हरिगीतिका
क्षण मात्र भी बिन कर्म के कोई नहीं रहता कभी
सत्कर्म या दुष्कर्म में ही व्यस्त दीखते हैं सभी
तज स्वत्व व निज स्वार्थ को जो…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on December 18, 2012 at 7:30am — 2 Comments
फागुन बुला रहा मन खोले
मितवा आज किसी का होले
बौराई आमों की डालें
कोयल कुहू कुहू स्वर बोले
झूम रही खेतों में सरसों
हवा चल रही हौले…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on March 8, 2012 at 8:00pm — 3 Comments
बिना भंग की मस्ती छाई रे.... होली आई रे
आओ सारे लोग-लुगाई रे..... होली आई रे
होली आई होली आई होली आई रे.....होली आई रे
सपा के सर पे ताज आज…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on March 8, 2012 at 3:00pm — 1 Comment
जो अपने इल्म-ओ-मेहनत से जहाँ सारा सजा देते
ये मेहनत गांव में करते तो घर अपना बना लेते ..१
भरम तो टूटते हैं तब वतन की याद आती जब
अगर पैसे से मिलता तो सुकूँ थोडा मंगा लेते ...२
कहाँ मालूम था परदेस भी दर है जलालत का
नहीं तो हम कभी भी गांव से क्यों कर विदा लेते ?...३.
हंसी में इस तरह मायूसियत हरगिज़ नहीं होती
ज़रा अपने वतन की खिलखिलाहट को सजा लेते…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on November 29, 2011 at 8:00am — 3 Comments
संघर्ष जीवन के कठिन नीरस बनाते हैं हमें
कर्तव्य-पथ के शूल भी बहुधा डराते हैं हमें
भटकें न हम हरहाल में,आगे निरंतर हम बढे
जबतक ये लक्ष्य अलक्ष्य है,न पग रुकें न मन थके..१.
…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on October 30, 2011 at 4:30pm — 1 Comment
शपथ
राखी की मुझे
बहन
देश की
रक्षा में होना
कुर्बान
मन में
पालना नहीं
दुविधा
रखूंगा
सदा देश का
सम्मान
बहना
खिला अब तो
मिठाई....
एकादशी विधा में लिखे ये छंद गणेश भैया मैं आपको समर्पित करता हूँ ...आप इस विधा के अविष्कार कर्ता हैं ..इसलिए प्रथम प्रतिक्रिया के लिए आप से अनुरोध भी करता हूँ
डॉ.…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on August 18, 2011 at 3:42pm — 2 Comments
सच्ची प्रीति में पगी जो प्रार्थना की रीति ये तो
नेह नीति में विरह की गाँठ न लगाइए
जब भी प्रेम भाव से बुलाया जाय आपको तो
भक्तों के काज आप बनाने चले आइये
आप मूर्तिमान हैं निधान हैं दया के…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on June 29, 2011 at 10:54pm — No Comments
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on May 15, 2011 at 8:25am — 6 Comments
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on May 11, 2011 at 8:42am — 1 Comment
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on April 11, 2011 at 11:00pm — 2 Comments
तितली के इतने रूपों को
कभी न देखा
कभी न जाना परखा मैंने ..
देखा तो बस मैंने इतना
रंगबिरंगी उडती तितली
पलक झपकते पर सिकोड़ती और…
ContinueAdded by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on April 5, 2011 at 10:13am — 5 Comments
श्री नवीन जी लीजिये गुझिया खासमखास
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on March 27, 2011 at 10:00am — 2 Comments
विश्व-कप में
टीम इंडिया आई
आस जगाई.....१
इंतजार में
जोरदार तैयारी
है बेक़रारी ...२
माही! तुम में
ज़ज्बा है हिम्मत भी
सामने आओ ...३
देश का मान
विश्व-कप जीत के
भारत लाओ ....४
अब सचिन!
शतकों के शतक
का इंतजार .....५.
खेलो न पूरे
जी जान से निराली
टीम इंडिया ....७
BRIJESH
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on March 4, 2011 at 10:00pm — No Comments
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on February 2, 2011 at 6:00pm — 7 Comments
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on February 2, 2011 at 5:30pm — 1 Comment
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on February 2, 2011 at 5:00pm — 1 Comment
वो कौन है ...
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on January 21, 2011 at 8:30am — 6 Comments
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on December 31, 2010 at 1:00pm — No Comments
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on December 29, 2010 at 1:30pm — 5 Comments
Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on December 3, 2010 at 10:19am — 5 Comments
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