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Hariom Shrivastava
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vijay nikore commented on Hariom Shrivastava's blog post दोहे - (गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में)
"दोहे अच्छे लगे। बधाई।"
Jul 13
Nilesh Shevgaonkar commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद - (जी एस टी पर)
"मौलिक और अप्रकाशित लिखना आवश्यक है नियमों के तहत. सादर "
Jul 11
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on Hariom Shrivastava's blog post दोहे - (गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में)
"आ० गए  के स्थान पर गये  तथा क्षमताए  के स्थान पर क्षमताये  उपयक्त होगा . सादर ."
Jul 10
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on Hariom Shrivastava's blog post दुमदार दोहे --
"आ० अनुज भंडारी जी हिन्दी में  यदि अनुस्वार चन्द्र  के साथ है तो वह  एक मात्रिक ही होता है आतः यहाँ  सँग की मात्रा 11  ही है जो सही है ------------ पर  ----ताजो तख्त  के प्रयोग से बचना चाहिए था . …"
Jul 10
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post दुमदार दोहे --
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,बहुत ख़ूब वाह, अच्छा सन्देश दे रहे हैं आपके दुमदार दोहे,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 10

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Hariom Shrivastava's blog post दुमदार दोहे --
"आदरनीय हरि ओम भाई , जीवन से जुड़े दुम दार होहों के लिये आपको हार्दिक बधाइयाँ । आदरणीय - संग = 21 लिया जना चाहिये ,,, सँग में प्रभु का ध्यान   ... की मात्रा 12 हो रहीं हैं"
Jul 10
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post दोहे - (गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में)
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,गुरु पूर्णिमा पर गुरु को समर्पित बहुत उम्दा दोहे रचे आपने,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें । हर दोहे की दूसरी पंक्ति में 'जान सके तो जान'लेने का कोई विशेष कारण है क्या ?"
Jul 10
Mohammed Arif commented on Hariom Shrivastava's blog post दुमदार दोहे --
"आदरणीय हरिओम जी आदाब,बेहतरीन दुमदार दोहों की प्रस्तुति । बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 10
Mohammed Arif commented on Hariom Shrivastava's blog post दोहे - (गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में)
"आदरणीय हरिओम जी आदाब, गुरु की गरिमा-गौरव को रेखांंकित करते बेहतरीन दोहे ।बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 10
laxman dhami commented on Hariom Shrivastava's blog post दोहे - (गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में)
"भाई हरिओम जी सारगर्भित दोहों के लिए हार्दिक बधाई।"
Jul 10
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Hariom Shrivastava's blog post दुमदार दोहे --
"आद0 हरिओम श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन, अच्छे दुमदार दोहे बन पड़े है। बधाई स्वीकारें।"
Jul 10
Hariom Shrivastava posted blog posts
Jul 9
laxman dhami commented on Hariom Shrivastava's blog post दुमदार दोहे --
"भाई हरिओम जी अति उत्तम दुमदार दोहे हुए है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
Jul 9
रामबली गुप्ता commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद - (जी एस टी पर)
"यदि शिल्प गेयता प्रवाह और अंतर्निहित भावों के सम्प्रेषणीयता की बात करें तो आद0 भाई हरिओम जी आपकी दोनों कुण्डलियाँ बहुत ही सुंदर तथा सफल हुई हैं और अव्वल इसके लिए आप बधाई स्वीकार करें। अब आतें हैं विषय पर इस संदर्भ में मै आदरणीय भाई समर कबीर साहब से…"
Jul 6
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद - (जी एस टी पर)
"आपकी बात बिल्कुल सही है कि एक कवि का यही धर्म है कि वो देश के हालात पर क़लम चलाये,लेकिन आप ये भी जानते हैं कि जी ऐस टी के बारे में कुछ लोग इसे पसन्द नहीं कर रहे हैं और इस के लिये मुल्क में कई जगह आंदोलन भी हुए,ऐसी हालत में जब आप इसकी तारीफ़ में…"
Jul 3
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद - (जी एस टी पर)
"हार्दिक आभार आदरणीय Samar Kabeer जी। आपका कहना सही है। ये साहित्यिक मंच है, यहाँ राजनीति से संबंधित रचनाएं नहीं होनी चाहिए। किंतु ये रचना राजनैतिक कैसे कही जाएगी। जी एस विषय है,एक ऐसा विषय जो सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाएगा। हम भारत के नागरिक…"
Jul 3

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, M.P.
Native Place
Datia, M.P.
Profession
Former Commercial Tax Officer

Comment Wall (2 comments)

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At 4:56pm on April 20, 2017, Hariom Shrivastava said…
सादर आभार आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी।
At 9:53pm on April 1, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

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दोहे - (गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में)

आई है गुरु पूर्णिमा, इसका लें संज्ञान।

गुरु हैं सागर ज्ञान के, जान सके तो जान।।1।।



कोई कितना भी रहे, अद्भुत प्रतिभावान।

गुरु ही उसे निखारते, जान सके तो जान।।2।।



मठाधीश जो बन गए, बाँट रहे हैं ज्ञान।

उनके असली रूप को, जान सके तो जान।।3।।



गुरु की महिमा जानिए, गुरु बिन मिले न ज्ञान।

गुरु में प्रभु का रूप है, जान सके तो जान।।4।।



गुरु चाहें तो डाल दें, मुर्दे में भी जान।

क्षमताएं उनकीं अनत, जान सके तो जान।।5।।

(मौलिक व… Continue

Posted on July 9, 2017 at 6:34pm — 5 Comments

दुमदार दोहे --

1-

कौन सुखी संसार में, जिसे न हो व्यवधान।

होती बुद्धि विवेक से, हर मुश्किल आसान।।

निरापद किसको देखा।।

2-

विपदा हो जब सामने, मुश्किल में हो जान।

ऐसे में हिम्मत रखें, सँग में प्रभु का ध्यान।।

आपदा टल जाएगी।।

3-

मुश्किल का मिलता नहीं, जब कोई भी तोड़।

अंदर ही अंदर वही, लेती रक्त निचोड़।।

आदमी घुटता रहता।।

4-

होती मुश्किल वक्त में, रिश्तों की पहचान।

सब दिन होते हैं नहीं, हरदम एक समान।।

परख सबकी हो जाती।।

5-

चुप रहकर… Continue

Posted on July 8, 2017 at 11:46pm — 6 Comments

कुण्डलिया छंद - (जी एस टी पर)

1-

आया है जी एस टी, ऐसा एक विधान।

सुगम रहेगा टैक्स यह, मिटे सभी व्यवधान।।

मिटे सभी व्यवधान, प्रणाली सरल रहेगी।

फैलेगा व्यापार, चैन की गंग बहेगी।।

कर की दरें समान, हटा जाँचों का साया।

भारत भर में आज, एक ऐसा कर आया।।

2-

सारी जनता खुश हुई, जागी आधी रात।

लगता है जी एस टी, बदलेगा हालात।।

बदलेगा हालात, यही कहकर भरमाया।

ऐसे खुश हैं लोग, लगा जैसे कुछ पाया।।

बना दिया माहौल, प्रचारित करके भारी।

देना होगा टैक्स, मगर खुश जनता… Continue

Posted on July 2, 2017 at 12:46am — 5 Comments

दुमदार दोहे --

जिसको जो मिलता नहीं, वही लगे बस खास।
वह सब लगता तुच्छ सा, जो है जिसके पास।।
कभी संतुष्टि न होती।

जीवनभर होता नहीं, इच्छाओं का अंत।
जो इनको वश में करे, उसे मानिए संत।।
सुखी रहता संतोषी।
(मौलिक व अप्रकाशित)
**हरिओम श्रीवास्तव**

Posted on June 27, 2017 at 11:44pm — 10 Comments

 
 
 

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