्या कहने जनाब

Comment by विनय कुमार on April 2, 2019 at 5:50pm

बहुत बेहतरीन लिखा हैं आपने ओ बी ओ के बारे में, बहुत बहुत बधाई क़ुबूल कीजिये आ मुहतरम समर कबीर साहब

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on April 2, 2019 at 5:09pm

मुहतरम जनाब समर साहिब आ दाब  , ओ बी ओ की 9वीं वर्ष गांठ पर उम्दा ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l 

Comment by Md. Anis arman on April 1, 2019 at 11:03pm

बहुत ख़ूब सर बेहतरीन आप से बढ़ के obo का आशिक़ कोई नहीं |

तू रहे हरदम सलामत ऐ समर 

मांगती  है बस ये मन्नत ओ बी ओ |

Comment by Hariom Shrivastava on April 1, 2019 at 6:06pm

वाह,वाहहह और वाहहहहह। ओबीओ की नौवीं वर्षगाँठ पर ओबीओ की विशेषताएँ व महत्त्व बताती शानदार व कमाल की ग़ज़ल। दिली मुबारक आदरणीय समृ कबीर साहब।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on April 1, 2019 at 5:05pm

आदाब। सभी परिवारजन/सदस्यगण के दिल की बात पिरोती ग़ज़ल हेतु बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार।

ओपनबुक्सओनलाइनडॉटकॉम-साहित्य-पत्रिका-वेबसाइट-परिवारजन को नौवीं वर्षगांठ पर हार्दिक बधाइयां और शुभकामनाएं।

Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on April 1, 2019 at 12:40pm

वाह आ0 समर साहिब ओ बी ओ के नवम वार्षिक दिवस के उपलक्ष्य में सुंदर भेंट।

तू रहे आबाद सालों साल तक,

तू ही है सबकी अमानत ओ बी ओ।

तू

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