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ram shiromani pathak
  • 30, Male
  • India
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ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"गुमनाम भाई बहुत आभार आपका"
Jun 6
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"लक्ष्मण भाई बहुत बहुत आभार आपका।।सादर"
Jun 6
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आरिफ़ भाई बहुत आभार आपका।।टंकण त्रुटि है सही कर लेता हूँ///सादर"
Jun 6
gumnaam pithoragarhi commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"गज़ल अच्छी लगी ,,बधाई"
Jun 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आ. भाई रामसिरोमणि जी, सुंदर रचना हुयी. हार्दिक बधाई ।"
Jun 4
Mohammed Arif commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आदरणीय राम शिरोमणि जी आदाब,                         अच्छे अश'आरों से सुसज्जित ग़ज़ल । हर शे'र उम्दा । शुरू के तीन शे'र में तो बहुवचन का (हैं) का प्रयोग है मगर बाक़ी के शे'र…"
Jun 1
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय।।सादर"
May 30
Dr Ashutosh Mishra commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आदरणीय राम शिरोमणि जी बहुत अच्छी रचना है रचना पर हार्दिक बधाई सादर"
May 29
ram shiromani pathak posted a blog post

ग़ज़ल(2122 1212 22)

जो तेरे आस पास बिखरे हैं।।वो मेरे दिल के सूखे पत्ते हैं।।काग़ज़ी फूल थे मगर जानम।।तेरे आने से महके महके हैं।।याद आती है उनकी जब यारों।मुझमे मुझसे ही बात करते हैं।।बदली किस्मत ज़रा सी क्या उनकी।।वो ज़मीं से हवा में उड़ते है।।जिनके ईमान ओ अना हैं गिरवी।।वो भी इज़्ज़त की बात करते है।।'राम' बच के रहा करो इनसे।ये जो कातिल हसीन चेहरे है।।मौलिक/अप्रकाशितराम शिरोमणि पाठकSee More
May 29
vijay nikore commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"इस अच्छी गज़ल के लिए बधाई"
May 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"हार्दिक बधाई , आदरणीय.."
May 23
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"नीलेश भाई बहुत बहुत आभार अपकल"
May 23
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आरिफ़ भाई  उत्साह वर्धन हेतु आभार आपका"
May 23
ram shiromani pathak posted a blog post

ग़ज़ल 212×4

ख्वाब थे जो वही हूबहू हो गए।जुस्तजू जिसकी थी रूबरू हो गए।।इश्क करने की उनको मिली है सज़ा।देखो बदनाम वो चार सू हो गए।।फ़ायदा यूँ भटकने का हमको हुआ।।खुद से ही आज हम रूबरू हो गए।।बेचते रात दिन जो अना को सदा।वो ज़माने की अब आबरू हो गए।।आप कहते न थकती थी जिनकी ज़ुबां।आज उनके लिए हम तो तू हो गए।।मौलिक /अप्रकाशितराम शिरोमणि पाठकSee More
May 23
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"ग़ज़ल।। मुंतजिर हूँ मैं इक जमाने से।मिलने आ जा किसी बहाने से।। आ जा मिलने भी ठीक लग रहा है मुझे उनकी गलियों से जब भी गुजरा हूँ।ज़ख़्म उभरे हैं कुछ पुराने से।। दिल की बातें ज़ुबां पे आने दो।कह दो! मिलता है क्या छुपाने से।। मेरे घर भी कभी तो आया कर।साँसे…"
May 23
Nilesh Shevgaonkar commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आ. राम शिरोमणि जी,ग़ज़ल के लिए बधाई... और थोडा वक़्त दीजिये ..कई मिसरे और निखरेंगे सादर "
May 22

Profile Information

Gender
Male
City State
Surat(Gujarat)
Native Place
Bhadohi (Uttar Pradesh)
Profession
managing director at metro electronics........
About me
Simple,Honest&Hard worker...............

Ram shiromani pathak's Blog

ग़ज़ल(2122 1212 22)

जो तेरे आस पास बिखरे हैं।।

वो मेरे दिल के सूखे पत्ते हैं।।

काग़ज़ी फूल थे मगर जानम।।

तेरे आने से महके महके हैं।।

याद आती है उनकी जब यारों।

मुझमे मुझसे ही बात करते हैं।।

बदली किस्मत ज़रा सी क्या उनकी।।

वो ज़मीं से हवा में उड़ते है।।

जिनके ईमान ओ अना हैं गिरवी।।

वो भी इज़्ज़त की बात करते है।।

'राम' बच के रहा करो इनसे।

ये जो कातिल हसीन चेहरे है।।

मौलिक/अप्रकाशित

राम शिरोमणि…

Continue

Posted on May 29, 2018 at 11:48am — 8 Comments

ग़ज़ल 212×4

ख्वाब थे जो वही हूबहू हो गए।
जुस्तजू जिसकी थी रूबरू हो गए।।

इश्क करने की उनको मिली है सज़ा।
देखो बदनाम वो चार सू हो गए।।

फ़ायदा यूँ भटकने का हमको हुआ।।
खुद से ही आज हम रूबरू हो गए।।

बेचते रात दिन जो अना को सदा।
वो ज़माने की अब आबरू हो गए।।

आप कहते न थकती थी जिनकी ज़ुबां।
आज उनके लिए हम तो तू हो गए।।

मौलिक /अप्रकाशित

राम शिरोमणि पाठक

Posted on May 23, 2018 at 12:21pm

ग़ज़ल(2122 1212 22)

मुंतजिर हूँ मैं इक जमाने से।
आ जा मिलने किसी बहाने से।।

उनकी गलियों से जब भी गुजरा हूँ।
ज़ख़्म उभरे हैं कुछ पुराने से।।

दिल की बातें ज़ुबां पे आने दो।
कह दो! मिलता है क्या छुपाने से।।

मेरे घर भी कभी तो आया कर।
ज़िन्दा हो जाता तेरे आने से।।

इश्क़ की आग राम है ऐसी।
ये तो बुझती नहीं बुझाने से।।

मौलिक/अप्रकाशित

राम शिरोमणि पाठक

Posted on May 21, 2018 at 11:30pm — 8 Comments

दोहे(विविधा)

मुझे देख उनको लगा,हुआ मुझे उन्माद।।

नयनों से वाचन किया,अधरों से अनुवाद।।1

अभी पुराने खत पढ़े,वही सवाल जवाब।

देख देख हँसता रहा,सूखा हुआ गुलाब।।2

मन को दुर्बल क्यों करें,क्षणिक दीन अवसाद।

आगे देखो है खड़ा,आशा का आह्लाद।।3

विविध रंग से हो भरा,भावों के अनुरूप।।

स्नेह इसी अनुपात में ,मैं प्यासा तुम कूप।।4

करुणा प्यार दुलार औ,इक प्यारी सी थाप।

माँ ही पूजा साथ में,है मन्त्रों का जाप।।5

स्वाभिमान को…

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Posted on May 17, 2018 at 3:01pm — 2 Comments

Comment Wall (18 comments)

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At 9:06pm on March 1, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई, ईश्वर आपको प्रत्येक क्षेत्र में सफल करें ......

At 5:30pm on December 13, 2013, Dr Dilip Mittal said…

 क्षणिकाये पसंद आने के लिये  धन्यवाद 

At 10:34pm on November 24, 2013, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

राम शिरोमणि जी

आपकी सराहना सर आँखों परi

आभार i

At 1:14am on July 11, 2013, डॉ नूतन डिमरी गैरोला said…

आदरणीय राम शिरोमणि जी! .. जन्मदिन पर आपकी शुभकामनाएं मिली ... आपका ह्रदय से आभार 

At 8:03pm on July 10, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 राम शिरोमणि भाई जी,  आपकी जन्म दिन शुभकामनाएं मेरे लिए दिव्य उपहार ही है।  आपका तहेदिल से शुक्रिया व हार्दिक आभार।  सादर,

At 5:39pm on June 8, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय रामशिरोमणि पाठक जी आपका सादर आभार । डी पी माथुर

At 10:52pm on May 9, 2013, coontee mukerji said…

भाई पाठक जी, आप कहाँ हैं....बहुत दिन हुए आप दर्शन नहीं दे रहे.....आशा है आप स्वस्थ व सकुशल हैं.

At 5:19pm on April 22, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh
said…

प्रिय राम शिरोमणि जी,

आपके सद्वचनों के लिए आपकी आभारी हूँ.

हम सभी अपनी ज़िंदगी में अनेक रोल जीते हैं... मेरा बस इतना ही प्रयास रहता है कि मैं हर रोल को पूरी इमानदारी से ही जियूँ..पूरा १०० प्रतिशत. शायद यही एक इंसान से हर रूप में हम सभी से अपेक्षित भी होता है ? 

स्नेहाशीष.

At 9:24pm on April 18, 2013, ram shiromani pathak said…
Thanks a lot#########
At 3:17pm on April 7, 2013, Abhinav Arun said…

आदरणीय श्री पाठक जी , माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई और अनंत शुभकामनाएं !

 
 
 

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