For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 87836

Reply to This

Replies to This Discussion

आदरणीय  अजय कुमार झा जी,  

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें !

आदरणीय vaneetnagpal जी,

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें !

आदरणीय Shayar Raj Bajpai जी,

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें !

आदरणीय Satish Agnihotri जी,

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें !

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आप सभी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

आ० एडमिन और सभी ओबीओ  के हमारे बंधू

           अभी अभी मुझे ज्ञात हुआ है के हमारे परम  आदरणीय  सौरभ जी  कल रात  मोटर साईकिल से दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल  हो गए है i हमें इस घटना से हार्दिक दुःख हुआ है  i मुझे डा0  शरदिंदु जी ने बताया की उनसे सौरभ जी की बात हुयी है  i इससे हम आश्वस्त है की वह शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ करेंगे  iमैं  समझता हूँ कि मेरे साथ ही  साथ  ओबी ओ  का समस्त  परिवार उनके लिए चिंतित होगा , सादर .  

ईश्वर आदरणीय सौरभ जी को जल्द स्वस्थ करें।
क्या आपसे उनका फ़ोन नंबर मिल सकेगा।
सादर।

आदरणीय, आप जैसे अनन्य शुभचिंतकों की शुभकामनाओं के संबल से मैं अधिक परेशान नहीं हूँ. चेहरे पर की की सूजन भी आज बहुत कम है. दवा से बहुत अधिक लाभ हुआ है. एक-दो दिनों में बिस्तर से आज़ादी मिल जायेगी.
मेरे प्रति बनी आपसबों की चिंताओं के लिए मैं हार्दिक रूप से आभार अभिव्यक्त करता हूँ.
सादर
सौरभ

आदरणीय भाई सौरभ जी,

दुर्घटना का समाचार सुनते ही मन हिल-सा गया, इसलिए भी कि यह दुर्घटना आपके नाम से, प्रिय मित्र के नाम से, जुड़ी थी। मन उतावला था कि कैसे आपसे निजि संपर्क करूँ, पर अब आपके अपने शब्द पढ़ कर मन आश्वस्त हुआ। देवी माँ से प्रार्थना है कि आप शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।

सादर और सस्नेह।

विजय निकोर

आदरणीय विजयभाईजी, आपकी सहृदयता एवं आत्मीयता के लिए सादर आभार. दुर्घटना जैसी हो नियत चर्याओं में व्यवधान की तरह ही सामने आती है. किन्तु, मेरे साथ आप जैसे शुभचिंतकों की शुभकामनाओं का महती बल है.
सादर

नादिर भाई, आपकी सहृदय मंगल कामनाओं के लिए हम सदा से कृतज्ञ रहेंगे. हार्दिक धन्यवाद भाईजी.

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
15 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service