For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Janki wahie
  • Noida,UP
  • India
Share
 

Janki wahie's Page

Latest Activity

Janki wahie replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)
"सूफियान * " ये लोग होते ही ऐसे हैं ? मिलकर रहना तो इनके ख़ून में ही नहीं ?" ट्रेन के साथ तेज़ी से भागते भू-दृश्य के साथ -साथ उसका ग़ुस्सा भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सीट के समायोजन को लेकर मचे महाभारत के बाद अब सब अपनी -अपनी सीट…"
Oct 31
Mahendra Kumar commented on Janki wahie's blog post रानी (लघुकथा )जानकी बिष्ट वाही
"ग़ज़ब की लघुकथा है आ. जानकी वाही जी. शानदार व्यंग्य. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए.  "पर तू जो बैठी है मेरे आगे ?अभी कहाँ अपन का नम्बर ?" क्या यहाँ प्रश्नवाचक चिह्न होना चाहिए? देख लीजिएगा. सादर.  "
Oct 6
Janki wahie replied to Ravi Prabhakar's discussion ज़िन्दगी से जुड़ी व ज़िन्दगी से जोड़ती राजेश कुमारी की लघुकथाएं in the group पुस्तक समीक्षा
""कुछ तप कर कुछ पिट कर कुछ पत्थरों पर रगड़ खाकर अब मैं एक कुल्हाड़ी का आकार ले चुका हूँ (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना) "गुल्लक" लघुकथा संग्रह पर जब रवि सर की विस्तृत समीक्षा पढ़ी तो यह लगा इस समीक्षा में तो वह सब है जो लघुकथा विधा की समझ को…"
Oct 5
Janki wahie joined Admin's group
Thumbnail

पुस्तक समीक्षा

इस ग्रुप में पुस्तकों की समीक्षा लिखी जा सकती है |
Oct 5
अलका 'कृष्णांशी' commented on Janki wahie's blog post रानी (लघुकथा )जानकी बिष्ट वाही
"आदरणीया जानकी जी, बहुत सुंदर रचना , सुरक्षा के नाम पर मिली कैद का गम आंखें बयां कर रही है।  सादर"
Oct 1
Rahila commented on Janki wahie's blog post रानी (लघुकथा )जानकी बिष्ट वाही
"सोने के पिंजड़े में भी...,कैद तो कैद है।यहाँ तो पिजड़ा भी कालकोठरी जैसा।सच आज़ादी का स्वाद तो सबसे अनोखा होता है।बहुत बढ़िया रचना प्रिय दी!सादर"
Oct 1
Dr Ashutosh Mishra commented on Janki wahie's blog post रानी (लघुकथा )जानकी बिष्ट वाही
"आदरणीया जानकी जी बढ़िया रचना है बिना आजाद के किसी भी ऑख का कोई अर्थ नहीं है बच्चियों के मन में उठते बिचारों को शानदार तरीके से रोचक बनाते हुए लिखी इस रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर"
Sep 30
Janki wahie posted blog posts
Sep 30
Janki wahie replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-30
"जुगनू* मैंने जहाज की खिड़की से नीचे झाँका तो शीशे के पार बहुत नीचे रोशनी से नहाया एक शहर दिखा।ऊपर से ये शहर कितने सुव्यस्थित और सुंदर लगते हैं।एक साफ़ कटा बर्फी का टुकड़ा सा।मेरे होंठों पर एक मुस्कान छा गई।अपनी ही उपमा पर। " काश की ये नीचे भी…"
Sep 29
Mahendra Kumar commented on Janki wahie's blog post हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )
"आ. जानकी वाही जी, अच्छी लगी आपकी लघुकथा. शुरुआत की पंक्तियाँ कहानी अथवा उपन्यास के लिए मुझे ज्यादा मुफ़ीद लगीं हालाँकि शब्दों का चयन आपने बहुत अच्छा किया है. मुख्य पात्र के अन्तिम संवाद में संभवतः थोड़े से सम्पादन की आवश्यकता है. मेरी तरफ़ से हार्दिक…"
Sep 25
Nita Kasar commented on Janki wahie's blog post हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )
"व्यथित युवा की मनोदशा को बख़ूबी उकेरा है आपने कथा के जरिये बधाई आद० जानकी वाही जी ।"
Sep 25
Samar kabeer commented on Janki wahie's blog post हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )
"मोहतरमा जानकी वाही जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 25
Janki wahie commented on Janki wahie's blog post हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )
"हार्दिक आभार आ.विजय निकोर जी।"
Sep 25
Janki wahie commented on Janki wahie's blog post हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )
"सादर अभिवादन और हार्दिक आभार आ. वीरेंद्र वीर जी। आपककथा पर अनुमोदन उत्साह वर्धन करने वाला है साथ ही और बेहतर लेखन को प्रेरित करने वाला भी।"
Sep 25
Janki wahie commented on Janki wahie's blog post हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )
"सादर अभिवादन और हार्दिक आभार आ.सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी।आपके द्वारा की गई हौसला अफ़जाई बेहतर लेखन को प्रेरित करेगी।"
Sep 25
Janki wahie commented on Janki wahie's blog post हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )
"कथा पर उपस्थित होकर हौसला अफ़जाई करने हेतु हार्दिक आभार आ.विजय शंकर जी।"
Sep 25

Profile Information

Gender
Female
City State
Noida
Native Place
Pithoragarh
Profession
Service

Janki wahie's Blog

रानी (लघुकथा )जानकी बिष्ट वाही

"बेचारी ?"

सामने वाली झुग्गी में इस नई ब्याही को।पति रोज काम पर जाते बाहर से ताला ठोक जाता है जैसे उसकी दिल की रानी को कोई चोर न ले जाय पीछे से।

छुटकी, बड़की को देख फिस्स से हँस दी।

" उसकी नज़र से देखा जाय तो ये मेहरारू ही उसका धन है।गज़ब की सुंदर जो है ।"

बड़की ने हँसी में साथ दिया।



वे दोनों रोज उसकी खूबसूरत पनीली बड़ी-बड़ी आँखें छुपकर देखने का मोह नहीं छोड़ पाती हैं ।जब से वह आई है उनका नीरस जीवन सरस हो उठा है। वर्ना सारा दिन यूहीं निकल जाता है जब से पढ़ाई… Continue

Posted on September 30, 2017 at 1:04am — 4 Comments

रानी (लघुकथा )जानकी बिष्ट वाही

"बेचारी ?"

सामने वाली झुग्गी में इस नई ब्याही को।पति रोज काम पर जाते बाहर से ताला ठोक जाता है जैसे उसकी दिल की रानी को कोई चोर न ले जाय पीछे से।

छुटकी, बड़की को देख फिस्स से हँस दी।

" उसकी नज़र से देखा जाय तो ये मेहरारू ही उसका धन है।गज़ब की सुंदर जो है ।"

बड़की ने हँसी में साथ दिया।



वे दोनों रोज उसकी खूबसूरत पनीली बड़ी-बड़ी आँखें छुपकर देखने का मोह नहीं छोड़ पाती हैं ।जब से वह आई है उनका नीरस जीवन सरस हो उठा है। वर्ना सारा दिन यूहीं निकल जाता है जब से पढ़ाई… Continue

Posted on September 30, 2017 at 1:04am

हौसला ( लघुकथा -जानकी बिष्ट वाही )

गोधूलि बेला में भी जब वह नौजवान उस चट्टान से नहीं उठा तो तो मेरा मन आशंकित हो उठा।साँझ तेजी से कालिमा के आगोश में समा रही थी और सागर की उत्ताल लहरें पागलों की तरह उस नौजवान के पाँवों से कुछ नीचे चट्टानों पर अपना सिर पटक रही थीं।

जब भी मैं कभी उदास या खुश होता हूँ तो यहाँ आकर सागर को निहारना मुझे सुक़ून देता है।



अब मैं घर जाना चाहता है पर उस नौजवान की भावभँगिमा मेरे पाँवों की बेड़ी बन मुझे रोक रही है।



"छोड़ो ,मुझे क्या? होगा कोई ? मैंने क्या सारी दुनिया का ठेका ले रखा… Continue

Posted on September 23, 2017 at 1:19pm — 18 Comments

पिछड़ा आदमी **( लघुकथा---जानकी बिष्ट वाही। )

" लगता है कोई छोटा सा स्टेशन है ये ? क्यों रुकी होगी ? सुपर फ़ास्ट ट्रेन तो रूकती नहीं ऐसे स्टेशनों पर?"



एसी.कोच में देश-विदेश की राजनीति ,अर्थव्यवस्था ,फ़िल्मी दुनिया , फैशन ,रेप भ्रूण हत्या, स्त्री विमर्श, जेनरेशन गैप , किसान आत्महत्या ,अराजकता , तलाक अन्तरिक्ष मिशन और आरक्षण पर से होती गरमागरम बहस से थक चुके अनुज ने खिड़की से बाहर का ज़ायज़ा लेते हुए कहा।पर किसी ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया सिवाय मोनिता के,वह उत्सुकता से बाहर देखने लगी।



छुट्टियों में घर लौटते… Continue

Posted on July 28, 2017 at 2:40pm — 4 Comments

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:23am on January 28, 2016, Madanlal Shrimali said…
आ.जानकी वाही जी ...आपकी लघुकथा "मायरा" को ओबीओ में "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
At 12:55pm on January 27, 2016, kanta roy said…

दिल से ढेरों बधाई आपको आदरणीया जानकी जी, आपकी सार्थक लघुकथा "मायरा " को इस प्रतिष्ठित  मंच " obo " की "महीने की सर्वश्रेष्ठ " रचना का सम्मान पाने हेतु।  वाकई आपने बेहतरीन लघुकथा सृजित की है।  मुग्ध हूँ ।  

At 4:44pm on January 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया जानकी बिष्ठ वाही जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी लघुकथा "मायरा" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 3:41am on July 16, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सव,  तरही  मुशायरा  व लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

At 4:54pm on July 13, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post लाइलाज़ (लघुकथा)
"इस लघुकथा पर समय दे कर प्रोत्साहित करने के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब विजय…"
11 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अशान्तिदूत (लघुकथा)
"मेरी इस लघुकथा पर समय दे कर मेरी हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब डॉ.…"
12 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अशान्तिदूत (लघुकथा)
"मेरी इस रचना पर समय दे कर प्रोत्साहित करने के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर…"
14 minutes ago
Profile IconManisha Joban Desai and Manoj kumar shrivastava joined Admin's group
40 minutes ago
Manisha Joban Desai joined Admin's group
Thumbnail

बाल साहित्य

यहाँ पर बाल साहित्य लिखा जा सकता है |
42 minutes ago
Manisha Joban Desai joined Admin's group
Thumbnail

हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"
43 minutes ago
Manisha Joban Desai joined Admin's group
Thumbnail

चित्र से काव्य तक

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |See More
45 minutes ago
Manisha Joban Desai joined Admin's group
Thumbnail

English Literature

You can write English literature in this Group.See More
46 minutes ago
Manisha Joban Desai joined Admin's group
Thumbnail

पुस्तक समीक्षा

इस ग्रुप में पुस्तकों की समीक्षा लिखी जा सकती है |
48 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 79 in the group चित्र से काव्य तक
"कभी कभी निःशक्त जनों से, नहीं मांगती दामकहती है कुछ पुण्य करूँ तो, भला करेंगे राम।।// वाह .. चित्र…"
3 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 79 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत सुन्दर सतविंदर भाई  सरसी छंद पर सुन्दर गीत हुआ है , हार्दिक बधाई "
3 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 79 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक धन्यवाद आपका. सादर "
3 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service