For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 80806

Reply to This

Replies to This Discussion

अपने उद्देश्य की दिशा में समर्पण व कर्मठता से निरंतर आगे बढ़ रही साहित्यिक वेबसाइट ई-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" // www.openbooksonline.com // के स्थापना दिवस पर तहे दिल से बहुत बहुत मुबारकबाद सभी पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यगण, सहभागी रचनाकारों व पाठकगण को! सीखने-सिखाने के क्रम में ओबीओ की मर्यादा व संस्कार और आदर्शों को बरकरार रखते हुए आशा है नववर्ष में कुछ नवीन सार्थक प्रयोग किए जाएंगे नव रचनाकारों के हितार्थ भी।

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के स्थापना दिवस की सभी सम्मानीय सदस्यों को हार्दिक बधाई  

‘ओपन बुक्स ऑनलाइन’, संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक, प्रधान सम्पादक , टीम प्रबंधन , कार्यकारिणी सदस्य एवं समस्त आत्मीय सदस्यों को. मंच के सप्तम स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई. ओ बी ओ ने जिसतरह लगातार मंच सदस्यों के लिए छंद काव्य, गजल, नवगीत और लघुकथा जैस लेखन विधा की साहित्यिक जानकारियाँ उपलब्ध करायी हैं तथा प्रयास और सुधार के अवसर उपलब्ध कराये हैं उसकी जितनी  भी प्रशंसा की जाए कम है. पुनः सभी को इस शुभ अवसर की हार्दिक बधाई.

 

छह वर्षों से दे रहा, सबको ख़ुशी अपार |

छंद गीत हर काव्य का, ‘ओ बी ओ’ भण्डार ||

‘ओ बी ओ’ भण्डार, नहीं यह है इक सागर,

नित्य बुझाता प्यास, ज्ञान की भरता गागर,

कहता यही ‘अशोक’ , भाव के  उत्कर्षों से,

रहे सैकड़ों साल, रहा ज्यों छह वर्षों से ||

बहुत ख़ूब वाह,

Obo ज़िंदाबाद ।

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के स्थापना दिवस की सभी सम्मानीय सदस्यों को अनेकानेक बधाईयां एवम् शुभ कामनाएं! प्रभु से प्रार्थना है की इसकी सफलता का परचम चहुँ दिशा में अपना नाम रोशन करें। ओ बी ओ के पूरे प्रबंधन मंडल, वरिष्ठ गुणीजनों एवं सदस्यों को इस सफल यात्रा की हार्दिक बधाई। ये कारवाँ यूँ ही बढ़ता रहे और  चलता रहे।  हार्दिक बधाई। 

उन्नत साहित्यिक यात्रा के छह वर्ष पूर्ण होने पर ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी एडमिन्स एवं सदस्यों को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें| यह यात्रा ऐसे ही चलती रहे और साहित्य के नित नये शिखर छुए, यही ईश्वर से प्रार्थना है|

बीत गये कुल वर्ष छः,  ओबीओ  के  यार
समय-नदी बहती रही, सदा प्रवहमन धार
सदा प्रवहमन धार, सतत अभिनव ओबीओ
हर  रचना का  मान, विधा चाहे जो  भी  हो
चर्चा है अब आम - ग़ज़ब का साहित्यिक-पुल
धन्य-धन्य परिवार,  वर्ष छः  बीत गये कुल

साहित्य के परिपाटी पर " ओबीओ " का जन्म एक ऐतिहासिक पल है । " ओबीओ " मंच पर यह गौरव का पल आज स्थापना -दिवस के रूप में मन में सामारोह - सा भाव जगा रहा है ।

इस सार्थक सफर के कर्णधारों जिन्होंने अपनी लगन और समर्पण से इस मुकाम पर आकर सार्थकता का परचम फहराये है उन सभी ‘ओपन बुक्स ऑनलाइन’मंच के संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक जी , प्रधान सम्पादक जी , टीम प्रबंधन के साथ समस्त कार्यकारिणी सदस्य सहित सभी रचनाकार मित्रजनों को हृदय से बधाई प्रेषित है ।

हैप्पी बर्थ डे टू यू डियर ओबीओ !

तुम जियो हजारों साल ,साल के दिन हो " पचास " ! .....हजार के हजारों साल ।
हैप्पी बर्थ डे टू यू !
__/\__/\__/\__
साहित्यिक यात्रा के छह वर्ष पूर्ण होने पर ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी एडमिन्स एवं सदस्यों को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें|
ओबीओ के 6 वर्ष पूरे होने पर कलाम-ए-तहनियत :-

ख़ुदा बढ़ाऐ तेरी आन-बान ओबीओ
दुआ है ऊँची रहे तेरी शान ओबीओ

हर इक विधा के यहाँ जानकार हैं मौजूद
बहुत बड़ा है तेरा ख़ानदान ओबीओ

यहाँ पे कोई बड़ा है,न कोई है छोटा
तेरी नज़र में हैं सब इक समान ओबीओ

तेरे बग़ैर तो जीना मुहाल है मेरा
कि तुझ में बसती है अब मेरी जान ओबीओ

ख़ुदा के फ़ज़्ल से छः साल हो गए पूरे
दुआ है महके यूँही गुलसितान ओबीओ

"समर कबीर"

वाह वाह वाह 

शानदार 

जय ओबीओ 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।संबंधों को निभा रहे, जैसे हो दस्तूर…See More
12 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आजकल खूब हो रहा है ये चलन और कभी कभी विवाद भी। आपकी चिरपरिचित शैली में विचारोत्तेजक लघुकथा। बधाई…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"समसामयिक विषय है ये। रियायत को ठुकराकर अपनी काबलियत से आगे बढ़ना अच्छा है,पर इतना स्वाभिमान कम ही…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब। हार्दिक स्वागत आदरणीय मनन कुमार सिंह जी। समसामयिक और सदाबहार विषय और मुद्दों पर सकारात्मक और…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service