For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लल्ला गया विदेश

© बसंत कुमार शर्मा

उसको जब अपनी धरती का,

जमा नहीं परिवेश.

ताक रही दरवाजा अम्मा,

लल्ला गया  विदेश.

खेत मढैया बिका सभी कुछ,

हैं जेबें खाली.

बैठी चकिया पीस रही है,

घर छोटी लाली.

बिना फीस के विद्यालय में,

मिला न उसे प्रवेश

नई बहुरिया आई घर में,

स्वप्न नये पाले.

दिखे यहाँ तो हर कोने में,

मकड़ी के जाले.

जाने कैसे कब सुलझेंगे,

उलझ गए जो केश

बुधिया के हुक्के की गुड़गुड़,

कहे कथा न्यारी.

कौन समझ पाया है उसकी,

क्या है बीमारी.

सूखी हुई पसुरियाँ दिखतीं,   

नरकंकाली वेश.

"मौलिक एवं अप्रकाशित"

Views: 67

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बसंत कुमार शर्मा on April 19, 2018 at 9:19am

आदरणीय   बृजेश कुमार 'ब्रज'  जी आपका ह्रदय से आभार 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on April 19, 2018 at 9:19am

आदरणीय  Nilesh Shevgaonkar  जी आपका ह्रदय से आभार 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on April 19, 2018 at 9:19am

आदरणीय Shyam Narain Verma जी आपका ह्रदय से आभार 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on April 19, 2018 at 9:18am

आदरणीय Shyam Narain Verma  जी आपका ह्रदय से आभार 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on April 19, 2018 at 9:17am

आदरणीया Neelam Upadhyaya  जी आपका ह्रदय से आभार 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 18, 2018 at 8:30pm

वाह क्या खूब गीत रचा है आदरणीय शर्मा जी..बहुत सुन्दर

Comment by Nilesh Shevgaonkar on April 18, 2018 at 8:06pm

आ.  बसंत जी,
एक और उम्दा गीत हुआ है ..ईश्वर आप की लेखनी को यूँ ही समृद्ध   करता रहे 
सादर 

Comment by Shyam Narain Verma on April 18, 2018 at 1:42pm
बहुत सुन्दर मनभावन गीत .. बधाई 
Comment by Neelam Upadhyaya on April 18, 2018 at 10:56am

आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी, नमस्कार । बढ़िया कविता हुयी है । हार्दिक बधाई ।

Comment by बसंत कुमार शर्मा on April 18, 2018 at 8:32am

आदरणीयSamar kabeer जी बहुत बहुत आभार दिल से आपका  

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Naveen Mani Tripathi commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'सैलाब में प्रत्याशी, मतदाता या किसान!' (लघुकथा)
"वाह वाह बहुत ही सुन्दर लिखा आपने । व्यवस्था पर करारी चोट । मुबारक हो सर ।"
4 minutes ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

आना मेरे दयार में कुर्बत अगर मिले

221 2121 1221 212कुछ रंजो गम के दौर से फुर्सत अगर मिले । आना मेरे…See More
6 minutes ago
Ajay Tiwari commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- लोकतंत्र
"आदरणीय बसंत जी, आज के राजनैतिक परिदृश्य पर बहुत सटीक व्यंग-गीत के लिए हार्दिक…"
10 minutes ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post अटल जी को श्रद्धांजलि
"आदरणीय नवल किशोर जी बहुत बहुत आभार"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post अटल जी को श्रद्धांजलि
"आदरणीय नवीन जी बहुत बहुत आभार"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : जग-जगती में // -- सौरभ
"आपकी भाषा, शैली, कथ्य और उनको जीवंत रूप दे देने की असीम क्षमता, कोई जान बूझ कर उपेक्षित कर दे तो…"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुछ दोहे -लक्ष्मण धामी"मुसाफिर"
"आखिरी दोहा यूं करें तो मात्रतात्मक रूप से शुद्ध हो जाएगा........ संस्कार की घूँट में, जाने क्या है…"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'ताटंक छंद अभ्यास'
"ग़ज़ल पर अभ्यास करने पर हिंदी के छंदों में मात्रा गणना के समय समस्या स्वभावतः आ जाती है, इसलिए आपके…"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- लोकतंत्र
"वास्तविकता का अभिव्यक्ति नव गीत बधाई माँग रहा, मेरी तरफ से ढेर सारी बधाई। "कच्छा…"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on Sushil Sarna's blog post जीवन के दोहे :
"पहला ही दोहा दर्शन के हृदय क्षेत्र को छू रहा...... तीसरा दोहा.....बहुत मारक और वाज़िब…"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अबतक तो बस तन्हा हूँ - गजल ( लक्ष्मण धामी मुसाफिर)
"बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है , बधाई स्वीकारें। अंतिम शेर मुझे लिखना हो तो यूँ लिख देता, एक सुझाव है…"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post आल्हा
"बहुत बढ़िया आल्हा और उस पर से एक मानवीय मुद्दा, बधाई"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service