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दुष्यंत सेवक's Discussions (415)

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"उसकी खुश्बू को तू उड़ा लाया क्या मरज़ की मेरे दवा लाया क्या कह दिया...... महबूब के प्य…"

दुष्यंत सेवक replied May 24, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"जानता था ज़रूरतें मेरीवो मेरे वास्ते दुआ लाया। वाह...... इसे कहते हैं उस्तादाना ग़ज़ल.…"

दुष्यंत सेवक replied May 24, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"ज़िन्दग़ी फिर रही न वो ’सौरभ’मौन कुछ प्रश्न जो जुटा लाया  ॥ बड़ा ही गहरा विचार है ... ब…"

दुष्यंत सेवक replied May 24, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"जा रहा है वो अलविदा कह करजो था जीने का फलसफा लाया वाकई नायाब अशआर हैं...दाद कुबूलिए…"

दुष्यंत सेवक replied May 24, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"यूँ तो जुगनू बहुत थे "गुलशन" में हां मगर रोशनी दीया लाया वाह...... बेहतरीन शुरुआत ..…"

दुष्यंत सेवक replied May 24, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"अहा सहमत हूँ सर.. मज़ा आ रहा है शेर में मैकशों के साथ पढने पर.. "

दुष्यंत सेवक replied May 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३ (Now closed with 1126 Replies)

1128 May 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"आदरणीय सौरभ भैया.. आपको पढना चाहे छंद विधा में हो अथवा कविता अथवा बालगीत अथवा ग़ज़ल,…"

दुष्यंत सेवक replied May 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३ (Now closed with 1126 Replies)

1128 May 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"जो था करीब दिल के, बहुत ही करीब था,उससे करीबियों के हि हकदार हम नहीं...वाह क्या शानद…"

दुष्यंत सेवक replied May 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३ (Now closed with 1126 Replies)

1128 May 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"आदरणीय बागडे जी.. हेटट्रिक की ग़ज़ल भी पूर्व की दो की रवायत को निभा रही है.. बहुत ही उ…"

दुष्यंत सेवक replied May 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३ (Now closed with 1126 Replies)

1128 May 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"अहा., यूँ तो पूरी ग़ज़ल ही काबिल ए दाद है.. किन्तु ये तीन शेर खास तौर पर पसंद आये जनाब…"

दुष्यंत सेवक replied May 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३ (Now closed with 1126 Replies)

1128 May 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

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