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ग़ज़ल (बह्र -फेलुन) यह ग़ज़ल दुनिया की सबसे छोटी ग़ज़ल है। इसे "गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स" में शामिल किया गया है ।

*जीवन
उलझन ।

* सूने
आँगन ।

* घर-घर
अनबन ।

* उजड़े
गुलशन ।

* खोया
बचपन ।

*भटका
यौवन ।

* झूठे
अनशन ।

* ख़ाली
बरतन ।

* सहमी
धड़कन ।

.
मौलिक और अप्रकाशित ।

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Comment

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Comment by Ashok Kumar Raktale on September 24, 2017 at 7:33pm

Golden Book Of World Records 2017.....का प्रमाण-पत्र पाने के लिए भी आपको हार्दिक मुबारकबाद साहब. सादर.

Comment by Ashok Kumar Raktale on September 24, 2017 at 7:31pm

वाह ! सचमुच यह एकदम छोटी सी बह्र पर लाजवाब गजल कही है साहब आपने. बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब. सादर.

Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on September 24, 2017 at 6:12pm
मोहम्मद आरिफ जी आपको इस सम्मान के लिए हृदय से बधाई। मेरा न0
8399054433
मैं आपकी यह ग़ज़ल प्रमाणपत्र सहित मेरे एक साहित्य ग्रुप में शेयर करूँगा।
Comment by Mohammed Arif on September 24, 2017 at 2:28pm
आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना और हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत शुक्रिया,आभार ।
मुझे यह बताते हुए बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि मेरी उक्त ग़ज़ल दुनिया की सबसे छोटी ग़ज़ल है । इसे Golden Book Of World Records 2017 का मुझे प्रमाण-पत्र मिल चुका है । आप अपना What's app मोबाइल नं. दीजिए मैं आपकोCertificate आप तक Send कर सकता हूँ और आप तस्दीक़ कर सकते हैं । इसमें कोई शक़ नहीं है ।
जहाँ तक आपकी ग़ज़ल का सवाल है तो आपका प्रयास भी अच्छा है ।
Comment by Mohammed Arif on September 24, 2017 at 10:51am
बहुत-बहुत आभार आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी ।
Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 24, 2017 at 10:19am

वाह लाजबाब 

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