For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Albela Khatri
  • Male
  • Surat India
  • India
Share on Facebook MySpace

Albela Khatri's Friends

  • अंशुमन दीक्षित
  • गिरिराज भंडारी
  • tanha ajmeri
  • arvind ambar
  • sanju shabdita
  • शिज्जु "शकूर"
  • कल्पना रामानी
  • केवल प्रसाद 'सत्यम'
  • Tushar Raj Rastogi
  • वेदिका
  • rishabh shukla
  • Aarti Sharma
  • आशीष नैथानी 'सलिल'
  • Sarita Bhatia
  • Neelkamal Vaishnaw
 

Albela Khatri's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
surat gujarat
Native Place
sri ganganagar
Profession
hasyakavi, actor, singer
About me
The Great Indian Laughter Champion 2 fame Hindi Hasyakavi

Albela Khatri's Photos

  • Add Photos
  • View All

Albela Khatri's Videos

  • Add Videos
  • View All

Albela Khatri's Blog

हम भी कारोबार करें

मिल कर आँखे चार करें
आजा रानी, प्यार करें

जग पर तम गहराया है
भेद इसे, उजियार करें

कैसे  कैसे लोग  यहाँ           
छुपछुप  पापाचार करें

नया पैंतरा दिल्ली का
भोजन का अधिकार करें

लीडर तेरा क्या होगा
वोटर जब यलगार करें

चलो यहाँ से  'अलबेला'
हम भी  कारोबार  करें

-अलबेला खत्री
मौलिक / अप्रकाशित

Posted on August 26, 2013 at 10:00pm — 13 Comments

वे तो हमारी कविता कम सुनते थे हम उनसे हमारी हास्य कवितायें ज्यादा सुनते थे

हिन्दू हृदयसम्राट श्री बाला साहेब ठाकरे के देहावसान से मुझे वैयक्तिक दुःख पहुंचा है . उनकी सुप्रसिद्ध कार्टून पत्रिका मार्मिक के वर्धापन समारोह हों या उनके नाती-नातिन के जन्म-दिवस समारोह, अनेक बार उनके साथ रंगारंग महफ़िलें जमती थीं जिनमे वे तो हमारी कविता कम सुनते थे हम उनसे हमारी हास्य कवितायें ज्यादा सुनते थे . अनेक कवियों की कवितायें उन्हें याद थीं और हू बहू उसी शैली में सुना कर तो वे विस्मित कर देते थे .…

Continue

Posted on November 18, 2012 at 1:00am — 3 Comments

पाँच दोहे आँसू भरे

राजनीति के मंच पर, चढ़ गए आज दबंग

फूट फूट कर रो रहे, ध्वज के तीनों रंग



गधा जो देखन मैं चला, गधा न मिलया मोय

तब इक नेता ने कहा, मुझसा गधा न कोय



उजली खादी पहन के, करते काले काम…

Continue

Posted on September 12, 2012 at 9:30pm — 18 Comments

रक्तदान के दोहे



प्यारे मित्रो ! आगामी 17 सितम्बर को तेरा पंथ युवक परिषद् ने द्वारा देश भर में रक्तदान का अभियान आयोजित किया है . एक लाख बोतल रक्त का लक्ष्य है ......उनके इस पुनीत कार्य के समर्थन में मैंने अहमदाबाद के संयोजक श्री सुनील वोहरा और अखिल भारतीय संयोजक श्री राजेश सुराणा के लिए कुछ दोहे लिखे हैं जो वे बैनर्स पर काम लेंगे.......आप भी पढ़ कर बताइये ..कैसे लगे ?



रक्तदान के…

Continue

Posted on September 6, 2012 at 8:50pm — 4 Comments

Comment Wall (32 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:56am on August 29, 2013, sanju shabdita said…

aapka bahut-bahut aabhar albela ji

At 9:05pm on July 23, 2013, Abhinav Arun said…

हार्दिक स्वागत कविश्रेष्ठ और पुनः हार्दिक बधाई !!

At 8:27pm on July 23, 2013, SANDEEP KUMAR PATEL said…
Saadar pranam sir ji
janm din ki aapko haardik shubhkaamanaayen
sneh aur asheesh ham anujon par banaye rakhiye
At 8:27pm on July 23, 2013, SANDEEP KUMAR PATEL said…
Saadar pranam sir ji
janm din ki aapko haardik shubhkaamanaayen
sneh aur asheesh ham anujon par banaye rakhiye
At 8:07pm on July 23, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक मंगल कामनाए | प्रभु आपको विकास पथ पर बढ़ते रहने में सक्षम बनावे |

आपक हमारा स्नेह बना रहे | सादर 

At 11:40pm on July 22, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 8:56pm on February 3, 2013, Aarti Sharma said…

आपका बहुत बहुत शुक्रिया सर...

At 9:48am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आदरणीय अलबेला भैया, आपको सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.........

At 1:43pm on September 2, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…
अलबेला खत्रीजी,आप सभी का स्नेह और सहयोग मिलते रहने से ही मेरा उत्साह बढ़ा, जिसका परिणाम ही यह सम्मान है, इसके लिए आप सभी को ह्रदय से धन्यवाद |
At 10:19pm on August 17, 2012, Neelkamal Vaishnaw said…

बहुत बहुत धन्यवाद खत्री साहब 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अच्छी ग़ज़ल हुई है ऋचा जी। मक्ता ख़ास तौर पर पसंद आया। बहुत दाद    दूसरा शेर भी बहुत…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"प्रिय लक्ष्मण भाई, अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई।  //पाप करने पे आ गया जब मैंरब की मौजूदगी को भूल…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय जयहिंद जी, नमस्कार, अच्छे अशआर हुए हैं। कहीं कहीं कुछ-कुछ परिवर्तन की ज़रूरत लग रही है।…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"जिसको पाकर सभी को भूल गया  भूल से मैं उसी को भूल गया     राही जिद्द-ओ-जहद में…"
1 hour ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112/22 आदमी सादगी को भूल गयाक्या गलत क्या सही को भूल गया गीत गाये सभी तरह के पर मुल्क…"
1 hour ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"नमन मंच  सादर अभिवादन "
3 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122 1212 112 बाप ख़ुद की ख़ुशी को भूल गया आज बेटा उसी को भूल गया १ ज़ीस्त की उलझनों में यूँ…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। गिरह सहित सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112**बिसलरी पा  नदी को भूल गयाहर अधर तिस्नगी को भूल गया।१।*पथ की हर रौशनी को भूल…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन।"
11 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला वो किसी को भूल गय इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा रात को इक और फिर रात…"
15 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन "
15 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service