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"ओबीओ की सालगिरह का तुहफ़ा"

2122 2122 212

.
देख साँसों में बसा है ओ बी ओ
मेरी क़िस्मत में लिखा है ओ बी ओ


कितने आए और कितने ही गए
शान से अब तक खड़ा है ओ बी ओ


बढ़ गई तौक़ीर मेरी और भी
तू मुझे जब से मिला है ओ बी ओ


हों वो 'बाग़ी' या कि भाई 'योगराज'
तू सभी का लाडला है ओ बी ओ

भाई 'सौरभ' शान से कहते यही
मेरे तो दिल की सदा है ओ बी ओ


सीखने वाले नये जितने भी हैं
तू सभी का आसरा है ओ बी ओ


है अदब में आप ये अपनी मिसाल
बेश क़ीमत बे बहा है ओ बी ओ


दिल से निकली है यही मेरे सदा
जान भी तुझ पर फ़िदा है ओ बी ओ


चाहता हूँ मैं तुझे दिल से अगर
क्या मेरी इस में ख़ता है ऒ बी ओ


देख लो दिल चीर कर मेरा 'समर'
शान से इसमें सजा है ओ बी ओ

.
'समर कबीर'
मौलिक/अप्रकाशित

Views: 728

Comment

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Comment by बसंत कुमार शर्मा on April 18, 2020 at 7:06pm

आदरणीय समर कबीर जी को सादर नमस्कार, आज काफी समय बाद ओ बी ओ से मुखातिब हूँ, वाह क्या कहने , दिल के जज्बातों को आपने षायरी में बाँध दिया, बहुत बहुत बधाई आपको 

Comment by Dr. Geeta Chaudhary on April 8, 2020 at 6:42pm

आदरणीय समर कबीर सर नमस्कार, मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि आपके भाई जल्दी ठीक हो जाए। सर हम सभी की दुआएं आपके साथ हैं।

Comment by Samar kabeer on April 8, 2020 at 3:19pm

दोस्तो आदाब,

इस समय मेरे छोटे भाई की तबीअत ठीक नहीं है,आप सबसे दुआ की दरख़्वास्त है,इसी कारण से इस ग़ज़ल पर आई टिप्पणियों का अलग अलग जवाब देने में असमर्थ हूँ, ग़ज़ल में शिर्कत के लिए आप सब का दिल से आभार प्रकट करता हूँ,और धन्यवाद देता हूँ,आप सबको ओबीओ की सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो ।

Comment by Dr. Geeta Chaudhary on April 7, 2020 at 11:39pm

आदरणीय समर कबीर सर, सुंदर प्रस्तुति, बिल्कुल सही कहा आपने बहुत ही अनोखा अनुभव इस मंच का।  खुशनसीबी आप जैसे विशेषज्ञों के सानिध्य में बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। हार्दिक आभार आपका, मंच का और संचालकों का। सभी को हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं।

Comment by TEJ VEER SINGH on April 7, 2020 at 9:01am

ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को ओबीओ की 10 वीं सालगिरह की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ ....

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' on April 6, 2020 at 5:23pm

जनाब कबीर उस्ताद ए मुहतरम आदाब।  मेरी ख़ुशनसीबी है कि आपकी  ख़ूबसूरत ग़ज़ल शानदार उन्वान, लाजवाब बन्दिशे अल्फा़ज़ के साथ पढ़ने का शर्फ़ हासिल हुआ। शेअ'र दर शेअ'र न सिर्फ का़बिले दाद हैं बल्कि ओ बी ओ की दसवीं साल गिरह पर दस रंगीन अश'आ़र पर मुनहसिर आपकी ये तस्नीफ़ न सिर्फ हम सभी ओ बी ओ मेम्बरान, ओहदेेदारान के लिए बल्कि ओ बी ओ के लिये भी बतौर ए सनद हमेशा केे लिए महफ़ूज़ रहेगी। रब्बुल करीम हम सब की ज़िन्दगी में आपके इल्म की रौनक़े ज़िया और साया ए शफ़क़त हमेशा का़इम रक्खेे। ओ बी ओ के तमाम ओहदेेदारान मेम्बरान और आप को मेरी जानिब से तहे दिल से मुबारकबाद कु़बूल हो। फक़्त, सादर। 

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on April 5, 2020 at 9:16pm

आदरणीय समर कबीर साहेब एवं समस्त एडमिन्स को बहुत बहुत बधाई | निःसन्देह  ओ बी ओ नए लोगों के लिए मार्गदर्शक का काम कर रहा है ,उसकी कोई तुलना नहीं है | शानदार अशआर के लिए बधाई सर जी | 

Comment by dandpani nahak on April 3, 2020 at 7:33pm
परम आदरणीय समर कबीर साहब प्रणाम ! वाह ! बेहतरीन ! उम्दा ! क्या कहने ! शैर दर शैर दाद क़ुबूल फरमाएं !ग़ज़ल ने आपको परिभाषित कर दिया हो जैसे ! मतला क्या खूब !हर शैर अपने आप में परिपूर्ण ! मक़्ता में जैसे दिल निकालकर रख दिया हो ! वाह !क्या कहूँ मैं तो धन्य हूँ कि ओ बी ओ का सदस्य हूँ !दुआ करता हूँ आप स्वस्थ रहें, सलामत रहें और हमें नवाज़ते रहें
Comment by Usha Awasthi on April 3, 2020 at 1:44pm
  • आदाब, इस खूबसूरत ग़ज़ल हेतु आपको हार्दिक बधाई एवं समस्त ओ बी ओ परिवार को सालगिरह की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ
Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on April 3, 2020 at 11:27am

आदरणीय समर कबीर साहिब, सादर प्रणाम। आपने ओ बी ओ को दसवीं सालगिरह पर बेहद ख़ूबसूरत तुहफ़ा दिया है, और इस मंच से आपकी मुहब्बत अश'आर से स्पष्ट प्रकट हो रही है। आप जितने बा-कमाल शाइर हैं, उतने ही अच्छे उस्ताद भी हैं। आप को सलाम पेश करता हूँ।

आदरणीय गणेश जी "बागी" साहिब, आदरणीय योगराज प्रभाकर साहिब, आदरणीय सौरभ पाण्डेय साहिब, आदरणीय राणा प्रताप सिंह साहिब, आदरणीया डॉ प्राची सिंह साहिबा, और ओ बी ओ प्रबंधन टीम के सभी सदस्यों को सालगिरह की ढेरों मुबारकबाद। ओ बी ओ जैसा और कोई मंच है ही नहीं, क्यूँ कि यहाँ सिर्फ़ 'वाह वाह' नहीं होती। इस मंच पर बहुत अनुभवी और आलिम लोग हैं, और ये सीखने-सिखाने का मंच है। आप लोग साहित्य की बेश-क़ीमती धरोहर को संभाले हुए हैं, जिसके लिए आपकी जितनी सराहना की जाए वो कम पड़ेगी। आप सभी को सादर नमन।

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