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ग़ज़ल : बनना हो बादशाह तो दंगा कराइये

बह्र : २२१ २१२१ १२२१ २१२

 

सत्ता की गर हो चाह तो दंगा कराइये

बनना हो बादशाह तो दंगा कराइये

 

करवा के कत्ल-ए-आम बुझा कर लहू से प्यास

रहना हो बेगुनाह तो दंगा कराइये

 

कितना चलेगा धर्म का मुद्दा चुनाव में

पानी हो इसकी थाह तो दंगा कराइये

 

चलते हैं सर झुका के जो उनकी जरा भी गर

उठने लगे निगाह तो दंगा कराइये

 

प्रियदर्शिनी करें तो उन्हें राजपाट दें

रधिया करे निकाह तो दंगा कराइये

 

मज़हब की रौशनी में व शासन की छाँव में

करना हो कुछ सियाह तो दंगा कराइये

-----

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Views: 1091

Comment

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Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 15, 2013 at 9:01pm

बहुत बहुत धन्यवाद  vijay nikore जी

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 15, 2013 at 8:57pm

बहुत बहुत शुक्रिया गिरिराज भंडारी जी।

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 15, 2013 at 8:56pm

बहुत बहुत शुक्रिया vandana जी

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 15, 2013 at 8:55pm

बहुत बहुत शुक्रिया  Abhinav Arun जी, स्नेह बना रहे

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 15, 2013 at 8:53pm

बहुत बहुत शुक्रिया Meena Pathak जी

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 15, 2013 at 8:49pm

बहुत बहुत धन्यवाद वीनस जी, ये सामयिक सपाटबयानी आपको इस कदर पसंद आई इसके लिए शुक्रगुज़ार हूँ। स्नेह बनाये रखें। रदीफ़ मैं जानबूझकर आजकल थोड़ा अलग रखने का प्रयास कर रहा हुँ। यूँ ही एक प्रयोग के तौर पर और कुछ नहीं। 

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 15, 2013 at 8:41pm

बहुत बहुत बहुत धन्यवाद सौरभ जी। वर्तमान में स्नेहाभारी और भविष्य में स्नेहाकांक्षी हूँ। स्नेह बना रहे


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 14, 2013 at 5:03pm

सियासी चाल को मुखरता से प्रस्तुत करती गज़ल का हर शेर बहुत शानदार हुआ है 

हार्दिक दाद क़ुबूल करें आ० धर्मेन्द्र जी 

Comment by पीयूष द्विवेदी भारत on September 14, 2013 at 4:33pm

पूरी गज़ल लाजवाब, पर इस शेर के तो क्या कहने,

प्रियदर्शिनी करें तो उन्हें राजपाट दें

रधिया करे निकाह तो दंगा कराइये

बहुत बहुत दाद कबूलें, आदरणीय धर्मेन्द्र जी !

Comment by वेदिका on September 14, 2013 at 2:46pm

कमाल की गजल है! एक एक शेअर जिंदाबाद शेअर है !!

प्रियदर्शिनी करें तो उन्हें राजपाट दें

रधिया करे निकाह तो दंगा कराइये .... वाह! आपका जवाब नही पंच मे!

बधाई !! 

 

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