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कभी इनकार लिख देना कभी इकरार लिख देना- बैजनाथ शर्मा 'मिंटू'

1222  1222   1222  1222

कभी इनकार लिख देना कभी इकरार लिख देना|

अगर मुझसे मुहब्बत है तो बस तुम प्यार लिख देना|

 कि दिल की बात को दिल में दबाना छोड़कर दिल से,

 वफ़ा-उल्फत-मुहब्बत पर भी कुछ अशआर लिख देना। 

हमारे राजनेता पर भी थोड़ी बात हो जाए,

डुबाते हैं ये कश्ती को इन्हें बेकार लिख देना| 

मेरा महबूब गर तुमसे मेरा जो हाल पूछे तो, 

बड़ी संजीदगी से तुम दिले बीमार लिख देना| 

तिरंगे में लिपटकर जब मेरा ताबूत घर आये,

हमारे जन्मदाता के लिए जयकार लिख देना| 

ज़रूरत शीश की गर हो कभी माँ भारती तुमको,

बिना पूछे ही मेरा नाम तू हरबार लिख देना| 

कभी भी यार गर करना पड़ोसी मुल्क की चर्चा,

समझ जायेंगे नौनिहाल बस गद्दार लिख देना| 

कलम का मैं सिपाही हूँ नहीं तलवार रखता पर,

कहीं जब जिक्र गर करना तो पहरेदार लिख देना। 

मुहब्बत है रहेगी भी वतन से ए वतन वालों,

दिवाना है मेरा दिल नाम तुम दिलदार लिख देना|  

कसम खायी है ‘मिंटू’ ने मरेगा देश की खातिर,

वतन पर मरने-मिटने का मेरा अधिकार लिख देना|   

मौलिक व अप्रकाशित 

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Comment

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Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on January 7, 2016 at 5:44pm

आदरणीय भंडारी  साहेब............. मार्गदर्शन के लिए शुक्रिया आपका| 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 7, 2016 at 12:16pm

आदरनीय बैज नाथ भाई , देश प्रेम से पगी आपकी बेहतरीन गज़ल के लिये आपको दिल से बधाइयाँ ।
बस ...   समझ जायेंगे नौनिहाल बस गद्दार लिख देना  --  इस मिसरे की तक्तीअ एक बार और कर के देख लीजियेगा ।

Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on January 6, 2016 at 5:17pm

आदरणीय सतविंदर  साहेब............. शुक्रिया आपका ।

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on January 6, 2016 at 11:43am
वह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् वह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्!आनंद और रोमांच भर दिया आपकी इस रचना ने।बहुत बहुत बधाई आदरणीय मिंटू भाई
Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on January 5, 2016 at 5:34pm

आदरणीय शेख शहजाद  साहेब व अजय सहेब ............. बहुत -बहुत शुक्रिया।

Comment by ajay sharma on January 4, 2016 at 10:27pm

bahut khoob .....salam 

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on January 4, 2016 at 6:53pm
वक़्त की ज़रूरत मुताबिक़ जज़्बा इज़ाफ़ा करती ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए हृदयतल से बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय बैजनाथ शर्मा 'मिन्टू' जी ।
Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on January 4, 2016 at 6:02pm

आदरणीय नादिर साहेब............. आपका बहुत -बहुत शुक्रिया।

Comment by नादिर ख़ान on January 4, 2016 at 5:43pm

बहुत खूब कहा अदरनीय  बैजनाथ जी, आपके जज़्बे को सलाम...... हर भारतीय के दिल की बात कह दी आपने

Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on January 4, 2016 at 3:52pm

आदरणीय कबीर साहेब.............हौसला अफ़जाई के लिये बहुत-बहुत शुक्रिया।

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