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BAIJNATH SHARMA'MINTU'
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BAIJNATH SHARMA'MINTU''s Page

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BAIJNATH SHARMA'MINTU' commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच लिक्खूंगा-बोलूँगा - बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’
"आदरणीय लक्ष्मण साहेब .......नमन व शुक्रिया "
Feb 11
BAIJNATH SHARMA'MINTU' commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच लिक्खूंगा-बोलूँगा - बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’
"आदरणीय समर साहेब ....नमन व शुक्रिया ...............आप बिलकुल सही हरमा रहे हैं "
Feb 11
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच लिक्खूंगा-बोलूँगा - बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’
"आ. मिंंटू जी, अच्छी गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Feb 5
Samar kabeer commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच लिक्खूंगा-बोलूँगा - बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’
"जनाब मिंटू जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । 'मंदिर-मस्ज़िद-धर्मों-मज़हब रक्षित औ महफूज़ हैं फिर' 'धर्म' और 'मज़हब' तो एक ही हैं न?"
Feb 4
BAIJNATH SHARMA'MINTU' posted a blog post

चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच लिक्खूंगा-बोलूँगा - बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’

S S S S S S S S S S S S S S S.देश के दुश्मन सबके दुश्मन इनसे यारी ठीक नहीं| इनसे हाथ मिलाने वालों यह गद्दारी ठीक नहीं|मंदिर-मस्ज़िद-धर्मों-मज़हब रक्षित औ महफूज़ हैं फिर इनकी खातिर गोलीबारी -तेग-कटारी ठीक नहींमाँ की अस्मत ख़तरे में औ मुल्क में हो गर त्राहिमाम तब तो लोग कहेंगे दिल्ली की सरदारी ठीक नही।आरक्षण की ख़ातिर ही अंधे-बहरे कुर्सी पर हैं इस हालत से देश की होगी कुई बीमारी ठीक नहीं|चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच लिक्खूंगा-बोलूँगा काम करो या कुर्सी छोडो अब मक्कारी ठीक नहीं|फाँसी पर लटका दो या फिर…See More
Feb 4
BAIJNATH SHARMA'MINTU' commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post पढ़ न पाए ये ज़माना इश्क की तहरीर अब
"आदरणीय छोटेलाल साहब , हौसलाअफजाई के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया आपका "
May 29, 2018
डॉ छोटेलाल सिंह commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post पढ़ न पाए ये ज़माना इश्क की तहरीर अब
"आदरणीय बैजनाथ जी कमाल की गजल लिखने के लिए दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिये "
May 29, 2018
BAIJNATH SHARMA'MINTU' posted a blog post

पढ़ न पाए ये ज़माना इश्क की तहरीर अब

२१२२ २१२२ २१२२ २१२पढ़ न पाए ये ज़माना इश्क की तहरीर अब इसलिए ही ख़त जलाये औ तेरी तस्वीर अबमंदिरो-मस्ज़िद में जाकर मिन्नतें-सजदा किये फिर भी तुमसे दूर रहना है मेरी तक़दीर अब|लोग कुछ मजनूँ कहें अब और कुछ फ़रहाद भी यह तुम्हारे इश्क की ही लग रही तासीर अब |ज़ख़्म गहरा हो गया हो या कि फिर नासूर तो प्यार का ही लेप उस पर हो दवा अक्सीर अब|है मुक़द्दर में नही मत सोचकर बैठो मियाँ बदलेगी तक़दीर निश्चित गर किया तदबीर अब।रक्त रंजित हो गई है इसलिये माँ भारती सब के हाथों में है दिखती धर्म की शमशीर अब|चंद ग़ज़लें कह…See More
May 24, 2018
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’ - लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में......
"आद0 बैजनाथ जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल का बढिया प्रयास। बहुत बहुत बधाई इस प्रस्तुति पर। आली जनाब समर साहब की बातों का संज्ञान लीजियेगा "
Mar 11, 2018
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’ - लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में......
"बहुतखूब बहुतखूब ग़ज़ल हुई बधाई"
Mar 8, 2018
Mohammed Arif commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’ - लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में......
"आदरणीय बैजनाथ जी आदाब,                               ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है इस हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार करें । आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब की इस्लाह का तत्काल.प्रभाव से…"
Mar 7, 2018
Samar kabeer commented on BAIJNATH SHARMA'MINTU''s blog post बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’ - लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में......
"जनाब बैजनाथ शर्मा 'मिंटू' साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । मतले के ऊला मिसरे में क़ाफ़िया काम नहीं कर रहा है,कोई विकल्प तलाश करें ।"
Mar 7, 2018
BAIJNATH SHARMA'MINTU' posted a blog post

बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’ - लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में......

अरकान- 212 212 12 22 बात कहनी थी जो ज़ुबानी में|लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में| फूल-ख़त संग लाख दर्दोगम उसने हमको दिये निशानी में| देवता बन के आये हैं मेहमां  कुछ कसर हो न मेज़बानी में | प्यार रुसवा मेरा भी हो जाताजिक्र करता अगर कहानी में | सर्द मौसम में गर गिरा पल्लू आग फिर तो लगेगी पानी में |मौलिक व अप्रकाशित See More
Mar 7, 2018

Profile Information

Gender
Male
City State
AHAMEDABAD
Native Place
BIHAR
Profession
TEACHER

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चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच लिक्खूंगा-बोलूँगा - बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’

S S S S S S S S S S S S S S S

.

देश के दुश्मन सबके दुश्मन इनसे यारी ठीक नहीं|

इनसे हाथ मिलाने वालों यह गद्दारी ठीक नहीं|

मंदिर-मस्ज़िद-धर्मों-मज़हब रक्षित औ महफूज़ हैं फिर

इनकी खातिर गोलीबारी -तेग-कटारी ठीक नहीं

माँ की अस्मत ख़तरे में औ मुल्क में हो गर त्राहिमाम

तब तो लोग कहेंगे दिल्ली की सरदारी ठीक नही।

आरक्षण की ख़ातिर ही अंधे-बहरे कुर्सी पर हैं

इस हालत से देश की होगी कुई बीमारी ठीक नहीं|

चारण हूँ मद्दाह नहीं मैं सच…

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Posted on February 4, 2019 at 2:00pm — 4 Comments

पढ़ न पाए ये ज़माना इश्क की तहरीर अब

२१२२ २१२२ २१२२ २१२

पढ़ न पाए ये ज़माना इश्क की तहरीर अब 

इसलिए ही ख़त जलाये औ तेरी तस्वीर अब

मंदिरो-मस्ज़िद में जाकर मिन्नतें-सजदा किये

फिर भी तुमसे दूर रहना है मेरी तक़दीर अब|

लोग कुछ मजनूँ कहें अब और कुछ फ़रहाद भी

यह तुम्हारे इश्क की ही लग रही तासीर अब |

ज़ख़्म गहरा हो गया हो या कि फिर नासूर तो

प्यार का ही लेप उस पर हो दवा अक्सीर अब|

है मुक़द्दर में नही मत सोचकर बैठो मियाँ

बदलेगी तक़दीर निश्चित…

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Posted on May 23, 2018 at 1:30pm — 2 Comments

बैजनाथ शर्मा ‘मिंटू’ - लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में......

अरकान- 212 212 12 22

 

बात कहनी थी जो ज़ुबानी में|

लिख रहें हैं ग़ज़ल कहानी में|

 

फूल-ख़त संग लाख दर्दोगम 

उसने हमको दिये निशानी में|

 

देवता बन के आये हैं मेहमां  

कुछ कसर हो न मेज़बानी में |

 

प्यार रुसवा मेरा भी हो जाता

जिक्र करता अगर कहानी में |

 

सर्द मौसम में गर गिरा पल्लू 

आग फिर तो लगेगी पानी में |

मौलिक व अप्रकाशित 

Posted on March 6, 2018 at 8:30pm — 5 Comments

ये हमारी शान है औ ये हमारा है वतन- बैजनाथ शर्मा 'मिंटू'

2122  2122  2122    212

 

जाग गहरी नींद से औ देख अपना ये चमन

ये हमारी शान है औ ये हमारा है वतन|

 

भोली सूरत देखकर या फिर किसी भी लोभ में

जो जलाते घर हमारे दो न तुम उनको शरण |

 

धर्म के जो नाम पर हमको लड़ाते आ रहे

आ गए फिर वोट लेने सोच कर करना चयन|

 

आदमी की शक्ल में जो हैं सरापा भेड़िये

कब तलक जुल्मों सितम उनके करेंगे हम सहन|

 

गर बचाना देश है तो मार दो गद्दार को

झट मिटा दो नाम अब तो मत करो…

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Posted on April 11, 2017 at 8:30pm — 6 Comments

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At 8:56am on October 23, 2015, Manoj kumar Ahsaas said…
आपका स्वागत है
सादर
At 1:35am on October 23, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

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