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आपको तो दिल जलाना आ गया

2122 2122 212
जख्म  देकर  मुस्कुराना  आ   गया ।
आपको तो दिल जलाना आ गया ।।

काफिरों  की ख़्वाहिशें  तो  देखिये ।
मस्जिदों में सर झुकाना  आ गया ।।

दे गयी बस इल्म इतना मुफलिसी ।
दोस्तों  को  आजमाना  आ  गया ।।

एक  आवारा  सा  बादल  देखकर ।
आज मौसम आशिकाना आ गया ।।

क्या  उन्हें   तन्हाइयां  डसने  लगीं ।
बा अदब  वादा निभाना आ गया ।।

नज़्म जब लिखने चली मेरी कलम ।
याद  फिर  तेरा फ़साना आ  गया ।।

उठ  गया  पर्दा  जो  मेरे  इश्क़ से ।
बीच  में  सारा  ज़माना  आ  गया ।।

जब  मयस्सर हो  गईं रातें  सियाह ।
जुगनुओं को जगमगाना आ गया ।।

मुस्कुराता चाँद जब निकला कोई ।
गीत  मुझको  गुनगुनाना  आ गया ।।

हो  गए घायल  हजारों  दिल  यहाँ ।
वार  उसको  कातिलाना आ गया ।।

तिश्नगी  देती  है  कुछ  मजबूरियां ।
अब उन्हें चिलमन हटाना आ गया ।।

              --नवीन मणि त्रिपाठी
मौलिक अप्रकाशित















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Comment by Mahendra Kumar on June 26, 2018 at 10:21am

बढ़िया ग़ज़ल है आदरणीय नवीन जी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर। 

Comment by Sushil Sarna on June 25, 2018 at 2:37pm

जख्म देकर मुस्कुराना आ गया ।
आपको तो दिल जलाना आ गया ।।

काफिरों की ख़्वाहिशें तो देखिये ।
मस्जिदों में सर झुकाना आ गया ।।

वाह शानदार अहसास .... बड़े ही खूबसूरत अशआर हैं आदरणीय। हार्दिक बधाई स्वीकार करें।

Comment by Samar kabeer on June 25, 2018 at 2:31pm

जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

दूसरे शैर में भाव स्पष्ट नहीं है,देखियेगा ।

Comment by Samar kabeer on June 25, 2018 at 2:26pm

जनाब आशीष जी

जनाब गुमनाम जी

जनाब नीरज जी,

इस मंच की परिपाटी ये रही है कि रचनाओं पर टिप्पणियां बहुत सलीक़े से दीजाती है,एक या दो शब्दों में नहीं,रचना की कमी और ख़ूबी को उजागर करना ही इस मंच का उद्देश्य रहा है,इसी कारण से ये मंच दूसरों से अलग नज़र आता है,उम्मीद है आप मेरी बात समझ गए होंगे ।

Comment by TEJ VEER SINGH on June 25, 2018 at 12:56pm

हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी। लाज़वाब गज़ल।

दे गयी बस इल्म इतना मुफलिसी ।
दोस्तों  को  आजमाना  आ  गया ।।

Comment by Neelam Upadhyaya on June 24, 2018 at 4:49pm

आदरणीय नवीन मणि जी, नमस्कार । बहुत ही बढ़िया पेशकश। बधाई स्वीकार करें।

Comment by Neeraj Neer on June 24, 2018 at 11:30am

क्या बात ... 

Comment by gumnaam pithoragarhi on June 24, 2018 at 7:56am

वाह बहुत खूब...........

Comment by आशीष यादव on June 23, 2018 at 7:35pm

बेहतरीन

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