For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

साथियों,
"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -1) अत्यधिक डाटा दबाव के कारण पृष्ठ जम्प आदि की शिकायत प्राप्त हो रही है जिसके कारण "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2) तैयार किया गया है, अनुरोध है कि कृपया भाग -1 में केवल टिप्पणियों को पोस्ट करें एवं अपनी ग़ज़ल भाग -2 में पोस्ट करें.....

कृपया मुशायरे सम्बंधित अधिक जानकारी एवं मुशायरा भाग 2 में प्रवेश हेतु नीचे दी गयी लिंक क्लिक करें 

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)

Views: 42755

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

जनाब अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब,आपने सहीह कहा,ये मेरी दूसरी ग़ज़ल है जिसमें ओबीओ का नाम लिखा है,और ये सब आप जैसे साथियों की महब्बत का नतीजा है,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

आदरणीय समर कबीर साहब। सुंदर गज़ल। प्रत्येक शेर तारीफ के काबिल। इस पर सोने में सुहागा आपने प्रत्येक पंक्ति को ओपन बुक्स आन लाइन से जाेड़ कर कमाल कर दिया है। इस सुंदर रचना के लिए बहुत बहुत बधाई। ये शेर तो बहुत अचछा लगा .

नष्ट ऐसे ही सबको होना है
बुलबुला ये बता गया है मुझे

-- दयाराम मेठानी  

जनाब दयाराम मेठानी जी आदाब,ग़ज़ल आपको पसंद आई लिखना सार्थक हुआ,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

अनोखी लाजवाब प्रस्तुति जनाब समर साहब आपकी सोच और मेहनत को सलाम .......शानदार रचना कर्म हेतु बहुत बहुत बधाई ।

जनाब नादिर भाई आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

वाह! अद्भुत! ग़ज़ल कहना स्वयं में कई पाबन्दियों का पालन करना होता है, उस पर अपनी तरफ़ से एक और बन्दिश को शामिल करना, ये सिर्फ़ आप ही कर सकते हैं आदरणीय समर कबीर सर। आमतौर पर ऐसी बन्दिश लागू करने से शेर कमज़ोर हो जाते हैं पर आपकी ग़ज़ल इसका अपवाद है। हर शेर लाजवाब। ओबीओ के प्रेम, समर्पण और इस बेशकीमती उपहार के लिए आपको ढेर सारी बधाई। सादर।

जनाब महेन्द्र कुमार। जी आदाब,ये सब ओबीओ की महब्बत का कमाल है,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

आदरणीय समर साहब आदाब  आेपन बुक्स आनलाइन के 100 वें मुशायरे की बधाई आैर इस तोहफे के  लिए आपका शुक्रिया गजल बहुत अच्छी हुई है मुबारक बाद पेश करता हूँ । 

जनाब रवि शुक्ला जी आदाब,आपको और पूरे ओबीओ परिवार को ओबीओ का गोल्डन जुबली अंक मुबारक हो,सुख़न नवाज़ी के।लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

आदरणीय समर साहब ओ बी ओ के प्रति आपकी निष्ठा और समर्पण स्तुत्य है, यह ग़ज़ल इसकी बानगी भर है| आप ऐसे ही सतत मोहब्बत देते रहें हमारी यही कामना है| आपको ढेर सारी शुभकामनाएं और मुबारकबाद|

जनाब राणा प्रताप सिंह जी आदाब,ओबीओ मेरी रग रग में,मेरी हर साँस में बसता है,और इस परिवार के सभी सदस्य भी मुझसे बेपनाह महब्बत करते हैं ।

ग़ज़ल आपको पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया । एक ग़ज़ल और पोस्ट की है, और उसके बाद एक और है, उन पर भी आपका तब्सिरा दरकार है ।

"आप महफ़िल में आये राणा जी

देख कर चैन आ गया है मुझे'

वाह समर साहब, शब्द तो आपकी उँगलियों के इशारों पर नाचते हैं, यही फ़न तो सीधे दिल तक पहुँचता है। 100 वें अंक के लिए ओपन बुक्स ऑनलाइन के लिए इससे बेहतर तोहफ़ा और क्या हो सकता है। नायाब गजल के लिए मुबारकबाद।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service