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Dr.Brijesh Kumar Tripathi
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Latest Activity


मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post अनुभव
"आदरणीय डॉ साहब, आप द्वारा प्रस्तुत दोहे अच्छे हैं, एक दो जगह कुछ कमी है जिसपर आदरणीय गोपाल नारायण जी बहुमूल्य सुझाव दिए हैं ...लेकिन इन सबसे पहले ...........आप हैं कहाँ आदरणीय ?"
7 hours ago
babita choubey shakti commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post अनुभव
"आदरणीय जी अति सुंदर"
May 31

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post अनुभव
"आदरणीय ब्रिजेश कुमार त्रिपाठीजी, आपको एक अरसे बाद इस मंच पर पुनः देखना अतीव प्रसन्नता का कारण हुआ है. सहभागिता के लिए हार्दिक धन्यवाद. आदरणीय गोपाल नारायनजी के कहे का संज्ञान लें.सादर "
May 28
narendrasinh chauhan commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post अनुभव
"बस इतना ही जानता, मैं हूँ पूर्ण अपूर्ण l  बिन मेरे तेरी  मगर नहीं पूर्णता पूर्ण!! बहुत खूब सुन्दर रचना"
May 26
Samar kabeer commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post अनुभव
"जनाब डॉ.ब्रिजेश कुमार त्रिपाठी जी,आदाब,सुन्दर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
May 25
Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post was featured

अनुभव

जीवन के जिस राग  का अनुभव में था ताप l  बिन उसके जीवन वृथा, धन-वैभव या शाप ll  भय वश मैं झिझका रहा प्रेम न फटका पास l गहरी नदिया पास थी अमिट और भी प्यास ll मैं क्या जानूं उसे जो,   छिप कर करता वार  lजीवन-रस अमृत सही,  छलक रहा हो सार  ll कुछ तो फूटा है यहाँ, फैला है अनुराग lबिन बदली भीगा बदन, ठंढी-ठंढी आग ll यह सुगंध अनुराग की बढ़ा रही है चाह l                                                                                         कैसे पहुचूँ आप तक दिखे न कोई राह ll   बस इतना ही जानता, मैं हूँ…See More
May 24
Dr.Brijesh Kumar Tripathi posted blog posts
May 24
Manoj kumar Ahsaas commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post अनुभव
"बहुत खूब सर"
May 24
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post अनुभव
"आ ० बृजेश जी बहुत सुन्दर दोहे रचे आपने . बस एक जगह चूक हुयी ----------मैं  क्या जानूं  उसे  जो -----इस विषम चरण के अंत में  यगण  क्यों ? सगठन  4+4+३+2  तो सही है पर  सनियम यहाँ त्रिकल  १२ नहीं २१ ही…"
May 24
Dr.Brijesh Kumar Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 34
"सुन्दरतम रचना बहन महिमा श्री सामान्य मानव जीवन को दृश्यमान करती उत्कृष्ट कृति हेतु हार्दिक बधाई"
Aug 10, 2013
Dr.Brijesh Kumar Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 34
"मेघ सलोने घिर गया अम्बर सावन आया,,,,,१ माँ चिंतातुर मस्ती में डूबे सारे भीगे बालक ,,,,,,२ किससे बोलूं जिया मैं कैसे खोलूंखोये प्रीतम,,,,,३ बदरा बरसें तुम क्यों न आये अखियाँ भीगीं,,,,,,४ वर्षा संयोग सतर्कता बरतो लगें न रोग,,,,,,,५ सुख…"
Aug 10, 2013
Dr.Brijesh Kumar Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"आदरणीय अशोक जी बहुत सुन्दर कुण्डलियाँ और बहुत ही प्यारा व्यंग ...वाह बधाई हो"
Feb 8, 2013
Dr.Brijesh Kumar Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 28
"साधु वाद डॉ.प्राची सिह जी त्रिभंगी छंद के इस प्रयोग में सिद्ध  शिल्प  तो है ही पारंपरिक विशिष्टता का चित्रण भी अत्यंत लुभावना है बधाई स्वीकार करें"
Feb 8, 2013
Dr.Brijesh Kumar Tripathi posted a blog post

शुभ विचार

हरिगीतिकाक्षण मात्र भी बिन कर्म के कोई नहीं रहता कभीसत्कर्म या दुष्कर्म में ही व्यस्त दीखते हैं सभीतज स्वत्व व निज स्वार्थ को जो कर्म करते हैं सदासत्कर्म उनके ही उन्हें         सत्कार देते सर्वदा....१ जब कर्म करना ही पड़े तो क्यों न वह सत्कर्म होयदि भावना आदर्श हो तो कर्म भी सद्धर्म होंअनुरोध है यह आपसे निज को कसौटी में कसेंव्यवहार हो यदि आत्मवत तो क्यों न हृदयों में बसें ...२स्वच्छंद हैं हम कर्म को  जो चाहते हैं वो करेंपर पूर्व में ही कुछ विचारें और ईश्वर से डरेंईश्वर-प्रदत्त विवेक को हम नित्य…See More
Jan 28, 2013
Dr.Brijesh Kumar Tripathi commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post शुभ विचार
"आदरणीय अशोक जी आपकी प्रतिक्रिया ने न सिर्फ मेरा मान बढाया है वरन मेरा मन भी बढाया है आपके शब्दों  का शत  शत आभार"
Jan 27, 2013
Ashok Kumar Raktale commented on Dr.Brijesh Kumar Tripathi's blog post शुभ विचार
"जब कर्म करना ही पड़े तो क्यों न वह सत्कर्म हो यदि भावना आदर्श हो तो कर्म भी सद्धर्म हों अनुरोध है यह आपसे निज को कसौटी में कसें व्यवहार हो यदि आत्मवत तो क्यों न हृदयों में बसें ...........बहुत सुन्दर भाव. बधाई स्वीकारें आदरणीय डॉ ब्रिजेश जी सादर."
Dec 24, 2012

Profile Information

Gender
Male
City State
Kanpur
Native Place
Kanpur
Profession
Homoeopathic Physician
About me
Ypu will better Know

Dr.Brijesh Kumar Tripathi's Blog

अनुभव

जीवन के जिस राग  का अनुभव में था ताप l  

बिन उसके जीवन वृथा, धन-वैभव या शाप ll 

 

भय वश मैं झिझका रहा प्रेम न फटका पास l 

गहरी नदिया पास थी अमिट और भी प्यास ll

 

मैं क्या जानूं उसे जो,   छिप कर करता वार  l

जीवन-रस अमृत सही,  छलक रहा हो सार  ll

 

कुछ तो फूटा है यहाँ, फैला है अनुराग l

बिन बदली भीगा बदन, ठंढी-ठंढी आग ll

 

यह सुगंध अनुराग की बढ़ा रही है चाह…

Continue

Posted on May 24, 2015 at 6:00am — 7 Comments

शुभ विचार

हरिगीतिका

क्षण मात्र भी बिन कर्म के कोई नहीं रहता कभी

सत्कर्म या दुष्कर्म में ही व्यस्त दीखते हैं सभी

तज स्वत्व व निज स्वार्थ को जो…

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Posted on December 18, 2012 at 7:30am — 2 Comments

फगुनाई गज़ल

फागुन बुला रहा मन खोले

मितवा आज किसी का होले

बौराई आमों की डालें

कोयल कुहू कुहू स्वर बोले

झूम रही खेतों में सरसों

हवा चल रही हौले…

Continue

Posted on March 8, 2012 at 8:00pm — 3 Comments

होली की मस्ती

बिना भंग की मस्ती छाई रे....   होली आई रे

आओ सारे लोग-लुगाई रे.....      होली आई रे

होली आई होली आई होली आई रे.....होली आई रे

 

 

सपा के सर पे ताज आज…

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Posted on March 8, 2012 at 3:00pm — 1 Comment

Comment Wall (12 comments)

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At 5:59pm on January 1, 2011, Veerendra Jain said…
Wishing you a very Happy Birthday.... Tripathi sir...
At 1:17pm on January 1, 2011, Rash Bihari Ravi said…
janam din mubarak ho ,
At 9:23am on January 1, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 10:45pm on November 23, 2010, Lata R.Ojha said…
aap mitrmandali mein sarvpratham mitr hain bhai :) mitrta sweekar kijiye :)
At 2:17am on November 21, 2010, SARA MISRA said…
aapke aashirwaad aur sneh ki aakanchhi ..............SARA
At 9:31am on September 19, 2010, Admin said…
सर नीचे दिये गये लिंक या तरही मुशायरा-३ जहा आपकी ग़ज़ल पोस्ट हुई है उसके ठीक नीचे आने वाली प्रतिक्रिया को आप पढ़ सकते है, आप सीधे भी तरही मुशायरा-३ मे पोस्ट कर सकते थे किन्तु आप के नहीं कर सकने के कारण मै पोस्ट कर दिया था,
किसी भी जानकारी के लिये आप का स्वागत है ,
http://www.openbooksonline.com/forum/topics/obo-3?id=5170231%3ATopic%3A19991&page=13#comments
At 11:17pm on September 18, 2010, Admin said…
आदरणीय डॉ ब्रिजेश कुमार त्रिपाठी जी, इस पोस्ट(जिंदगी में तुम्हारी कमी रह गयी.) को तरही मुशायरा -३ मे पोस्ट कर दिया गया है ,
http://www.openbooksonline.com/forum/topics/obo-3/showLastReply
At 8:40pm on September 15, 2010, Admin said…
आपका tarahi mushayarey key liyey भेजा गया पोस्ट जो नीचे लिखा हुआ है उसे मुशायरा मे पोस्ट कर दिया गया है जिसे आप नीचे के लिंक पर देख सकते है ....
http://openbooksonline.com/xn/detail/5170231:Comment:19883?xg_source=activity

दोस्तों नेट की खराबी के चलते मैं तरही मुशायरा में शामिल नहीं हो पाया लेकिन मेरी इसमें शामिल होने की बड़ी इच्छा थी चार लाइन पेश करना चाहता हूँ और लेट लतीफी की माफ़ी भी ...

जिनकी बातों से चिढ होती थी कभी
उन्ही को फर्शी सलाम बजाना है...
जिनके पीछे पड़े थे कभी पुलिस के दस्ते
उन्ही के कदमों में जा गिरा ज़माना है
At 10:29pm on July 15, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 12:33pm on July 15, 2010,
सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh
said…

 
 
 

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