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अहसास की ग़ज़ल -मनोज अहसास

2122     2122     2122     212

एक ताज़ा ग़ज़ल

तेरी चौखट तक पहुँचने के हैं अब आसार कम.
फासला लंबा बहुत है या मेरी रफ्तार कम.

कौन से रस्ते पे चलके मैं चला जाऊं कहाँ,
डर बहकने का है दिलबर हौसला इस बार कम.

हद से ज्यादा बेबसी है पर इरादे बेहिसाब,
हमसफर तो मिल गए हैं मिलते हैं गमख़ार कम.

घर पहुँचने की तड़प में इस सफर में जाने जां,
रोटिया दिलकश अधिक है और तेरे रुखसार कम.

जोड़ कर रखा था नाता जिनसे सालों साल तक,
उनकी नज़रों में मिला है प्यार का व्यवहार कम.

दोपहर की धूप से जब तिलमिला उठता हूं मैं,
लगने लगता है मुझे तब जीने का आधार कम.

कोई दरवाज़ा खुला मिलता है जब इस राह में,
तब सफर की हर मुसीबत लगती है दुश्वार कम.

पाँव बोझिल हो गए हैं आंखें धुँधलाने लगी,
राम जाने किस तरह होगा हमारा भार कम.

जाने किस की मुश्किलों को लिख रहा 'अहसास' है,
इसमें व्याकुलता बड़ी है पर सुखन की धार कम.

मौलिक और अप्रकाशित

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Comment by मनोज अहसास on May 15, 2020 at 8:49pm

आदरणीय सालिक गनवीर एवम आदरणीय मुसाफ़िर जी ग़ज़ल पर उपस्थिति एवं हौसला अफजाई के लिए आपका हार्दिक आभार

Comment by मनोज अहसास on May 15, 2020 at 8:47pm

आदरणीय समर कबीर साहब हार्दिक आभार

आपकी इस्लाह पर गौर कर रहा हूँ

नुक्ते लगाने के प्रयास भी कर रहा हूँ

आपकी आशाओं पर खरा उतरने का प्रयास कर रहा हूँ

Comment by Samar kabeer on May 15, 2020 at 7:53pm

जनाब मनोज अहसास जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें ।

'जोड़ कर रखा था नाता जिनसे सालों साल तक'

ये मिसरा बह्र से ख़ारिज हो रहा है, 'रखा' को "रक्खा" कर लें ।

एक बात बार बार से कह चुका हूँ, आज फिर कहता हूँ कि जब तक आप उर्दू शब्दों को ठीक से लिखना नहीं सीखेंगे ग़ज़ल का हक़ अदा नहीं कर सकेंगे,आप भले ही ख़ुश होते रहें कि आप ग़ज़ल कह लेते हैं,शब्दों में नुक़्ते नहीं लगने से ग़ज़ल ऐसी लगती है जैसे बिना नमक मिर्च का भोजन ।

दूसरी बात ये कि आप मंच पर आई हुई रचनाओं पर अपनी प्रतिक्रया भी नहीं देते,ये अच्छी बात नहीं है,अगर मंच के सभी सदस्य ऐसा करने लगें तो सोचिए कैसा लगेगा?

Comment by सालिक गणवीर on May 15, 2020 at 9:26am
भाई मनोज अहसास
आदाब
एक शानदार ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें.
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on May 15, 2020 at 6:39am

आ. भाई मनोज जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

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