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दुष्यंत सेवक's Discussions

आम आदमी के शायर को नमन

Started this discussion. Last reply by Saurabh Pandey Dec 24, 2011. 4 Replies

मशहूर शायर अदम गोंडवी उर्फ रामनाथ सिंह का रविवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। 'काजू भुनी प्लेट में व्हिकी भरी गिलास में,…Continue

 

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दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"अहा सहमत हूँ सर.. मज़ा आ रहा है शेर में मैकशों के साथ पढने पर.. "
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"आदरणीय सौरभ भैया.. आपको पढना चाहे छंद विधा में हो अथवा कविता अथवा बालगीत अथवा ग़ज़ल, एक अत्यंत सुखद अनुभव रहता है ... प्रस्तुत ग़ज़ल बिलकुल आपके द्वारा स्थपित किये हुए बेंचमार्क्स को मात देती हुई सी प्रतीत होती है.. अंतिम शेर ने तो पूरे मुशायरे को ही…"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"जो था करीब दिल के, बहुत ही करीब था,उससे करीबियों के हि हकदार हम नहीं...वाह क्या शानदार शेर है... हासिल ए ग़ज़ल ..बधाई क़ुबूल फरमाएं खालसा साहब ="
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"आदरणीय बागडे जी.. हेटट्रिक की ग़ज़ल भी पूर्व की दो की रवायत को निभा रही है.. बहुत ही उम्दा प्रस्तुति... आपके समर्पण के नाम ज़ोरदार तालियां... एक दिन ३ ग़ज़ल.. वाह वाह"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"अहा., यूँ तो पूरी ग़ज़ल ही काबिल ए दाद है.. किन्तु ये तीन शेर खास तौर पर पसंद आये जनाब कादरी साहब.. दाद क़ुबूल फरमाएंदो पल जो मेरे साथ न ग़र्दिश में रह सकेउनसे तो अब वफ़ा के तलबगार हम नहीं हालात कह रहे हें क़यामत करीब हे ग़फलत की फिर भी नींद से बेदार…"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"आपने सराह दिया सो "हसरत" पूरी हुई.. नजर ए इनायत के लिए हार्दिक आभार जनाब शरीफ अहमद कादरी साहब"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"आपकी ग़ज़ल की तारीफ करूँ सो "सूरज" को दिया दिखाना होगा ... एक एक शेर अपनी कहानी खुद बयाँ कर रहा है.. आला दर्जे की ग़ज़ल .. भरपूर दाद कबूल कीजिये डॉ, साहब"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"मतले का शेर घुट-घुट के जी रहे करें प्रतिकार हम नहीं। अपने ही उन्नयन के भी आधार हम नहीं। आगे के शेरों की दशा दिशा तय करता हुआ सा दीखता है.. बहुत ही उम्दा कहन और गिरह के साथ ग़ज़ल कही है आदरणीय हबीब जी... बधाई स्वीकारें"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"अहा मतले से मकते तक हर एक शेर पर कुर्बान जाऊं सर. क्या सुन्दर ग़ज़ल कही है आपने... काबिल ए दाद शेर है हर एक बधाई स्वीकारें"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"हा हा हा हा हा... अरे आदरणीय बागी जी... इन डॉ. साहब की तो महिमा अपरम्पार है ... नुस्खे इतने लाजवाब है की मिले बिना भी काम हो जायेगा :) जैसे निर्मल बाबा की किरिपा आ जाती है टीवी देखने से हा हा हा हा हा हा "
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"हा हा हा हा हा... जी मैं शीघ्र ही उनके बताये नुस्खे आजमा लेता हूँ... :)))"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"सादर... महोदय.... यह मंच तो है ही इसलिए की यहाँ आकर भरपूर ज्ञान लिया जाए.."
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"आपसे स्नेह है तो बेबाकी से बात कह रहा हूँ. आशा है अन्यथा नहीं लेगे... आदरणीय प्रभाकर सर.. आपकी नजर ए इनायत होना ही अपने आप में फख्र महसूस करने जैसा भाव है.. आपकी कही हुई बातें तो सर आँखों पर .. फिर जैसे की आपने खुद ही कहा की आपको मुझसे स्नेह है...…"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"हार्दिक धन्यवाद बागडे साहब ... ग़ज़ल का यह शेर आपको रुचा सो प्रयास सार्थकता को अग्रसर होता लग रहा है. "
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"/'हसरत' हमें तो प्यार ही आता हें बांटनाज़ोरो जफा सितम के तरफदार हम नहींवाह वाह हसरत साहब... शानदार मक्ता है... बेहतरीन ग़ज़ल .. ढेरों दाद क़ुबूल फरमाएं"
Tuesday
दुष्यंत सेवक replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"आये हाय आदरणीय धर्मेन्द्र जी पूरी ही ग़ज़ल एक दम आला दर्जे के खयालातों से लबरेज़ है... इस बेहतरीन प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई "
Tuesday

Profile Information

Gender
Male
City State
Pune, Maharashtra
Native Place
Mehidpur, Madhyapradesh
Profession
Creative Advisor
About me
Ex Reporter Dainik Bhaskar, now a copywriter in an ad agency at indore...

दुष्यंत सेवक's Blog

सज़ा

Posted on April 21, 2012 at 5:27pm 9 Comments

शब्दों की जुगाली
करत रहा मनवा ये मवाली
लुच्चे से ख़यालात
लफंगे से अहसास
बदमाश जज़्बात
सोच रहा हूँ
सुना दूं इन्हें
उम्रकैद की सज़ा
डायरी के पन्नों में

हाइकु

Posted on February 18, 2012 at 5:30pm 5 Comments

१. मनमीत रे 

    धोरे हो गए केश 
    मन रंगीला 
२. मनमीत रे 
    जग ने बिसराया
    तू ही संग है 
३. मनमीत रे 
    छोटी सी ये दुकान 
    जग अपना 
४. मनमीत रे 
    उम्र का है ढलान 
    नेह बढ़ाएं 
५. मनमीत रे 
    धन की नहीं आस 
    प्रीत है धन 
६. प्रियतमा री 
    मीठा लागे चुम्बन 
    भिगोया मन 
७.…
Continue

आज तिमिर का नाश हुआ

Posted on October 24, 2011 at 6:38pm 4 Comments

आज तिमिर का नाश हुआ
दीपों की लगी कतार
कार्तिक अमावस्या लेकर आई
यह आलोकित उपहार

द्वार द्वार पर दीप जलें
घर घर हुआ श्रृंगार
हर देहरी प्रदीप्त हुई
बिखरा हर्ष अपार

झाड़ बुहार आँगन को
लक्ष्मी को दें आमंत्रण
करबद्ध हो सब करें
मन से रमा का वंदन

सभी को शुभ दीपावली...
दुष्यंत..........

किसी और के पास कहाँ

Posted on September 13, 2011 at 6:44pm 6 Comments

घर शिफ्टिंग के दौरान एक पुरानी diary हाथ लगी और गर्द झाड़ी तो यह रचना नमूदार हुई. इस पर तारीख अंकित थी 12-8-1999...मैने सोचा कच्ची उम्र और कच्ची सोच की यह रचना के सुधि पाठकों की नज़र की जाए.

तुम्हारी जो ख़बर हमें है

वो किसी और के पास कहाँ

देख लेता हूँ कहकहों में भी

आंसू के कतरे

ऐसी नजर किसी और के पास कहाँ



ज़माने ने ठोकरें दी पत्थर समझकर

तुने मुझे सहेज लिया मूरत समझकर

होगी अब हमारी गुजर

किसी और के पास कहाँ



उम्र भर देख लिया

बियाबान में…

Continue

Comment Wall (17 comments)

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At 1:38pm on March 28, 2012, Seema agrawal said…

स्वागत है दुष्यंत जी 

At 12:25pm on March 28, 2012, MAHIMA SHREE said…
दुष्यंत जी नमस्कार आपको प्रतियोगिता में सफल होने के लिए बहुत-२ बधाइयाँ ...
At 8:56pm on January 2, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…

मै आपका बहुत ही आभारी हूँ की आपने मेरी कविता की सराहना करके मेरा उत्साह वर्धन किया

At 10:40am on May 24, 2011, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 9:52am on May 24, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
MANY MANY HAPPY RETURNS OF THE DAY DUSHYANT BHAI...
At 12:58am on August 5, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
badhai ho dushyant jee....aapki rachna ko july mahine ka sarvasresth blog chune jane par bahut bahut badhai hooo
At 12:43am on August 5, 2010, Rana Pratap Singh said…
Dushyant ji badhai ho
At 12:23am on August 5, 2010, Admin said…
आदरणीय श्री दुष्यंत सेवक जी,
प्रणाम,
मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है की आपकी रचना को जुलाई महीने के लिये " महीने का सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग " चुना गया है, आपको ओपन बुक्स परिवार की तरफ से बहुत बहुत बधाई, माँ सरस्वती आपकी कलम को ताकत दे, धन्यवाद |
At 8:08pm on May 24, 2010, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 7:37pm on May 24, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
MANY MANY HAPPY RETURNS OF THE DAY DUSHYANT JEE...

I WISH ALL YOUR DREAMS COME TRE THIS DAY...
 
 
 

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