For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अरुन 'अनन्त''s Blog (103)

कुण्डलिया एक प्रयास

आदरणीय श्री अरुण कुमार निगम सर के द्वारा संशोधित की गई कुण्डलिया आप सभी के समक्ष सादर पेश कर रहा हूँ कृपया स्वीकारें .

सोवत जागत हर पिता, करता रहता जाप,

रखना बिटिया को सुखी, हे नारायण आप

हे नारायण आप , कृपा अपनी बरसाना

मिले मान सम्मान,मिले ससुराल सुहाना

बीते जीवन…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 27, 2012 at 11:58am — 10 Comments

इसी देश की धरती पे थे, जन्मे स्वयं विधाता

यही देश था वीरों की, गाता अद्भुत गाथा,

इसी देश की धरती पे थे, जन्मे स्वयं विधाता,



कभी यहाँ प्रेम -सभ्यता, की भी बात निराली,

आज यहाँ प्रणाम नमस्ते, से आगे है गाली,

इक मसीहा नहीं बचा है, कौन करे रखवाली,

शहरों में तब्दील हो रही, प्रकृति की…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 23, 2012 at 11:43am — 10 Comments

उठे दर्द जब - उमड़े समंदर

लगी आग जलके, हुआ राख मंजर,

जुबां सुर्ख मेरी, निगाहें सरोवर,

लुटा चैन मेरा, गई नींद मेरी,

मुहब्बत दिखाए, दिनों रात तेवर,

सुबह दोपहर हर घड़ी शाम हरपल,

रही याद तेरी हमेशा धरोहर,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 21, 2012 at 11:09am — 12 Comments

लड़खड़ाते पांव मेरे - जबकि मैं पीता नहीं

याद में तेरी जिऊँ, मैं आज में जीता नहीं,

लड़खड़ाते पांव मेरे, जबकि मैं पीता नहीं,

नाज़ नखरे रख रखें हैं, आज भी संभाल के,

मैं नहीं इतिहास फिरभी, सार या गीता नहीं,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 16, 2012 at 12:59pm — 10 Comments

जिंदगी भर - ग़ज़ल

टूटता ये दिल रहा है जिंदगी भर,

दर्द भी हासिल रहा है जिंदगी भर,

अधमरा हर बार जिन्दा छोड़ देना,

मारता तिल-2 रहा है जिंदगी भर,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 15, 2012 at 11:07am — 14 Comments

बूढ़े बाबा की दीवानी

मोटी - मोटी चादर तानी,

फिर भी भीतर घुसकर मानी,

जाड़े की जारी मनमानी,

बूढ़े बाबा की दीवानी,

दादा - दादी,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 14, 2012 at 11:24am — 16 Comments

चाह है उसकी मुझे पागल बनाये

चाह है उसकी मुझे पागल बनाये,

बेवजह उड़ता हुआ बादल बनाये,

 

लोग देखेंगे जमीं से आसमां तक,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 12, 2012 at 6:05pm — 8 Comments

दोहे - प्रथम प्रयास

आदरणीय प्राची जी के कहने और भ्राताश्री अम्बरीश जी के द्वारा दिए गए दोहों के नियमों को पालन करते हुए, दोहे लिखने का मेरा प्रथम प्रयास है आप सभी को सादर समर्पित आप सभी के सहयोग की आकांक्षा लिए अरुन शर्मा.

 

आनन फानन में किया, दोहों का…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 12, 2012 at 11:05am — 8 Comments

कुछ हाइकु

आदरेया प्राची जी के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए मैंने फिर कुछ हाइकु लिखने का प्रयास किया है, आशा करता हूँ की आप सभी मार्गदर्शन करेंगे.

 …

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 7, 2012 at 11:00am — 8 Comments

प्यार से तस्वीर मेरी - पोंछना आंसू बहाके

प्यार से तस्वीर मेरी, पोंछना आंसू बहाके।

शीश खटिये पे टिकाकर, सोंचना आंसू बहाके।।

 …

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 5, 2012 at 3:06pm — 16 Comments

ग़ज़ल

दिन कहीं छुप खो गया है, रात भी बाकी नहीं।

मुश्किलें हैं हर कदम पर, बात बन पाती नहीं।।

 …

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 2, 2012 at 1:26pm — 14 Comments

हाइकु

ओ. बी. ओ. के सभी गुरुजनों, मित्रों एवं पाठकों को मेरा विन्रम प्रणाम. आज ओ. बी. ओ. पर काफी दिनों के बाद मेरा आना हुआ है. और ऐसा महसूस हो रहा है कि एक भूला-भटका राही अपने खुशहाल घर वापस आ गया, जहाँ बड़ों का आशीष है, स्नेह है, सहयोग है और कदम- 2 पर साथ है. हाइकु लिखने की पहली कोशिश है मालुम नहीं ठीक है या गलत, आशा करता हूँ कि आप सब मार्गदर्शन अवश्य करेंगे.



सादर

अरुन शर्मा

पराया धन

बढ़ाता परेशानी

मन में चिंता



बुरी नज़र

जलाती तिल…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on December 2, 2012 at 11:30am — 12 Comments

कीमत दर्दे दिल की अदा कर दे

कीमत दर्दे दिल की अदा कर दे,

तू खुद को मेरा खुदा कर दे,

आ जा वापस जिंदगी में फिर,

चाहे सांसों से जुदा कर दे,

गम में जीना हो न हो मरना,

ऐसा मौसम तू सदा कर दे,

तिरछी नज़रों से चला जादू,

मुझको…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on August 8, 2012 at 11:12am — 5 Comments

जिन्दा हूँ मुझमे अगर तुम हो

साँसों पे छाई खबर तुम हो,

मेरी आँखों की नज़र तुम हो,

 

हंसा हूँ पाकर साथ तुम्हारा,

खुशियों में होता असर तुम हो,

 

मर जाऊँगा मैं भूल ना जाना,

जिन्दा हूँ मुझमे अगर तुम हो,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on August 3, 2012 at 11:30am — 6 Comments

राह वो पगली बदलती नहीं

आह जो दिल से मेरे निकलती नहीं,
राह वो पगली शायद बदलती नहीं,

रोज़ मरता हूँ, जीता हूँ कभी-कभी,
हाल देख कर भी थोडा पिघलती नहीं,

खो गई पाकर, तुमको जिंदगी कहीं,
आज कल तबियत भी तो मचलती नहीं,

रूबरू आँखों में है, चेहरा तिरा,
अश्क बहते हैं, पर वो मसलती नहीं,

बात आती थी सारी, याद रात भर,
सांस सीने में रुकी, टहलती नहीं.......

Added by अरुन 'अनन्त' on August 1, 2012 at 12:30pm — 8 Comments

कुछ और शे'र

प्यार से मुझको, अनमोल नगीना दे दो,

जिंदगी को बस , इक और महीना दे दो,



हम जितना उनको देख मुस्कुराते चले गए,

वो उतना ही दिल कसम से दुखाते चले गए,



हुस्न की फिर से, कुछ अदाएं ढूंढ़ लाया हूँ,

आज अपनी खातिर, सजाएं ढूंढ़ लाया हूँ.....…



Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on July 27, 2012 at 4:25pm — 10 Comments

शायद मैं नहीं रहा

दोस्त ....दोस्त वो नहीं रहा,

दिल के मारे, दिल नहीं रहा,



बहता पानी, आँख में नमी,

सागर छूटा, अब नहीं रहा,

धड़कन धीमी, और हो गयी,

काबू खुद पर, जो नहीं रहा,

अब बस तेरा, इंतज़ार है,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on July 27, 2012 at 2:04pm — 6 Comments

कुछ शेर

मुझको भी जिंदगी की, जरुरत बना गई,

वो नज़रों से छु मुझे, खूबसूरत बना गई //



आँखों से तोड़ गयी, ख्वाबों की पंखुड़ियों को,

कांटो ने छोड़ दिया, जख्मी कर उंगलियों को //



देख तुझको निगाहों, में भर आया पानी,

देन है, ये हसीनो की, है मेहरबानी //…



Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on July 25, 2012 at 2:21pm — 3 Comments

आदमी

आदमी को कर रहा है, तंग आदमी,

सभ्यता सीखा गया बे-ढंग आदमी,



कोशिशें कर-2 हुआ है, कामयाब अब,

आसमां में भर रहा है, रंग आदमी,

देख के लो हो गयीं, हैरान अंखियाँ,

ओढ़ बैठा है, बुरा फिर अंग आदमी,

सोंच के ना काम कोई आज तक…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on July 25, 2012 at 12:04pm — 6 Comments

इक तरफ - इक तरफ

इक तरफ सुन्दर, जग-जमाना,

इक तरफ लुटता, मैं खज़ाना,

इक तरफ प्याला, है मदहोश,

इक तरफ लब, मेरे खामोश,

इक तरफ बिजली, हैं बादल,

इक तरफ आशिक, मैं पागल,

इक तरफ सागर, है गहरा,

इक तरफ खाली, मैं ठहरा,…

Continue

Added by अरुन 'अनन्त' on July 23, 2012 at 11:22am — No Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Monday
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service