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फिर मिलेंगे अगर खुदा लाया (तरही ग़ज़ल)

(प्रवास पर होने के कारण तरही मुशायरा अंक ३५ की ग़ज़ल यहाँ पेश कर रही हूँ )

आज जिस हाल में खुदा लाया

वक्त सपने वहीँ सजा लाया

रात सपने हसीन लाती है

दिन बुलाकर करीब क्या लाया

चाँदनी से सितारे रूठेंगे

चाँद दिल रात का चुरा लाया

तुम मिलोगे हजार कोशिश की

फिर हमें आज वास्ता लाया

जाते- जाते यही कहा उसने

फिर मिलेंगे अगर खुदा लाया

मोड़ जिसपर जुदा हुए थे हम

फिर वहीँ आज रास्ता लाया

कैसे भरता उड़ान वो अपनी

वक़्त जाकर उसे उठा लाया

आस्मां पर निगाह थी अपनी

वक़्त काफ़िर नज़र झुका लाया

मौज़ अपने रुमाल में रख ले

नीर ‘पुखराज़’ जो बहा लाया

आग जिसको तलाश करती थी

वो हवा एक काफिला लाया

खिल न पाये गुलाब भी देखो

'राज' किसका नसीब क्या लाया

***************************

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 23, 2013 at 6:06pm

कहाँ चल दिये.. ??

ग़ज़ल पर यही कहूँगा.. . 

वक़्त था कम नहीं तो सब कहते  

शेर दर शेर वो मज़ा लाया

सादर

Comment by shalini rastogi on May 23, 2013 at 4:39pm

कैसे भरता उड़ान वो अपनी

वक़्त जाकर उसे उठा लाया... बहुत खूब राजेश जी ..क्या गज़ल कही है आपने!

Comment by Dr Ashutosh Vajpeyee on May 23, 2013 at 8:38am


बहुत बधाई राजेश कुमारी जी वाह वाह वाह बहुत सुंदर ग़ज़ल कही है आपने

Comment by वेदिका on May 22, 2013 at 10:37pm

आदरणीय राजेश कुमारी जी!

खूबसूरत गजल पे दिली दाद कुबुलिये ...वाकई आदरणीय अरुण जी सही कहते है आपके ओ बी ओ के प्रति समर्पण से हम सभी नये पुराने सदस्यों को सीख लेनी चाहिए ...आपने सहभागिता का आदर्श स्थापित किया ....अनंत शुभकामनाये आपको 
Comment by अरुन 'अनन्त' on May 22, 2013 at 10:10pm

आदरणीया तरही में आप शामिल नहीं हो पाएंगी इस बात का दुःख रहेगा साथ ही साथ आपकी प्रतीक्षा भी रहेगी. ओ बी ओ हेतु आपका यह लगाव एवं स्नेह हम सबके लिए एक सीख है. तरही का आनंद और उत्साह आपने पहले कर दिया, बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल कही है आपने, मेरी ओर से बधाई स्वीकारें.

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on May 22, 2013 at 2:40pm
जाते जाते यही कहा उसने, फिर मिलेंगे अगर खुदा लाया ...बहुत ही खूबसूरत और आशावादी गजल है, very nice...rajesh kumariji
Comment by shashi purwar on May 22, 2013 at 1:13pm

bahut sundar rachna sakhi hardik badhai

Comment by Shyam Narain Verma on May 22, 2013 at 12:06pm
बहुत बहुत बधाई इस सुन्दर रचना के लिए ……………..

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