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खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
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मंच के एक सक्रिय सदस्य का यूँ छोड़कर चला जाना कितना दुखद है |  अलबेला जी हमारी यादों में जीवित रहेंगे | प्रभु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे |

विनम्र श्रद्धांजलि ! :(

बहुत ही दुखद समाचार! अभी तक विश्वास नहीं हो पा रहा!

उन्हें मेरा नमन!

ओह्ह ! अत्यंत दुखद ! हमेशा सबको हँसाने वाला कवि आज रुला रहा है ! ईश्वर उन्हें उनकी आत्मा को शांति दे उनके परिजनों को साहस !

ओऽऽऽह.. .  !! ..

कौतुक करना और अपनी प्रस्तुति शैली से हठात चौंका देना मानो उनका दिलबहलाऊ शगल था. आखीर तक बना रहा. 

अधिक दिन भी नहीं बीते आदरणीय अलबेलाजी से मेरी चैटिंग हुई थीं.

ओबीओ के आयोजनों में इधर शिरकत नहीं कर रहे थे. मेरे आत्मीय ’उलाहने’ पर उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज़ में कहा था - बस देखते जाइये आदरणीय, आपकी शान में हाज़िर होता हूँ. थोड़ा फ़्री होलूँ.

आज एकदम से फ़्री हो गये आदरणीय अलबेलाजी.

बहुत कुछ करने का हौसला लिए अचानक गुम गये. वो भी इस तरह !!

बहुत याद आओगे, यार.. ज़िन्दग़ी भर...  अभी थोड़ा रो लेने दो.. ...

मेरे हाथ लिखते हुए काँपने लगे हैं, एक परिजन का यूँ चले जाना अत्यंत दुखदायक है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार के सदस्यों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। 

ओह्ह्ह्हह हे प्रभु ....वही हुआ जिसका कई दिनों से डर लग रहा था.आज का दिन ही खराब है ,दिन भी नहीं निकला था अपने एक नजदीकी रिश्तेदार (जो ३५ वर्ष के थे )की मृत्यु का समाचार मिला और अब दिन के डूबने से पहले ये मनहूस खबर.अभी कुछ दिन पहले ही मुझसे चैट हुई थी अलबेला जी की बात करते ही हमेशा मुझे थैंक्स कहते थे ओबीओ से उनको जोड़ने के लिए| भगवान् उनकी आत्मा को शांति दे दुखी दिल से विनम्र श्रधांजली दे रही हूँ इससे अधिक कुछ कहने की हिम्मत नहीं|    

आदरणीय अलबेला जी, एक ऐसा व्यक्तित्व जो हमेशा एक नया अंदाज लिए होता था. कई बार उनसे चैटिंग पर ऐसा लगता मानो सम्मुख ही हों, तरह-तरह की स्मायली देना ,हमेशा मिलने का वायदा किया करते थे. जो सिर्फ अब यादें बनकर रह गई है ईश्वर उनके परिवार को इस दुःख की घडी में सामर्थ्य प्रदान करे

अत्यंत ही दुखद समाचार है. भावभीनी श्रद्धांजलि...................

ओह!

यह क्या कैसे हुआ आदरणीय.

बड़ा दुखद समाचार है...ईश्वर उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को दुःख झेलने की शक्ति दें।

मन इस बात को स्वीकारने को हामी नहीं भरना चाहता। हमारे परिवार के सदस्य श्री अलबेला जी का अवसान, सहसा विश्वास नहीं हो पा रहा ..... ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे
ईश्वर उनके परिवार को यह महान दुःख सहन करने की क्षमता दे,
ॐ शांति शांति शांति

अकथनीय पीड़ादायक समाचार सुन कर निशब्द हूँ। भगवान अलबेला जी की आत्मा को शांति दें और

उनके परिवार को शक्ति दें।

अश्रुपूरित श्रद्धांजलि बहुत ही दुखद

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