For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

2112     2112   2112    112
**********************************************
दाग  चंदा   को  लगे  हैं, सूरज  का  क्या गया
ढूँढ  लेगा रात  को  वो, फिर से  कोई घर नया

बादलों  को  थी  मनाही ,  कैसे   करते  बारिसें
उसके  सूखे  दामनों  पर, आँसुओं  ने  की दया

कौन बोले, किसको बोले, इस सियासत में बुरा
सब  हमामों  के चरित्तर, शेष  किसमें  है हया

बाज  के  थे  सहायक  चील ,  कौवे  औ’ उलूक
फिर अकेली  बाज से, कब   तलक लड़ती बया

सोच का  पिछडे़ हुए में, था  बुजुर्गों का लिहाज
आधुनिक  होकर ‘मुसाफिर’, हो गया वो बेहया

"मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 387

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by annapurna bajpai on December 23, 2013 at 6:27pm

आ0 लक्ष्मण जी गजल के भाव तो अच्छे हैं , परंतु आ0 अरुण जी बात पर भी गौर करना जरूरी हो जाता है , क्योंकि आपकी गजल मे काफिया नहीं दिखता । आप स्वयम भी एक बार देख लें । 

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 23, 2013 at 1:24pm

आदरणीय लक्ष्मण जी मेरे हिसाब आपकी ग़ज़ल में काफिया ही नहीं है इस लिहाज से आपकी ग़ज़ल ख़ारिज हो जाती है. एक बार आप भी गौर फरमाएं.

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on December 20, 2013 at 10:34pm

अच्छी गज़ल, बधाई लक्ष्मण भाई॥

Comment by ajay sharma on December 20, 2013 at 10:19pm

दाग  चंदा   को  लगे  हैं,  surya  का  par  क्या गया 
ढूँढ  लेगा रात  को  वो, फिर से  कोई घर नया

baaki sher behad khas huye hain.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 20, 2013 at 9:30pm

आदरणीय लक्ष्मण भाई , गज़ल के भाव और विचार बहुत अच्छे लगे , आपको बधाइयाँ ॥ बह्र मे गड़्बड़ी लग रही है , एक बात और तक्तीअ कर देखें ॥ जैसे - दाग  चंदा  / को  लगे  हैं,/ सूरज  का  /क्या गया

                         2122 या 2121 /  2112    /   222      /  112   ----  एक बात तक्तीअ बाक़ी मिसरों का भी कर के देख लें ॥

Comment by नादिर ख़ान on December 20, 2013 at 8:04pm

कौन बोले, किसको बोले, इस सियासत में बुरा
सब  हमामों  के चरित्तर, शेष  किसमें  है हया

आदरणीय लक्ष्मण जी बहुत खूब ..........उम्दा गज़ल के लिए बधाई

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 20, 2013 at 6:58pm

धामी जी

बहुत सुन्दर ग़ज़ल  i  बधाई हो i

Comment by AVINASH S BAGDE on December 20, 2013 at 6:52pm

बादलों  को  थी  मनाही ,  कैसे   करते  बारिसें
उसके  सूखे  दामनों  पर, आँसुओं  ने  की दया..wah!..wah!

सब  हमामों  के चरित्तर, शेष  किसमें  है हया..bebak bayani..laxman dhami ji..

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post कृष्ण नहीं दरकार है भइया
"हार्दिक धन्यवाद भाई ब्रजेश कुमार जी"
1 hour ago
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post कृष्ण नहीं दरकार है भइया
"हार्दिक आभार आदरणीय समर भाई साहब। कुछ बेहतर की गुंजाइश हो तो जरूर बताइयेगा"
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on रामबली गुप्ता's blog post कृष्ण नहीं दरकार है भइया
"आदरणीय गुप्ता जी...अच्छी ग़ज़ल कही है...बधाई"
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गणतन्त्र के दोहे - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"वाह उत्तम दोहे आदरणीय धामी जी..."
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
"अच्छी ग़ज़ल कही भाई मनोज जी...बधाई"
1 hour ago
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"यह घटना तब कि है जब प्रवेश पाण्डेय जी सऊदिया (सऊदी अरब) से दो महीने के छुट्टी पर घर (हिंदुस्तान)…"
1 hour ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"स्वीकारोक्ति(जोशीमठ आपदा से प्रेरित ) _________ मैं कौन हूँ? हूँ जो हूँ! सब जानते हैं मुझे।टपक…"
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Usha Awasthi's blog post साक्षात्कार
"सुन्दर सारगर्भित कविता के लिए बधाई आदरणीया..."
1 hour ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गीत गा दो  तुम  सुरीला- (गीत -१४)- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"वाह आदरणीय धामी जी...बड़ा ही सुंदर गीत हुआ...बधाई"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : जग-जगती में // -- सौरभ
"आदरंणीय रवि शुक्लजी,  प्रस्तुति पर आपके अनुमोदन का हार्दिक धन्यवाद. शुभातिशुभ . "
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : जग-जगती में // -- सौरभ
"आदरणीय विजय निकोर जी,  आपसे मिला उत्साहवर्द्धन मेरे लिए थाती है. प्रस्तुति पर आपकी प्रतिक्रिया…"
5 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"आपका हार्दिक आभार आदरणीय भाई लक्ष्मण जी।"
7 hours ago

© 2023   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service