For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अभी शे'र हमने सुनाया कहाँ है (ग़ज़ल)

122   122   122   122

है हर सू फ़क़त धूप,साया कहाँ है?

ये आख़िर मुझे इश्क़ लाया कहाँ है!

अमीरी को अपनी दिखाया कहाँ है?

तुम्हें शह्र-ए-दिल ये घुमाया कहाँ है?

अभी सहरा में एक दरिया बहेगा

अभी क़ह्र अश्क़ों ने ढाया कहाँ है?

अभी देखिएगा अँधेरों की हालत

उफ़ुक़ पर अभी शम्स आया कहाँ है?

कोई दोस्त है,कोई दुश्मन,यहाँ पर

सब अपने हैं,कोई पराया कहाँ है?

अभी से ही क्यों आँख भर आई सबकी?

अभी शे'र हमने सुनाया कहाँ है?

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 139

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on March 9, 2017 at 11:35am

अच्छी ग़ज़ल है आ. जयनित भाई, समर साहब के शब्दों पर गौर कीजिएगा

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 8, 2017 at 10:17pm
आदरणीय बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल हुई..हार्दिक बधाई
Comment by Mahendra Kumar on March 8, 2017 at 9:37pm
बढ़िया ग़ज़ल हुई है आदरणीय जयनित जी। हार्दिक बधाई प्रेषित है। आदरणीय समर सर की बात का संज्ञान लें। सादर।
Comment by Dr Ashutosh Mishra on March 8, 2017 at 7:24pm
आदरणीय भाई जयनित जी ऊम्फ ग़ज़ल हुयी है रचना के लिए हार्दिक बधाई बाकी मार्गदर्शन आदरणीय समर सर ने किया है सादर
Comment by Samar kabeer on March 8, 2017 at 6:10pm
जनाब जयनित कुमार मेहता जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।
हुस्न-ए-मतला में'दौलत-ए-दिल'स्त्रीलिंग है, देखियेगा ।
तीसरे शैर के ऊला में 'सहरे'या 'सहरा'?
चौथे शैर में 'उफ़ुक़'का क्या अर्थ लिया है आपने ?
एक बात ये कि छः अशआर की ग़ज़ल में चार अशआर में 'अभी'शब्द आया है,और दो अशआर इनमें ऐसे भी हैं जिनके दोनों मिसरों में 'अभी'शब्द आया है,हालाँकि ये कोई दोष तो नहीं फिर भी इससे शाइर की कमज़ोरी ज़ाहिर होती है,इससे बचना चाहिये ।
Comment by Mohammed Arif on March 8, 2017 at 5:35pm
आदरणीय जयनित कुमार जी आदाब,बहुत अच्छी ग़ज़ल । हर शे'र पर मेरी दाद क़ुबूल करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"शुक्रीया जनाब शिज्जू शकूर साहब।"
26 minutes ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"जनाब तस्दीक अहमद साहब आदाब। आपका सुझाव समुचित है,  मुझे बहुत पसंद आया। इसी तरह की स्पष्ट और…"
28 minutes ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"बहुत शुक्रीया आदरणीय।"
37 minutes ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"धन्यवाद आदरणीय।"
39 minutes ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"सादर अभिवादन भाई निलेश जी। आपकी बात सही है। अभी कई मिसरों में सुधार की आवश्यकता है। आपकी मुखर और…"
40 minutes ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"धन्यवाद आदरणीय गुरप्रीत सिंह जी।"
48 minutes ago
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"शुक्रीया जनाब आरिफ साहब।"
49 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"मुहतरम जनाब शकूर साहिब,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का तहे दिल से शुक्रिया"
1 hour ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"मुहतरम जनाब सतविंदर कुमार साहिब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का तहे दिल से शुक्रिया"
1 hour ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"मुहतरम जनाब बासुदेव साहिब,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का तहे दिल से शुक्रिय"
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
शिज्जु "शकूर" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"अच्छी ग़ज़ल हुई है आ. अजय जी बधाई आपको"
1 hour ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"जनाब रिज़वान साहिब,ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफजाई का तहे दिल से शुक्रिया"
1 hour ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service