For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कुछ क्षणिकाएं :

कुछ क्षणिकाएं :

शर्मिन्दा हो गई
कुर्सी
बैठ गया
एक
नंगा इंसान
चुनावी साल में
वादों की गठरी लिए

.....................

शरमा गया
इंद्रधनुष
देखकर
धरा पर
इतनी
सफेदपोश
गिरगिटों को

..........................
सफ़ेद भिखारी
मांग रहे
भीख
छोटे भिखारी से
दिखा के
आश्वासनों की
चुपड़ी रोटी

.......................

आ गया
फिर से सावन
टरटराने लगे हैं
गली-गली
सफेद मेंढक

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 49

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Neelam Upadhyaya on June 15, 2018 at 2:17pm

आदरणीय सुशील सरना जी, नमस्कार । अच्छी भावपूर्ण रचना की प्रस्तुति । बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on June 15, 2018 at 10:13am

समसामयिक परिदृश्य का बेहतरीन सांकेतिक शब्दांकन। हार्दिक बधाई और आभार आदरणीय  सुशील सरना  साहिब। ई़द मुबारक आप सभी को।

Comment by narendrasinh chauhan on June 14, 2018 at 4:51pm

वाह, खूब सही फ़रमाय। 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on June 14, 2018 at 1:09pm

वाह वाह क्या कहने 

Comment by Shyam Narain Verma on June 14, 2018 at 12:09pm
सुन्दर भाव पूर्ण रचना के लिये आपको बधाइयाँ ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post हिंदी
"आ. भाई छोटेलाल जी, हिन्दी दिवस पर अच्छी रचना हुई है। इस बधाई स्वीकारें ।"
34 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post परिणाम....
"आ. भाई सुशील जी, सुंदर रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
38 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'सत्य अब तक!' (लघुकथा)
"आ. भाई शैख़ शहज़ाद जी, प्रभावशाली कथा हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
45 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on रामबली गुप्ता's blog post बन के सूरज सा जमाने में निकलते रहिये-रामबली गुप्ता
"आ. भाई रामबली जी, अच्छी गजल हुयी है । हार्दिक बधायी ।"
49 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई तेजवीर जी, गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार ।"
51 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गजल - पहल हो गई
"हार्दिक बधाई आदरणीय  बसंत कुमार शर्मा जी। बेहतरीन गज़ल। चंद मिसरे लबों पर लरजते रहे…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"जी। बेहतरीन गज़ल। नफरत  इतनी  ठीक नहीं…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on विनय कुमार's blog post असली विसर्जन- लघुकथा
"हार्दिक बधाई आदरणीय विनय जी। बेहतरीन लघुकथा। मनुष्य अगर अपनी बुरी आदतों पर विजय प्राप्त कर ले तो…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on विनय कुमार's blog post असली विसर्जन- लघुकथा
"आ. भाई विनय जी, अच्छी कथा हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आभार संग नमन आदरणीय लक्ष्मण धामी जी.."
2 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय सुशील सरना जी हार्दिक धन्यवाद..."
2 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"रचना पटल पे आपका हार्दिक स्वागत है आदरणीय गंगाधर शर्मा जी..."
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service