For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अरबों माल डकार के

अरबों माल डकार के राजा जी गै छूट।
जनहित में संदेश है लूट सके तो लूट।।

निकले जब वो जेल से यूँ दिखलाया रंग।
अभिवादन थे कर रहे जीत लिया ज्यों जंग।।

बाहर आकर वायु मे चुम्बन रहे उछाल।
इतने घृणीत कर्म का कोई नही मलाल।।

हर्षित चेलाराम के जमीं न पड़ते पाँव।
बेशरमी रख ताख पे खुश हो करते काँव।।

झिंगुर घुरवा से कहे "जितबे तुहीं चुनाव।
कट्टा पिस्टल साथ हैं डर जइहैं सब गाँव"।।

  • आशीष यादव

Views: 881

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 17, 2012 at 6:34pm
प्रिय आशीष जी, सस्नेह 
यथार्त का काव्यात्मक चित्रण. अच्छा लगा. बधाई.

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 17, 2012 at 5:47pm

अरबों माल डकार के  राजा जी गै छूट।
जनहित में संदेश है  लूट सके तो लूट।।............   और आपने नैदान मार लिया, आशीष भाई.

सामयिक तथ्यों पर सुन्दर प्रयास.

Comment by Rekha Joshi on May 17, 2012 at 4:41pm

बाहर आकर वायु मे  चुम्बन रहे उछाल।

इतने घृणीत कर्म का  कोई नही मलाल।।आशीष जी बढ़िया दोहे ,बधाई 


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 17, 2012 at 3:46pm

बहुत लाजवाब दोहावली कही है भाई आशीष यादव जी, बधाई।

Comment by आशीष यादव on May 17, 2012 at 12:34pm

आदरणीया rajesh kumari दी, aapko दोहे पसन्द आये मेरा श्रम सार्थक हुआ।
आपको सादर धन्यवाद


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 17, 2012 at 12:13pm

आशीष जी बहुत सामायिक लाजबाब दोहे इन जबरदस्त दोहों के लिए मेरी मुबारकबाद स्वीकार कर्रें 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 17, 2012 at 12:12pm

 आशीष जी बहुत सामायिक लाजबाब दोहे इन जबरदस्त दोहों के लिए मेरी मुबारकबाद स्वीकार कर्रें 

Comment by आशीष यादव on May 17, 2012 at 12:10pm

आदरणीय श्री SANDEEP KUMAR PATEL जी, आदरणीय श्री Bhawesh Rajpal जी, आदरणीय श्री SHARIF AHMED QADRI "HASRAT" जी  एवँ आदरणीय श्री डॉ. सूर्या बाली "सूरज" जी, दोहे पसन्द करने हेतु आप लोगों को बहुत-बहुत धन्यवाद.

आज की गन्दी राजनीति में किसका भरोसा करें समझ मे ही नही आता। आज राजा जैसे लोग भी छूट जा रहे हैं और तो और बाहर आकर ऐसा दिखा रहे हैं जैसे युद्ध जीत लिया हो।

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 17, 2012 at 11:54am

आशीष जी बहुत सी समसामयिक , साहित्यिक , भावपूर्ण रचना .....इन दोहों ने तो आज की सच्चाई बयान कर दी । बहुत बहुत बधाई !!

Comment by SHARIF AHMED QADRI "HASRAT" on May 17, 2012 at 11:49am

wah aashish ji bahut khoob kya manzar kashi ki hai apne ..................behtreen kakam hai badhayi kubool karein

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Friday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service