For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 99864

Reply to This

Replies to This Discussion

dhanyavaad admin ji
Dushyant ji, namaskaar.

Nayee job ke liye aapko hardik badhayee. Hamari shubhkamna hai aap jeevan ke har kshetra mein nayee oochayeeyo ko par kare.
bahut bahut badhai ho dushyant jee.......ishwar se prarthana hai ki wo aapke upar isi tarah khusiyon ki barsaat karte rahen................
अभी अभी पता चला है कि आज आदरणीय बब्बन पाण्डेय जी कि शादी की सालगिरह है , ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के तरफ से मैं श्री / श्रीमती पाण्डेय को दीर्घ ,सफल वैवाहिक जीवन की कामना करता हू, बहुत बहुत बधाई बब्बन पाण्डेय जी,
shaadi ki saalgirah bahut bahut mubarak ho baban bhaiya.......

Baban Pandey ji ki shadi ke saalgirah par dhero badhayee.
मित्रों आज OBO के प्रधान संपादक आदरणीय श्री योगराज प्रभाकर जी की शादी की सालगिरह है.

मै उन्हें दिल से मुबारक बाद देता हूँ.

"बना रहे यह जोड़ा तब तक जब तक सूरज चाँद
अधरों पर मुसकान विराजे कभी ना होवे मांद
यह परिवार हुआ उनके ही आने से आबाद
बना रहे अब हम जैसों पर उनका आशीर्वाद"

योगी सर आपको एक बार फिर से शादी की सालगिरह की कोटिशः बधाइयाँ.
राणा भाई, इस काव्यात्मक बधाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद !
सत्य होता है हर सपना जहाँ आकर,
कल्पना लेती है आकार जिन्हे छूकर,

बंद दरवाजे खुल जाते है जहाँ जाकर,
दुश्मन भी आते है उनसे हारकर ,

हम भी गर्वान्वित है जिन्हे पाकर ,
वो है OBO संपादक योगराज प्रभाकर ,

पर उनकी भी है एक कमजोरी भयंकर ,
बन्ध जाती घिघी जब सामने हो मिसेज प्रभाकर,
ImageChef Sketchpad - ImageChef.com
OBO के प्रधान संपादक के १७ जुलाई १९८१ से लेकर अब तक के सफल वैवाहिक जीवन के लिये आज उनके २९ वें शादी की सालगिरह पर मेरे और पूरे ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के तरफ से कोटिश: बधाई और ईश्वर से आपकी लम्बी वैवाहिक जीवन के लिये हम सब प्रार्थना करते है|
अमर रहे आप दोनों का प्यार ,
ये दिन आता हैं जीवन में हर साल ,
रवि गुरु आप दोनों को देता बधाई ,
हर दम आता रहे अच्छा अच्छा ख्याल ,
आपकी छत्र छाया में हम तो चले ,
यु ही तो मिलता रहे आपका प्यार ,
भैया योगराज प्रभाकर आपके साथ भाभी जी को भी आज के दिन मुबारक हो ,

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
15 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
16 hours ago
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
18 hours ago
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
21 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service