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'कि भाई भाई का दुश्मन है क्या किया जाए'

ग़ज़ल
1212 1122 1212 22 / 112

यही समाज की उलझन है क्या किया जाए
कि भाई भाई का दुश्मन है क्या किया जाए

हर एक शख़्स गरानी के दौर में देखो
ख़ुद अपने आप से बदज़न है क्या किया जाए

सभी ये कहते हैं यारो हम आशिक़ों के लिये
ये शब अज़ल ही से बैरन है क्या किया जाए

सफ़र प जाने से पहले ये सोचना है हमें
हर एक गाम प रहज़न है क्या किया जाए

जो तू नहीं है तो तेरे बग़ैर ऐ जानम
बहुत उदास ये मधुबन है क्या किया जाए

ये सोच सोच के दिल मेरा बैठा जाता है
ख़फ़ा फिर आज वो चितवन है क्या किया जाए

'समर' ख़ुशी का तसव्वुर करें तो कैसे करें
क़दम क़दम यहाँ शेवन है क्या किया जाए

"समर कबीर"

मौलिक/अप्रकाशित

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Comment by Samar kabeer on February 5, 2022 at 3:17pm

जनाब आज़ी तमाम जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका आभारी हूँ ।

Comment by Aazi Tamaam on February 4, 2022 at 3:36pm

वाह गुरु क्या खूबसूरत ग़ज़ल है

हर इक शे'र लाजबाब है

शे र दर शे र बधाई स्वीकार करें

Comment by Samar kabeer on August 16, 2021 at 6:08pm

जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।

Comment by सालिक गणवीर on August 14, 2021 at 6:05pm

 उस्ताद -ए -मुहतरम  समर कबीर साहिब

आदाब

मुरस्सा ग़ज़ल के लिए शैर दर शैर दाद -ओ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं

Comment by Samar kabeer on August 7, 2021 at 2:48pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।

Comment by Sushil Sarna on August 7, 2021 at 1:33pm
वाह आदरणीय बेहद खूबसूरत अहसासों की शानदार गजल । सर दिल से मुबारक कबूल करें ।
Comment by Samar kabeer on August 6, 2021 at 2:56pm

जनाब अनीस अरमान जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।

Comment by Md. Anis arman on August 5, 2021 at 9:59am

बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है सर हर शेर लाजवाब है लफ़्ज़ों की कमाल की कलाकारी की है आपने बहुत कुछ सीखा जा सकता है इससे बहुत बहुत मुबारक 

Comment by Chetan Prakash on August 3, 2021 at 9:55pm

आदरणीय  समर कबीर साहब,  आदाब! सर, 'चितवन' बिल्कुल ठीक है, मैं उक्त मिसरा में चितवन के विकल्प के बारे  में पूछ  रहा था!  मेरी आप में आस्था है,  मैं काफिया 'चितवन' पर कोई  प्रश्न चिन्ह नहीं लगा  रहा हूँ । सादर 

Comment by Samar kabeer on August 3, 2021 at 6:36pm

//मेरा  आशथ , मौसम  सम्बंधित कुछ जैसे, कानन, अथवा, प्रेयसी इंगित बिम्ब है, तो आपकी  भाषानुसार 'जोबन ( यौवन )//

भाई, 'चितवन' शब्द आपको क्यों ठीक नहीं लग रहा?,कृपया स्पष्ट करने का कष्ट करें । 

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