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Sushil Kumar Verma
  • Maharajganj, Uttarpradesh
  • India
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Sushil Kumar Verma's Page

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Mohammed Arif commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"आदरणीय सुशील कुमार जी आदाब, बहुत भी बेहतरीन रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी की बातों का संज्ञान लें ।"
Nov 20, 2017
Samar kabeer commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"जनाब सुशील कुमार वर्मा जी आदाब,अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें । जनाब सुरेन्द्र जी की बातों का संज्ञान लें ।"
Nov 19, 2017
Sushil Kumar Verma commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"बहुत बहुत धन्यवाद सुरेन्द्र नाथ जी!! आपने मेरे कमियों को बताया"
Nov 19, 2017
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"आद0 सुशील कुमार वर्मा जी सादर अभिवादन, अच्छा प्रयास किया है आपने पर कविता में शब्दकल सही शब्द संयोजन और तुकान्तता का विशेष महत्व होता है। एक समान मात्रा भार आप लेते और शब्दकल सटीक होते तो गेयता आ जाती। तुकान्तता पर भी विशेष ध्यान दीजिए, चाल से की…"
Nov 19, 2017
Sushil Kumar Verma posted a blog post

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के, मौसम ने यूं पलट खाया, शीतल हो उठा कण-कण धरती का, कोहरे ने बिगुल बजाया!! हीटर बने हैं भाग्य विधाता, चाय और कॉफी की चुस्की बना जीवनदाता, सुबह उठ के नहाने वक्त, बेचैनी से जी घबराता!! घर से बाहर निकलते ही, शरीर थरथराने लगता, लगता सूरज अासमां में आज, नहीं निकलने का वजह ढूढ़ता!! कोहरे के दस्तक के आतंक ने, सुबह होते ही हड़कंप मचाया, शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के मौसम ने यूं पलटा खाया!! दुबक पड़े इंसान रजाईयों में, ठण्ड की मार से, कांप उठा कण-कण धरती का मौसम की चाल से!! बजी नया…See More
Nov 17, 2017
Sushil Kumar Verma replied to K.Kumar 's discussion 'विकास' की कसौटी in the group सामाजिक सरोकार
"आदरणीय के कुमार अभिषेक जी आपकी लेख वाकई सत्य है!!"
Nov 17, 2017
Sushil Kumar Verma added a discussion to the group सामाजिक सरोकार
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दिल्ली एनसीआर की प्रदूषण खतरा की घंटी

दिल्ली एनसीआर में इस समय वायु प्रदूषण बहुत भयावह स्थिति में है ! सड़क पर कहीं भी सांस लेना मुश्किल हो गया है! लेकिन सरकार और अन्य जिम्मेदार विभाग इसका उपाय नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं,बल्कि एक दूसरे के ऊपर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी जरूर की जा रही है! प्रदूषण से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है ! हालत यह है कि एक आदमी के शरीर में एक दिन में कई सिगरेट के बराबर धुआँ जा रही है!इससे उनके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है!इस भयावह समस्या को निदान के लिए सरकार और नागरिक दोनों को सचेत होना होगा!सुशील…See More
Nov 17, 2017
Sushil Kumar Verma added a discussion to the group विद्यार्थी कोना
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सुशील कुमार वर्मा की लेख

मैं सुशील कुमार वर्मा जो कि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कला संकाय (भूगोल,समाजशास्त्र,इतिहास) का नियमित छात्र हूँ!
Nov 17, 2017
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
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चित्र से काव्य तक

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |See More
Nov 15, 2017
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
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विद्यार्थी कोना

यहाँ युवाओं के शिक्षा, रोजगार इत्यादि विषयों पर जानकारी, परिचर्चा आरम्भ किया जा सकता है |
Nov 15, 2017
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
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सामाजिक सरोकार

सामाजिक सरोकार से जुड़ी हुई लेख और रचनायें यहाँ पर पोस्ट किया जा सकता है,
Nov 15, 2017
Sushil Kumar Verma commented on Admin's group ग़ज़ल की कक्षा
"मैं गजल की कक्षा हाल में ही ज्वाइन किया!! आशा है कि आप सभी गुरुजनों का मुझ पर आर्शीवाद बना रहेगा!!"
Nov 15, 2017
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
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ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के इच्‍छुक है वो यह ग्रुप ज्वाइन कर लें |धन्यवाद |See More
Nov 15, 2017
Sushil Kumar Verma left a comment for Er. Ganesh Jee "Bagi"
"आदरणीय बागी सर जी बधाई हो आपकी पुस्तक की एक प्रति मुझे भी चाहिए!! सुशील कुमार वर्मा पता:- गोरखपुर Whatsapp मोन:- 7571988131"
Nov 15, 2017
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Sushil Kumar Verma's blog post देश के भविष्य
"आद0 सुशील जी सादर अभिवादन, रचना का भाव पक्ष बेहतरीन है, कला पक्ष को भी देखिए, बहुत सुंदर कविता बनेगी। कुछ वर्तनीगत त्रुटियों को भी दूर करना है। इस प्रयास पर बधाई।"
Nov 15, 2017
vijay nikore commented on Sushil Kumar Verma's blog post देश के भविष्य
"अति सुन्दर रचना के लिए बधाई।"
Nov 14, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Maharajganj
Native Place
Gorakhpur
Profession
Student
About me
I am a Hindi poet

Sushil Kumar Verma's Blog

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के,

मौसम ने यूं पलट खाया,

शीतल हो उठा कण-कण धरती का,

कोहरे ने बिगुल बजाया!!



हीटर बने हैं भाग्य विधाता,

चाय और कॉफी की चुस्की बना जीवनदाता,

सुबह उठ के नहाने वक्त,

बेचैनी से जी घबराता!!



घर से बाहर निकलते ही,

शरीर थरथराने लगता,

लगता सूरज अासमां में आज,

नहीं निकलने का वजह ढूढ़ता!!



कोहरे के दस्तक के आतंक ने,

सुबह होते ही हड़कंप मचाया,

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के

मौसम ने यूं पलटा…

Continue

Posted on November 17, 2017 at 10:00am — 4 Comments

देश के भविष्य

तु देश का भविष्य है,

ऐ कैसा तेरा भेष है,

जिस कंधों पर होना चाहिए बस्ता,

उस कंधों पर कितना बोझ है !!



तु उन चारदीवारों से क्यों दूर है,

शिक्षा की मन्दिर से कहां गुम है,

जिस हाथ में होना चाहिए कलम,

उस हाथ को चाय बेचने का काम है !!



ज़िन्दगी का अध्ययन का पल तुमसे क्यों दूर है,

आखिर तू भी उसी अल्लाह का नूर है,

जिस आंखों में होना चाहिए ख्वाब,

उन आँखों में दर्द आंसूओं का सैलाब है !!



सरकार और परिवार चुप क्यों है,

ये बच्चे… Continue

Posted on November 12, 2017 at 9:33am — 7 Comments

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