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सिखाते  क्यों  हमें  हो  तुम वही इतिहास की बातें
दिलों में  घोलकर  नफरत  नये  विश्वास  की बातें

*
बताओ  घर   बनेगा  क्या  हमारा   आसमानों  में
जमीनें  छीन   के   करते  सदा  आवास  की  बातें

*
कहाँ  से  हो  कठौती  में   हमारे   गंग  की  धारा
बिठाई  ना  मनों  में जब  कभी रविदास  की बातें

*
बहाकर  अश्क  भी  यारो  कहाँ  दुख  दूर  होते हैं
गमों  से  पार  पाने  को  करो   परिहास  की बातें

*
हमारे  देवता  जो  हैं  करम  तक  आ  न  पाये हैं
दिया पतझड़  हमेशा ही,  कही  मधुमास की बाते

*
हुआ  होगा  कभी  मजनू  जिसे  था प्यार रूहों से
मगर इस युग चली आयी  सदा सहवास की बातें

*
मुझे लगती नहीं अच्छी  'मुसाफिर’ फितरतें तेरी
अगर बरसात  भी हो तो  करोगे  प्यास की बातें

मैलिक व अप्रकासित
लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 30, 2014 at 5:32pm

आदरणीय भाई विजय जी ग़ज़ल कि प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद .

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 30, 2014 at 5:31pm

आदरणीय भाई आशुतोष  जी ग़ज़ल कि प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार . .

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 30, 2014 at 5:30pm

आदरणीय भाई श्याम नारायण  जी ग़ज़ल कि प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद .

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 30, 2014 at 5:29pm

आदरणीय भाई अखिलेश जी ग़ज़ल कि प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद .

Comment by Sushil Sarna on March 30, 2014 at 3:04pm

behad khoobsoorat bhaavon kee khoobsoorat gazal....haardik badhaaee

Comment by vijay nikore on March 30, 2014 at 5:19am

गज़ल के भाव बहुत अच्छे लगे। बधाई।

Comment by Dr Ashutosh Mishra on March 29, 2014 at 4:05pm

बहाकर  अश्क  भी  यारो  कहाँ  दुख  दूर  होते हैं
गमों  से  पार  पाने  को  करो   परिहास  की बातें  आदरणीय लक्ष्मण जी बेहतरीन ग़ज़ल के इस बेहतरी शेर के लिए तहे दिल बढ़ाई सादर 

Comment by Shyam Narain Verma on March 29, 2014 at 3:30pm
अच्छी ग़ज़ल की हार्दिक बधाई ।
Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on March 29, 2014 at 12:25pm

बताओ  घर   बनेगा  क्या  हमारा   आसमानों  में
जमीनें  छीन   के   करते  सदा  आवास  की  बातें........ बहुत खूब 

कहाँ  से  हो  कठौती  में   हमारे   गंग  की  धारा
बिठाई  ना  मनों  में जब  कभी रविदास  की बातें.......... बहुत सुंदर  , अच्छा व्यंग है 

हार्दिक बधाई लक्ष्मण भाई

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