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Er. Ganesh Jee "Bagi"'s Discussions (8,103)

Discussions Replied To (5823) Replies Latest Activity

"स्वागतम"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Apr 29 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-85 (विषय: अहसास)

43 Apr 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"स्वागतम "

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Mar 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-84

57 Mar 31
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"जय जय ।"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Mar 25 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26
Reply by Saurabh Pandey

"//सही शुद्ध  ग़ज़ल का स्वरूप  पटल पर न आ  सका// आदरणीय आप "सही शुद्ध ग़ज़ल" टिप्पणी मे…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Mar 13 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीया प्रतिभा जी,  बहुत सुन्दर गीत, मैं तो गा गा कर पुरे लय में पढ़ गया, बहुत बढ़िया…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Mar 13 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"भाई चेतन प्रकाश जी, कुंडलियां पर सुन्दर प्रयास हुआ है, मात्राओं के संयोजन पर तनिक का…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Mar 13 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"लो चली कोई  हवा न जाना अभी तो इस बार ये होली में नहीं दिख रहा मुझे वो कोई अभी तो इस…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Mar 13 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"वाह भाई वाह, क्या गज़ब की ग़ज़ल कही है, सभी अशआर शानदार हुए हैं।  चलो नाचे छमा छम छम क…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Mar 13 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"मोहतरम समर साहब, आप शीघ्र स्वस्थ हों, हम सबकी दुआएं आपके साथ है ।"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jan 22 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3467 Jun 24
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

""ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-135 में सहभागिता हेतु आप सभी का आभार ।"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jan 16 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-135

82 Jan 16
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

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दीवारें हैं छत हैंसंगमरमर का फर्श भीफिर भी ये मकान अपना घर नहीं लगताचुकाता हूँमैं इसका दाम, हर…See More
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"//अनबुझ का अर्थ यहाँ कभी न बुझने वाली के सन्दर्भ में ही लिया गया है। हिन्दी में इसका प्रयोग ऐसे भी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post केवल बहाना खोज के जलती हैं बस्तियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, स्नेह व सुझाव के लिए आभार। "
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई गुमनाम जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व स्नेह के लिए आभार।"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व स्नेह के लिए आभार। अनबुझ का अर्थ यहाँ कभी न…"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन।गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार। भूलवश अरकान गलत…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कभी तो पढ़ेगा वो संसार घर हैं - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई गुमनाम जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार।"
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"आदरणीय गुमनाम पिथौरागढ़ी जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
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Mira sharma is now a member of Open Books Online
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