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ग़ज़ल महफ़िल की नज़र

ज़िन्दगी का पलसफा है।
मौत हर ग़म की दवा है।

एक ही खामी है उसमे।
सच हमेशा बोलता है।

दूर मूझसे हो गयी जो।
ज़िन्दगी वो बेवफा है।

राहे सब आसां हुई है।
साथ जब से हौसला है।

काम भर ही बोलिए बस।
बे सबब क्या बोलना है।

हर मुसीबत से लड़ो यूँ।
साथ में समझो खुदा है।

लाज रखना मेरे मौला।
आज खुद से सामना है।

अप्रकाशित और मौखिक

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 30, 2014 at 2:42am

ग़ज़ल सधी हुई है. यों, आपने प्राप्त टिप्पणियों का जवाब तक नहीं दिया है.

शुभेच्छाएँ


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 23, 2014 at 9:36pm

बहुर सुन्दर ग़ज़ल हुई है केतन जी 

हार्दिक बधाई 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on January 22, 2014 at 8:42pm

भाई केतन जी खूबसूरत ग़ज़ल है बधाई स्वीकार करें

Comment by अरुन 'अनन्त' on January 22, 2014 at 11:22am

केतन भाई बहुत ही सुन्दर अशआर बेहतरीन ग़ज़ल दिली दाद कुबूल फरमाएं. अन्य मित्रजनों के कहे पर ध्यान दें.

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 21, 2014 at 7:22am

आदरणीय साहिल भाई , सुन्दर ग़ज़ल के लिए बहुत बधाई


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 20, 2014 at 10:02pm

आदरणीय साहिल भाई , सुन्दर ग़ज़ल हुई है , बहुत बधाई ॥ टंकण की गलतियाँ ज़रूर सुधार लें ॥

Comment by coontee mukerji on January 20, 2014 at 3:18pm

लाज रखना मेरे मौला।
आज खुद से सामना है।.....बहुत सुंदर

Comment by vandana on January 20, 2014 at 6:33am

काम भर ही बोलिए बस।
बे सबब क्या बोलना है।

हर मुसीबत से लड़ो यूँ।
साथ में समझो खुदा है।

लाज रखना मेरे मौला।
आज खुद से सामना है।

बहुत बढ़िया भाव हैं ग़ज़ल के आदरणीय 

Comment by वीनस केसरी on January 20, 2014 at 2:47am

सुन्दर ग़ज़ल है परन्तु टंकण त्रुटियों ने मज़ा किरकिरा कर दिया ....

Comment by ajay sharma on January 19, 2014 at 10:42pm

ज़िन्दगी का पलसफा है।
मौत हर ग़म की दवा है।

एक ही खामी है उसमे।
सच हमेशा बोलता है।

दूर मूझसे हो गयी जो।
ज़िन्दगी वो बेवफा है।

राहे सब आसां हुई है।
साथ जब से हौसला है।

काम भर ही बोलिए बस।
बे सबब क्या बोलना है।

हर मुसीबत से लड़ो यूँ।
साथ में समझो खुदा है।

लाज रखना मेरे मौला।
आज खुद से सामना है।  

kya gazal huyi hai ......bahut bahut hi umda .....kuch typing ki mistakes hain sudhar bhi ho  jayega .......

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