For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

All Discussions Tagged '' (105)

← Back to पुस्तक समीक्षा
Discussions Replies Latest Activity

समीक्षा पुस्तक : दोहा-सागर

समीक्षा : दोहा-सागर रचयिता : पंकज शर्मा ‘तरुण’ प्रकाशक : उत्कर्ष प्रकाशन, 142, शाक्य पूरा, कंकर खेडा, मेरठ केंट-२५०००१, (उ.प्र.) प्रथम संस्…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 May 1

देवभूमि के इतिहास का गौरव-पृष्ठ है –यह उपन्यास ‘चन्द्रवंशी’ ::डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

अतीत से जुड़ना भी एक मानवीय प्रवृत्ति है I जिन साहित्यकारों को अतीत से मोह होता है वे प्रायशः भारतीय इतिहास के किसी गौरवशाली पृष्ठ को टटोलते…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Dec 31, 2019

समीक्षा पुस्तक : टुकड़ा-टुकड़ा धूप (दोहा संकलन)

पुस्तक : टुकड़ा-टुकड़ा धूप (दोहा संकलन) सम्पादक : रेखा लोढ़ा ‘स्मित’ सह-सम्पादक : वीरेंद्र कुमार लोढ़ा मूल्य : रूपये 150/- मात्र प्रकाशक : बोधि…

Started by Ashok Kumar Raktale

1 May 7, 2019
Reply by Saurabh Pandey

निकष पर -ःकिरण किरण रोशनी’            ::   डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 समीक्ष्य पुस्तक- किरण किरण रोशनी (कहानी संग्रह) लेखिका-रूबी शर्मा प्रकाशन वर्ष- 2017 ई0 प्रकाशक- नमन प्रकाशन, स्टेशन रोड, लखनऊ            …

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Apr 23, 2019

ककनमठ( उपन्यास) समीक्षा

प्रथम प्रयास  पुस्तक : ककनमठ लेखक: पं. छोटेलाल भरद्वाज प्रकाशक: प.दिनेश भरद्वाज मूल्य: ५००/- रूपये प्रथम संस्करण: १९८८ द्वितीय संस्करण: २०…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

2 Feb 25, 2019
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

पटना वाला प्यार (कहानी संग्रह) पुस्तक समीक्षा

पुस्तक : पटना वाला प्यारविधा- कहानी संग्रहलेखक- अभिलाष दत्तप्रकाशक-समदर्शी प्रकाशनसंस्करण- अक्टूबर,2018मूल्य - ₹150/- अभिलाष दत्त द्वारा ल…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

0 Feb 23, 2019

मेघदूत का छायानुवाद है ‘यक्ष का संदेश’- डॉ. पाण्डेय रामेन्द्र                                   प्रस्तुति – गोपाल नारायण श्रीवास्तव    7

यक्ष का संदेश – डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव अंजुमन प्रकाशन, 942, मुट्ठीगंज, इलाहाबाद-3, प्रथम संस्करण 2018, कुल पृ0-92, मूल्य- रू. 150/- भा…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Nov 30, 2018

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या- माह अक्टूबर,  2018- एक प्रतिवेदन  -डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

                                           

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Nov 30, 2018

पुस्तक समीक्षा : “दर्पण .... एक उड़ान कविता की”

संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाता काव्य संग्रह वर्तमान अंकुर के संयोजन में, एकल पुस्तक संग्रह की श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित काव्यसंग्रह, “…

Started by Vikas Sharma 'Daksh'

0 Sep 20, 2018

पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के”

सभी कहानियां भावनाओं से परिपूर्ण: पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के” ‘दायरे.... रिश्तों के’  25 लाजवाब कहानियों का यह कहानी संग्रह रोहि…

Started by Vikas Sharma 'Daksh'

0 Sep 20, 2018

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post नदी इंकार मत करना कभी तू अपनी क़ुर्बत से (१०७ )
"भाई सालिक गणवीर  जी , इस उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार "
21 minutes ago
सालिक गणवीर commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post ग़ज़ल- हर कोई अनजान सी परछाइयों में क़ैद है
"आदरणीय भाई सुरेन्द्रसिंह जीआदाब एक और लाजवाब ग़ज़ल के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं स्वीकारें. …"
33 minutes ago
सालिक गणवीर commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post बे-सबब होंठ मुस्कुराते है
"प्रिय रुपमआदाब एक और लाजवाब ग़ज़ल के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं स्वीकारें. खूब लिखेंं. सप्रेम."
38 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' and Dr Ashutosh Mishra are now friends
40 minutes ago
सालिक गणवीर commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post नदी इंकार मत करना कभी तू अपनी क़ुर्बत से (१०७ )
"आदरणीय गहलोत जी सादर अभिवादन एक और शानदार ग़ज़ल की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें."
49 minutes ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post बे-सबब होंठ मुस्कुराते है
"जनाब रवि भसीन साहब जी आदाब! आपने जो सुझाओ दिए वो मैं ठीक कर लूँगा। और रही बात मक़्ता कहने की, वो मैं…"
1 hour ago
Dimple Sharma posted a blog post

बेख़ौफ़ हम

कहा रूक जा सब ने, बेख़ौफ़ हम चले गांव जल्दी से बेख़ौफ़ हमकहीं एक विधवा अकेले खड़ी खड़े साथ उसके ले…See More
1 hour ago
Dimple Sharma commented on Dimple Sharma's blog post वहाँ एक आशिक खड़ा है ।
"आदरणीय TEJ VEER SINGH जी नमस्ते, मेरी ग़ज़ल पर आपके विचार बहुत मायने रखते हैं बधाई हेतु धन्यवाद…"
1 hour ago
सालिक गणवीर commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - एक अरसे से जमीं से लापता है इन्किलाब
3 hours ago
सालिक गणवीर commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - एक अरसे से जमीं से लापता है इन्किलाब
3 hours ago
सालिक गणवीर commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - एक अरसे से जमीं से लापता है इन्किलाब
"आदरणीय राम अवध विश्वकर्मा जी सादर अभिवादन एक और अच्छी ग़ज़ल की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाइयाँँ…"
3 hours ago
सालिक गणवीर commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - एक अरसे से जमीं से लापता है इन्किलाब
"आदरणीय राम अवध विश्वकर्मा जी सादर अभिवादन एक और अच्छी ग़ज़ल की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाइयाँँ…"
3 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service