For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भारतीय वीरों को समर्पित गजल (महर्षि त्रिपाठी )

२२१२  २२१ २२२ 

जय हिन्द की आवाज़ सीमा पर 

होगा समर आगाज़ सीमा पर 

सुधरेंगे कब हालात सीमा पर 

कबतक मरें जाबाँज सीमा पर 

जारी रही यूँ सेंध दुश्मन की 

बदलेंगे हम अल्फाज सीमा पर 

कुर्बा किया है जान वीरों नें 

रखकर वतन की लाज सीमा पर 

काटेंगे सर-ओ-हाथ दुश्मनों की 

पहना शरम का ताज सीमा पर 

 

जबतक रहें यूँ वीर भारत में 

तबतक करें हम नाज सीमा पर 

********************************

"मौलिक व् अप्रकाशित "

Views: 631

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by maharshi tripathi on January 12, 2016 at 7:09pm
आ. समर सर,त्रुटी इंगित करने हेतु आपका आभार, मैं त्रुटी हटा देता हूँ !!!!
Comment by maharshi tripathi on January 12, 2016 at 7:05pm
आ. गिरिराज सर,रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार !!
Comment by Samar kabeer on January 12, 2016 at 5:51pm
जनाब महर्षि त्रिपाठी जी आदाब,देश भक्ति पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने,बधाई स्वीकार करें |
चोथे शैर में "कुर्बा"शब्द सही नहीं,सही शब्द है"क़ुर्बान"या कुरबा,बा पर चन्द्र बिन्दू,देख लीजियेगा |

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 12, 2016 at 4:19pm

आदरणीय महर्षि भाई , बहुत सुन्दर देश भक्ति से ओत प्रोत ग़ज़ल कही है , आपको दिली बधाई

Comment by Ram Ashery on January 11, 2016 at 4:47pm

बहुत अच्छी गजल प्रस्तुत आपको बधाई 

Comment by Shyam Narain Verma on January 11, 2016 at 4:13pm
बहुत सुन्दर गजल।  ढेरों दाद कुबूल करें। सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
14 hours ago
Sushil posted blog posts
14 hours ago
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
14 hours ago
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service