For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कोई रिश्ता निभाया जा रहा है

मापनी -१२२२ १२२२ १२२

कोई रिश्ता निभाया जा रहा है

मुझे फिर से बुलाया जा रहा है

 

भले ही खिड़कियाँ हैं बंद घर की,

मगर परदा उठाया जा रहा है

 

पड़ीं हैं नींव में चुपचाप ईंटे,

भले बोझा बढाया जा रहा है

 

अभी कुछ शांत हैं लहरें वहाँ पर,

उन्हें पत्थर दिखाया जा रहा है

 

नहीं है पास उनके एक छत भी,

महल का गीत गाया जा रहा है

 

बिठाना था जिन्हें पलकों पे’ हर पल,

उन्हें घर से भगाया जा रहा है

 

जरा सा हाथ सूरज का हटा क्या,

कि मुझसे दूर साया जा रहा है

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Views: 782

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बसंत कुमार शर्मा on May 12, 2017 at 12:08pm

 आदरणीय Nilesh Shevgaonkar जी अवश्य इस मंच पर आप सभी गुनीजनों के सानिध्य में रह कर अवश्य बेहतर कर पाऊंगा , हौसला अफजाई के लिए ह्रदय से आभार आपका 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on May 12, 2017 at 12:07pm

आदरणीय Anuraag Vashishth जी आपकी प्रतिक्रिया से प्रोत्साहित हूँ, बहुत बहुत शुक्रिया आपका 

Comment by Nilesh Shevgaonkar on May 12, 2017 at 10:42am

आ. बसन्त जी,

अच्छीअजल हुई है... और भी बेहतर हो सकती थी...
मंच आप से और भी   बेहतर की अपेक्षा करता है ..
सादर 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on May 10, 2017 at 8:55pm

आभार आदरणीय नरेंद्र सिंह चौहान जी आपका 

Comment by narendrasinh chauhan on May 10, 2017 at 6:03pm

बहोत खूब 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on May 10, 2017 at 1:04pm

 आदरणीय गिरिराज भंडारी जी आपकी हौसलाअफजाई  के लिए दिल से शुक्रिया 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on May 9, 2017 at 9:45pm

आदरणीय Samar Kabeer जी हौसलाफजाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आपका

Comment by बसंत कुमार शर्मा on May 9, 2017 at 9:44pm

आदरणीय शिज्जु "शकूर"  जी हौसलाफजाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आपका

Comment by बसंत कुमार शर्मा on May 9, 2017 at 9:43pm

आदरणीय Sushil Sarna जी हौसलाफजाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आपका


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 9, 2017 at 9:28pm

आदरनीय बसंत भाई , अच्छी गज़ल कही है , हार्दिक बधाइयाँ । गज़ल के अरकान सुधार लीजियेगा ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
13 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
23 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service