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सामाजिक सरोकार Discussions (89)

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सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ

"चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँगिद्दडां नूँ मैं शेर बणावाँ सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ" सिखों के दसवें गुरु श्री गोविंद…

Started by dr neelam mahendra

1 Sep 2, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

क्या गूगल पर लगाम लगा पाएंगे ट्रम्प?

क्या गूगल पर लगाम लगा पाएंगे ट्रम्प? क्या यह संभव है कि दुनिया की नजर में विश्व का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति भी कभी बेबस और लाचार हो सकता है?…

Started by dr neelam mahendra

0 Sep 1, 2018

नक्सलवाद को हराती सरकारी नीतियाँ

नक्सलवाद को हराती सरकारी नीतियाँ 24 अप्रैल 2017 को जब "नक्सली हमले में देश के 25 जवानों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे" यह वाक्य देश क…

Started by dr neelam mahendra

0 May 1, 2018

डूबते सूरज की बिदाई नववर्ष का स्वागत कैसे

डूबते सूरज की बिदाई नववर्ष का स्वागत कैसे  पेड़ अपनी जड़ों को खुद नहीं काटता, पतंग अपनी डोर को खुद नहीं काटती, लेकिन मनुष्य आज आधुनिकता की दौ…

Started by dr neelam mahendra

0 Dec 29, 2017

आपका ‘धर्म’ क्या है?

'धर्म' मानव इतिहास के किसी भी कालखंड में सर्वाधिक चर्चित विषय रहा हैं | 'धर्म' को लेकर विभिन्न महामानवों ने अपने विचार रखें हैं, और उनके अन…

Started by K.Kumar

0 Nov 30, 2017

'विकास' की कसौटी

आज हर इंसान सोते-जागते, उठते -बैठते विकास की बात कर रहा हैं!चार लोग जुटे नहीं, गली-मुहल्लों, चौक चौराहों,..चाय से लेकर पान कि दुकानों पर वि…

Started by K.Kumar

2 Nov 30, 2017
Reply by K.Kumar

दिल्ली एनसीआर की प्रदूषण खतरा की घंटी

दिल्ली एनसीआर में इस समय वायु प्रदूषण बहुत भयावह स्थिति में है ! सड़क पर कहीं भी सांस लेना मुश्किल हो गया है! लेकिन सरकार और अन्य जिम्मेदार…

Started by Sushil Kumar Verma

0 Nov 15, 2017

सत्ता परिवर्तन या हृदय परिवर्तन

भारत वर्ष में जो राजनीतिक व्यवस्था है वह लोकतंत्रात्मक है। इसमें जनता के द्वारा जनता की और जनता के लिए सरकार बनाई जाती है। भारत वर्ष को आजा…

Started by indravidyavachaspatitiwari

0 Nov 6, 2017

विश्व बैंक रिपोर्ट एक ठंडी हवा का झोंका बनकर आई है

विश्व बैंक रिपोर्ट एक ठंडी हवा का झोंका बनकर आई है जब नोटबंदी और जीएसटी को देश की घटती जीडीपी और सुस्त होती अर्थव्यवस्था का कारण बताते हुए…

Started by dr neelam mahendra

0 Nov 3, 2017

गुजरात चुनाव परीक्षा आखिर किसकी

गुजरात चुनाव परीक्षा आखिर किसकी “कोई भी व्यक्ति अपने द्वारा किए गए कार्यों से समाज में "नायक" अवश्य बन सकता है लेकिन वह  "नेता" तभी बनता ह…

Started by dr neelam mahendra

0 Nov 2, 2017

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"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
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सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेतुझे याद किया था हमने ... "क्या...तुम्हारे मन के द्वार…See More
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कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
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  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
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Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
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दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
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Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
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