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गीत , चाँद हमारे अँगना

झाँका , झाँका , देखो झाँका

चाँद हमारे अँगना

आने वाला है कोई 

बाजे मेरा कँगना

हो, हो , हो , हो

झाँका, झाँका , देखो झाँका

सुहाना समां है

खुला आसमां है

करतीं ठिठोली

तारों की टोली

झूमे , झूमे , देखो झूमे

आज हमारे अँगना 

आने....

बहे पुरवइया

डोले मन की नैया

मौसम की घड़ियाँ

जादू की छड़ियाँ

फेरें , फेरें , जादू फेरें

आज हमारे अँगना 

आने....

डाले है फंदा

चाँदी का चन्दा

सजी कामिनी सी

खिली चाँदनी

डोले , डोले देखो डोले 

आज हमारे अँगना 

आने....

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 607

Comment

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Comment by Usha Awasthi on August 26, 2020 at 5:50am

आशीष यादव जी ,अच्छा लगा यह जान कर कि आपने इसे गाया। मेरे जो भी गीत हैं उनकी रचना गाकर ही होती है, यह गीत 1987में लिखा था।

धन्यवाद।

Comment by आशीष यादव on August 26, 2020 at 12:01am

बहुत अच्छा गीत बना है। अच्छा लगा इसको गा कर।

Comment by Usha Awasthi on August 22, 2020 at 10:22pm

डिम्पिल शर्मा जी , नमस्ते। गीत आपको सुन्दर लगा , जान कर खुशी हुई ।

हार्दिक आभार आपका

Comment by Dimple Sharma on August 22, 2020 at 7:55pm

आदरणीया ऊषा अवस्थी जी नमस्ते,वाह बहुत सुंदर, खुबसूरत गीत पर बधाई स्वीकार करें आदरणीया।

Comment by Usha Awasthi on August 22, 2020 at 7:19pm

आ0 समर कबीर जी, आदाब 

हार्दिक धन्यवाद ,आपको

Comment by Usha Awasthi on August 22, 2020 at 7:13pm

आ0 अमीरूद्दीन  साहेब, आदाब 

बहुत आभार आपका

Comment by Samar kabeer on August 22, 2020 at 6:35pm

मुहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब, अच्छा गीत लिखा आपने, बधाई स्वीकार करें ।

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on August 22, 2020 at 9:28am

आदरणीया ऊषा अवस्थी जी आदाब, सुन्दर गीत की रचना हुई है बधाई स्वीकार करें। सादर। 

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