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Naveen Mani Tripathi's Blog – January 2019 Archive (5)

ग़ज़ल

1212     1122     1212      22

क़ज़ा के वास्ते ये इंतिज़ाम किसका है ।

तेरे  दयार  में  जीना  हराम किसका  है ।।

उसे है ख़ास ज़रूरत  जरा पता करिए ।

बड़े  सलीके  से  आया  सलाम किसका  है ।।

दिखे हैं रिन्द बहुत तिश्नगी के साथ वहाँ ।

कोई बताए गली में मुकाम किसका है ।।

है जीतना तो ख़यालात ऐब…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on January 21, 2019 at 8:30pm — 3 Comments

ग़ज़ल

1222 1222 122

अभी तक आना जाना चल रहा है ।

कोई रिश्ता पुराना चल रहा है ।।

सुना है शह्र की चर्चा में आगे ।

तुम्हारा ही फ़साना चल रहा है ।।

इधर दिल पर लगी है चोट गहरी ।

उधर तो मुस्कुराना चल रहा है ।।

कहीं तरसी जमीं है आब के बिन ।

कहीं मौसम सुहाना चल रहा है ।।

तुझे बख्सा खुदा ने हुस्न इतना ।

तेरे पीछे ज़माना चल रहा है ।।

दिया था जो वसीयत में तुम्हें वो ।

अभी तक वह खज़ाना चल रहा है…

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Added by Naveen Mani Tripathi on January 16, 2019 at 11:37pm — 14 Comments

ग़ज़ल: फिर नए सपने दिखाना चुप रहो

2122 2122 212

आज उनका है ज़माना चुप रहो ।

गर लुटे सारा खज़ाना चुप रहो ।।

क्या दिया है पांच वर्षों में मुझे ।

मांगते हो मेहनताना चुप रहो ।।

रोटियों के चंद टुकड़े डालकर ।

मेरी गैरत आजमाना चुप रहो ।।

मंदिरों मस्ज़िद से उनका वास्ता ।

हरकतें हैं वहिसियाना चुप रहों ।।

लुट गया जुमलों पे सारा मुल्क जब ।

फिर नये सपने दिखाना चुप रहो ।।

दांव तो अच्छे चले थे जीत के ।

हार पर अब…

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Added by Naveen Mani Tripathi on January 8, 2019 at 12:30pm — 10 Comments

हुस्न कोई नूरानी है



22 22 22 2



शायद    वह    दीवानी   है ।

लड़की   जो  अनजानी  है ।।

दिलवर से मिलना है क्या ।

चाल   बड़ी   मस्तानी  है ।।

इश्क़  हुआ है क्या  उसको ।

आँखों    में   तो   पानी  है ।।

खोए    खोए    रहते    हो ।

यह   भी   इक  नादानी  है ।।…

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Added by Naveen Mani Tripathi on January 6, 2019 at 11:55am — 3 Comments

ग़ज़ल

1222 1222 1222 1222

तरन्नुम बन ज़ुबाँ से जब कभी निकली ग़ज़ल कोई ।

सुनाता ही रहा मुझको मुहब्बत की ग़ज़ल कोई ।।

बहुत चर्चे में है वो आजकल मफ़हूम को लेकर ।

जवां होने लगी फिर से पुरानी सी ग़ज़ल कोई ।।

कभी यूँ मुस्कुरा देना कभी ग़मगीन हो जाना ।

वो छुप छुप कर तुम्हारी जब कभी पढ़ती…

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Added by Naveen Mani Tripathi on January 6, 2019 at 11:21am — 3 Comments

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