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पहिले हम केतना सही से रहलीं, दिल रहे केतना साफ़|

देख के तू मुश्कियइलू  अइसन, दिल पर लिख दिहलू नाम|

पहिले देखलू त तूहीं हमके आँख भर के, 
गोरी बस गइलू हमरी नजरिया में, हो गोरी..................

हमार दिल त बहूssते सही रहल, फिर कब से तोहार इ दिवाना बनल|
भ का गइल इ हमके एह  उमिरिया में, 
गोरी बस गइलू हमरी नजरिया में, हो गोरी..................
रोज सपना में हमssरे आवेलु तू, काहें आके अब हमके जगावेलु तू|
काहें करेलू तंग हमें, गुजरिया हे,
गोरी बस गइलू हमरी नजरिया में, हो गोरी..................

दिल मिलल चाहे तोहरा से मिल न सके, बात कइल चाहे तोहसे करि न सके|
बसल चाहीं तोहरी आँख की पुतरिया में,
गोरी बस गइलू हमरी नजरिया में, हो गोरी..................

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Replies to This Discussion

माटी की जबान में बहुत बढ़िया गीत लिखा है आशीष जी | इसे कोई गा दे तो सुपर हिट हो जाए :-)) हार्दिक बधाई !!

आशीष भाई,  गीत पढल गईल.  धन्यवाद.

bahut sundar bhai bhujpuri geet me tuk bandi kamal kare la dhayan rakhem

sundar geet ..badhai :)

aap logo ne ye geet padha. aap logo bhaya.

bahut bahut dhanywaad.

आशीष भाई
अब का कही टच माई करेजा बहुत सुनर गरदा करत रह
अउरी बहुत बहुत बधाई ए रचना खाती

dhanyawaad bishwajit bhai.

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