For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल (नाज़ कब वो भी उठा पाते हैं दीवाने का )

(फाइलातुन -फ़इलातुन-फ़इलातुन-फेलुन )

जिन से आबाद हर इक गोशा है वीराने का |
नाज़ कब वो भी उठा पाते हैं दीवाने का |

इंतज़ारी में कटी उम्र नहीं इसका गम
रंज है आपका वादे से मुकर जाने का |

कमसे कम मेरे ख़यालों में ही आ जाया करो
वक़्त कब मिलता है तुम को मेरे घर आने का |

लाख तू मेरी वफ़ाओं को भुला दे दिल से
अज़्म मुहकम है मेरा प्यार तेरा पाने का |

कोई इक बूँद को तरसे कोई भर भर के पिए
खूब दस्तूर है साक़ी तेरे मैखाने का |

जान लेने के लिए थोड़ी सी खातिर कर दी
रात मुँह चूम लिया शमअ ने परवाने का |

तुझ से बद ज़न हुआ तस्दीक़ जो तेरा दिलबर
ग़ैर को तू ने ही मौक़ा दिया बहकाने का |

(मौलिक व अप्रकाशित )

Views: 143

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on November 23, 2017 at 5:29pm
जनाब अफ़रोज़ सहर साहिब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by Afroz 'sahr' on November 23, 2017 at 4:14pm
जनाब तस्दीक़ साहिब अच्छी ग़ज़ल कही आपने शेर दर शेर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ।,,,
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on November 23, 2017 at 2:25pm
मुहतरम विजय साहिब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by vijay nikore on November 23, 2017 at 11:25am

इस अच्छी गज़ल के लिए बधाई।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on November 21, 2017 at 6:19pm
जनाब डॉक्टर आशुतोष साहिब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by Dr Ashutosh Mishra on November 21, 2017 at 1:50pm
आदरणीय तस्दीक़ जी इस बढ़िया ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on November 20, 2017 at 8:24am
मुहतरम जनाब आरिफ साहिब आदाब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by Mohammed Arif on November 20, 2017 at 8:10am
आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी आदाब,
बेहतरीन ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें ।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on November 19, 2017 at 8:50pm
मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब आदाब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by Samar kabeer on November 19, 2017 at 8:13pm
जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Neelam Upadhyaya commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post अतुकांत
"बहुत ही सुन्दर कविता हुई है छोटेलाल जी। बधाई स्वीकार करें।"
1 hour ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post वार हर बार (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी बिलकुल सही कहा है आपने इमानदारी की राह पर चलने वाले बहुत बिवश हैं ..इस…"
1 hour ago
Dr Ashutosh Mishra commented on TEJ VEER SINGH's blog post तन की बात - लघुकथा –
"आदरणीय तेजवीर जी आजकल के हालात का बखूबी चित्रण करती शसक्त रचना के लिए तहे दिल बधाई स्वीकार करें…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post तन की बात - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय विजय निकोरे जी।"
2 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- बहुत आसाँ है दुनिया में किसी का प्यार पा लेना,
"आदरणीय भाई निलेश जी आजकल एक के बाद एक उम्दा ग़ज़लें पढने को मिल रही हैं ..रचना पर हार्दिक शुभकामनाओं…"
2 hours ago
narendrasinh chauhan commented on vijay nikore's blog post एक उखड़ा-दुखता रास्ता
"बहोत खुब"
3 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post मोहब्बत ...
"बहोत खुब"
3 hours ago
vijay nikore posted a blog post

एक उखड़ा-दुखता रास्ता

एक उखड़ा-दुखता रास्ता(अतुकांत)कभी बढ़ती, कम न होती दूरी का दुख शामिलकभी कम होती नज़दीकी का नामंज़ूर…See More
3 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

मोहब्बत ...

मोहब्बत ...गलत है कि हो जाता है सब कुछ फ़ना जब ज़िस्म ख़ाक नशीं हो जाता है रूहों के शहर में नग़्मगी…See More
3 hours ago
babitagupta posted a blog post

नारी अंतर्मन [कविता]

घर की सुखमयी ,वैभवता की ईटें सवारती,धरा-सी उदारशील,घर की धुरी,रिश्तों को सीप में छिपे मोती की तरह…See More
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

द्वंद्व के ख़तरे (लघुकथा)

"लोकतंत्र ख़तरे में है!" "कहां?" "इस राष्ट्र में या उस मुल्क में या उन सभी देशों में जहां वह किसी…See More
3 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post विचार-मंथन के सागर में (अतुकान्त कविता)
"आदरणीय शेख शाहजाद साहब यथार्थ का अद्भुत चित्रण किया आपने दिली मुबारकबाद कुबूल कीजए"
4 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service