For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

घनाक्षरी : अरुन 'अनन्त'

आदरणीय गुरुजनों, अग्रजों एवं प्रिय मित्रों घनाक्षरी पर यह मेरा प्रथम प्रयास है कृपया त्रुटियों से अवगत कराएँ.

मनहरण - घनाक्षरी

क्रूरता कठोरता अधर्म द्वेष क्रोध लोभ
निंदनीय कृत्य पापियों का प्रादुर्भाव है,

दूषित विचार बुद्धि और हीन भावना है,
आदर सम्मान न ह्रदय में प्रेम भाव है,

नम्रता सहृदयता विवेक न समाज में,
सभ्यता कगार पर धर्मं का आभाव है,

बदली है वेषभूषा बदला है रंगढंग
बदला हुआ बड़ा मनुष्य का स्वाभाव है.

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Views: 735

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 18, 2014 at 12:22pm

अनंत जी सुन्दर चित्रण आज के सामजिक परिदृश्य का अच्छी प्रस्तुति
भ्रमर ५


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 2, 2014 at 1:56am

पहले प्रयास के हिसाब अच्छी प्रस्तुति हुई है.  बहुत खूब !

Comment by MAHIMA SHREE on April 24, 2014 at 9:18pm

बहुत -२ बधाई आदरणीय अरुण अनंत जी .. सुंदर प्रस्तुति के लिए /

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 23, 2014 at 11:24am

बहुत बहुत धन्यवाद चन्द्र शेखर भाई जी

Comment by CHANDRA SHEKHAR PANDEY on April 23, 2014 at 11:22am
जय हो
अरु न भाई। बधाई
Comment by अरुन 'अनन्त' on April 23, 2014 at 10:57am

बहुत बहुत शुक्रिया जीतेंद्र भाई जी

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 23, 2014 at 10:57am

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीया अन्नपूर्णा जी

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 23, 2014 at 10:57am

हार्दिक आभार आदरणीय गिरिराज सर

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 23, 2014 at 10:57am

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण सर

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 23, 2014 at 10:56am

हार्दिक आभार आदरणीया सरिता जी किन्तु आपके सुझाव में अटकाव आ रहा है कृपया आप भी जांच लें ऐसा मुझे लगा

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सच फ़साना नहीं कि तुझ से कहें ये बहाना नहीं कि तुझ से कहें। शेर का शेर के रूप में पूरा होना और एक…"
1 hour ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"उदाहरण ग़ज़ल और उदाहरण क़ाफ़िया को देखें उससे क़ाफ़िया "आना" निर्धारित होता है जबकि…"
1 hour ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"इस मंच पर ग़ज़ल विधा पर जितनी चर्चा उपलब्ध है उसे पढ़ना भी महत्वपूर्ण है। इस पर विशेष रूप से ध्यान…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"धन्यवाद ऋचा जी।  गिरह ख़ूब हुई // आप भी मनजीत जी की तरह फ़िरकी ले रहीं हैं। हा हा "
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय अजेय जी नमस्कार  बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई आपकी बधाई स्वीकार कीजिए  गिरह ख़ूब…"
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीया मनप्रीत जी  बहुत शुक्रिया आपका हौसला अफ़ज़ाई के लिए  सादर "
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय अजेय जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई के लिए आपका  सादर "
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीया मनप्रीत जी नमस्कार  बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई आपकी बधाई स्वीकार कीजिए  चौथे शेर का ऊला…"
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"आदरणीय जयहिंद जी  ग़ज़ल का अच्छा प्रयास किया आपने बधाई स्वीकार कीजिए  गुणीजनों की…"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"दिल दुखाना नहीं कि तुझ से कहेंहै फसाना नहीं कि तुझ से कहें गांव से दूर घर बनाया हैहै बुलाना नहीं…"
17 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"धन्यवाद आदरणीय "
21 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रणाम भाई अखिलेश जी, क्या ही सुंदर चौपाईयां हुईं हैं। वाह, वाह। फागुन का पूरा वृतांत कह दिया…"
21 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service