For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Hariom Shrivastava
Share
 

Hariom Shrivastava's Page

Latest Activity

Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post सार छंद -
"आदरणीया Dr.Prachi Singh जी, आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया से सृजन सार्थक हुआ। आपका हार्दिक आभार।"
Nov 13, 2017
Hariom Shrivastava's blog post was featured

सार छंद -

गांधी के सपनों का भारत, कौन बनाए पूरा।देखा था जो राष्ट्रपिता ने, सपना रहा अधूरा।।जात-पाँत का भेद मिटेगा,अमन चैन आएगा।श्रमजीवी घर में दो रोटी, सुबह शाम खाएगा।।1।।सब हाथों को काम मिलेगा, हर घर में उजियारा।कृषक और मजदूर कभी भी, फिरे न मारा-मारा।।हस्तशिल्प लघु उद्योगों को, मूल्य मिलेगा पूरा।चढ़े न कर्जा कभी कृषक पर, खाये भाँग धतूरा।।2।।धर्म पंथ में बाँटा किसने, क्यों तकरार मचाई।वितरण भी असमान हो रहा, बढ़ती जाती खाई।।जैसे यहाँ रेवड़ी कोई, बाँट रहा हो सूरा।इसीलिए बापू का अब तक, सपना रहा…See More
Nov 7, 2017

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"बहुत खूबसूरत सामयिक विषय पर छंद लिखा है..सचमुच मज़ा आ गया बांच कर शिल्प पर शुद्ध है लेकिन "कभी भी"???? सिर्फ कभी ही पूर्ण भाव को व्यक्त करने में समर्थ है ..तो भी का अतिक्रमण क्यों ......ऐसे शब्दों से बच कर सम्प्रेषण में कथ्य सांद्रता…"
Nov 6, 2017
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"वाह आदरणीय सुन्दर छंद रचना हुई सादर"
Nov 6, 2017
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Hariom Shrivastava's blog post सार छंद -
"बहुत ही सुन्दर यथार्थपरक रचना हुई आदरणीय.."
Nov 6, 2017
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Nov 6, 2017
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,बढ़िया कुण्डलिया छन्द रचा,बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 5, 2017
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post सार छंद -
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,बहुत उम्दा सारछन्द लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 5, 2017
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"सुंदर और सामयिक "
Nov 5, 2017
SALIM RAZA REWA commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"ख़ूबसूरत रचना के लिए बधाई"
Nov 5, 2017
Mohammed Arif commented on Hariom Shrivastava's blog post सार छंद -
"आदरणीय हरिओम जी आदाब, दर्द-पीड़ा, आशा, साथ लेकर चलने की बात और साथ ही विकास सपनों के साकार करने की सामयिक रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 5, 2017
Hariom Shrivastava commented on Samar kabeer's blog post "अभी इक आदमी बाक़ी है जो इंकार कर देगा"
"वाहह,वाहहहहह,लाजवाब गजल। सभी ख्याल एक से एक बढ़कर।"
Nov 4, 2017
Hariom Shrivastava posted blog posts
Nov 4, 2017
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post सार छंद -
"आदरणीया Rajesh Kumari जी,आपकी सराहनीय प्रतिक्रिया से सृजन सार्थक हुआ। इस उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार।"
Nov 3, 2017
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post सार छंद -
"आदरणीय Sushil Sarana जी,आपकी विशद व समीक्षात्मक प्रतिक्रिया से सृजन सार्थक हुआ। इस उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार।"
Nov 3, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Hariom Shrivastava's blog post सार छंद -
"वाह बहुत सुंदर सार्थक प्रस्तुती दी है सार छंद में आद० हरिओम श्री वास्तव जी बहुत बहुत बधाई   "
Nov 3, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, M.P.
Native Place
Datia, M.P.
Profession
Former Commercial Tax Officer

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 4:56pm on April 20, 2017, Hariom Shrivastava said…
सादर आभार आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी।
At 9:53pm on April 1, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

Hariom Shrivastava's Blog

कुण्डलिया छंद -

कैसी खिचड़ी पक रही, कैसा है ये खेल।
घी खिचड़ी किसको मिले, किसको खिचड़ी तेल।।
किसको खिचड़ी तेल, कौन खायेगा रूखी।
जनता जो है आम, रहेगी फिर भी भूखी।।
खिचड़ी की औकात, कभी भी थी क्या ऐसी।
अब यह चर्चा आम, पकेगी खिचड़ी कैसी।।
(मौलिक व अप्रकाशित)
**हरिओम श्रीवास्तव**

Posted on November 4, 2017 at 12:21pm — 6 Comments

सार छंद -

गांधी के सपनों का भारत, कौन बनाए पूरा।

देखा था जो राष्ट्रपिता ने, सपना रहा अधूरा।।

जात-पाँत का भेद मिटेगा,अमन चैन आएगा।

श्रमजीवी घर में दो रोटी, सुबह शाम खाएगा।।1।।



सब हाथों को काम मिलेगा, हर घर में उजियारा।

कृषक और मजदूर कभी भी, फिरे न मारा-मारा।।

हस्तशिल्प लघु उद्योगों को, मूल्य मिलेगा पूरा।

चढ़े न कर्जा कभी कृषक पर, खाये भाँग धतूरा।।2।।



धर्म पंथ में बाँटा किसने, क्यों तकरार मचाई।

वितरण भी असमान हो रहा, बढ़ती जाती खाई।।

जैसे यहाँ… Continue

Posted on November 3, 2017 at 3:23pm — 10 Comments

सरसी छंद -

1-

जब से जीवन में आया है, साथी तेरा प्यार।

तब से शीतल और सुगंधित,चलने लगी बयार।।

उठने लगा ज्वार नस-नस में, आभासित मधुमास।

प्रिय मैं तो धनवान हो गया, तुम हो मेरे पास।।

2-

आँखों ही आँखों में अलिखित, जब हो गया करार।

ख्वाब हकीकत होते देखा, मैंने पहली बार।।

पंख लगे मेरी खुशियों को, रहा न पारावार।

आसमान में उड़ा ले गया, साथी तेरा प्यार।।

3-

जीवन की अनजान डगर पर, कदम बढ़ाए साथ।

हम दोंनों ने थाम लिथा था, इक दूजे का हाथ।।

कभी-कभी संघर्षों… Continue

Posted on September 22, 2017 at 7:05pm — 4 Comments

दोहे - (गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में)

आई है गुरु पूर्णिमा, इसका लें संज्ञान।

गुरु हैं सागर ज्ञान के, जान सके तो जान।।1।।



कोई कितना भी रहे, अद्भुत प्रतिभावान।

गुरु ही उसे निखारते, जान सके तो जान।।2।।



मठाधीश जो बन गए, बाँट रहे हैं ज्ञान।

उनके असली रूप को, जान सके तो जान।।3।।



गुरु की महिमा जानिए, गुरु बिन मिले न ज्ञान।

गुरु में प्रभु का रूप है, जान सके तो जान।।4।।



गुरु चाहें तो डाल दें, मुर्दे में भी जान।

क्षमताएं उनकीं अनत, जान सके तो जान।।5।।

(मौलिक व… Continue

Posted on July 9, 2017 at 6:34pm — 5 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Rakshita Singh commented on Neeraj Mishra "प्रेम"'s blog post अंजामे दिल/ग़ज़ल
"आदरणीय नीरज जी बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ...  मैं भला हूँ किस तरह तुझसे अलग, मुझमें जो कुछ भी है…"
49 minutes ago
Mohammed Arif posted a blog post

कविता --पारदर्शिता

कितनी पारदर्शिता हैइस सदी मेंकिसानों की बर्बाद फसल कातगड़ा मुआवज़ा देने कीसरकार खुलेआम घोषणा कर रही…See More
4 hours ago
Mohammed Arif commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"आदरणीय नंदकीशोर दुबे जी आदाब,                    …"
4 hours ago
Mohammed Arif commented on रामबली गुप्ता's blog post गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता
"आदरणीय राम बली गुप्ता जी आदाब,                  …"
4 hours ago
Neeraj Mishra "प्रेम" posted a blog post

अंजामे दिल/ग़ज़ल

महफिलों से एक दिन जाना ही है । आख़िरश अंजामे दिल तनहा ही है ।क्या हुआ जो आज मै तड़पा बहुत, मुद्दतों…See More
5 hours ago
vijay nikore posted a blog post

काल कोठरी

काल कोठरीनिस्तब्धताअँधेरे का फैलावदिशा से दिशा है काला आकाशरात है मानो अँधेरे कीएक बहुत बड़ी…See More
5 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

बात दिल मे ही ठहर जाती है

2122 1122 22छू के साहिल को लहर जाती है ।रेत नम अश्क़ से कर जाती है ।।सोचता हूँ कि बयाँ कर दूं कुछ…See More
5 hours ago
Neeraj Mishra "प्रेम" commented on Neeraj Mishra "प्रेम"'s blog post इश्क कुछ इस तरह निबाह करो/ ग़ज़ल
"आदरणीय राम अवध जी बहुमूल्य जानकारी देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।"
10 hours ago
Neeraj Mishra "प्रेम" commented on Neeraj Mishra "प्रेम"'s blog post इश्क कुछ इस तरह निबाह करो/ ग़ज़ल
"बहुत बहुत हार्दिक आभार आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब"
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"बहुत सुंदर। हार्दिक बधाई आदरणीय नंदकिशोर दुबे जी।"
12 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत रोचक और सुंदर। हार्दिक बधाई आदरणीय  शरद सिंह ' विनोद' जी।"
12 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 82 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी।"
12 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service