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नेम प्लेट ...

कुछ देर बाद
मिल जाऊंगा मैं
मिट्टी में
पर
देखो
हटाई जा रही है
निर्जीव काल बेल के साथ
लटकी
मेरी ज़िंदा
मगर
उखड़े उखड़े अक्षरों की
एक अजीब सी
चुप्पी साधे
पुरानी सी 
नेम प्लेट

मुझसे पहले 

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 86

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Comment by Sushil Sarna 22 hours ago

आदरणीय Mahendra Kumar   जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार। 

Comment by Mahendra Kumar on Thursday

बहुत ही बढ़िया प्रस्तुति है आ. सुशील सरना जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर.

Comment by Sushil Sarna on July 17, 2017 at 4:38pm

आदरणीय सौरभ सर , आपको सप्रेम प्रणाम ... एक मुद्दत के बात आप का आना तृषित हृदय को तृप्ति का आभास दे गया। हार्दिक आभार। सृजन को अपने आत्मीय प्रशंसात्मक शब्दों से अलंकृत करने का दिल से आभार। इंगित त्रुटि वास्तव में टंकण त्रुटि है। इस ओर मेरा ध्यान आकर्षित करने का हार्दिक आभार। मैं इसे अभी एडिट कर पुनः प्रेषित करता हूँ। अनुजों पर अपना स्नेह बनाएं रखें। आपके प्रश्न का उत्तर यहां पर नहीं है। सादर ....

Comment by Sushil Sarna on July 17, 2017 at 4:38pm

आदरणीय समर कबीर साहिब,. आदाब ... सृजन आपकी सहमति देती प्रशंसात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभारी है। 

Comment by Sushil Sarna on July 17, 2017 at 4:38pm

आदरणीय तस्दीक़ अहमद खान साहिब , आदाब। ... सृजन के भावों को अपने मधुर शब्दों से शोभित करने का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on July 17, 2017 at 4:38pm

आदरणीय हरी प्रकाश दूबे जी सृजन के भावों को अपनी स्नेहिल प्रशंसा से शोभित करने का हार्दिक आभार। आपके द्वारा इंगित टंकण त्रुटि की ओर ध्यान आकर्षित करने का हार्दिक आभार। मैं अभी इस एडिट कर दुबारा पोस्ट करता हूँ। ये सब गूगल जी का कारनामा है। 

Comment by Sushil Sarna on July 17, 2017 at 4:37pm

आदरणीया कल्पना भट्ट जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का आभारी है। 

Comment by Sushil Sarna on July 17, 2017 at 4:37pm

आदरणीय लक्षमण धामी जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 17, 2017 at 4:08pm

बहुत खूब ! .. भाव के क्षणिक आवेग को आपने खूबसूरती से शब्दबद्ध किया है. हार्दिक बधाइयाँ आदरणीय सुशील सरनाजी. 

एक बात : 

चुप्पी साधे / पुरानी से / नेम प्लेट .. यहाँ वाक्य गठन के अनुसार ’पुरानी से’ न हो कर ’पुरानी-सी’ होना चाहिए था.

लेकिन, नेम-प्लेट की संज्ञा को स्त्रीलिंग के तौर पर व्यवहृत करते हैं क्या ? 

सादर

Comment by Samar kabeer on July 17, 2017 at 11:45am
जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत ख़ूब वाह, सच्चाई से क़रीब इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

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