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पुस्तक समीक्षा Discussions (112)

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Discussions Replies Latest Activity

"प्रकृति, अध्यात्म और जीवन से जुड़ी समाजोपयोगी काव्यकृति".....पाठकीय समीक्षा

दिनांक: १२.०२.२०१६   कृति “छंद माला के काव्य-सौष्ठव” की पाठकीय समीक्षा प्रकृति, अध्यात्म और जीवन से जुड़ी समाजोपयोगी काव्यकृति              …

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

0 Feb 16, 2016

कृति “छंद माला के काव्य-सौष्ठव” का साहित्य शास्त्रीय स्वरूप...(पुस्तक समीक्षा)

  दिनांक: ०३.०२.२०१६   कृति “छंद माला के काव्य-सौष्ठव” का साहित्य शास्त्रीय स्वरूप...(पुस्तक समीक्षा)   कविवर केवल प्रसाद ‘सत्यम’ द्वारा…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

0 Feb 15, 2016

प्रधान संपादक

"बूँद बूँद सागर" (लघुकथा संकलन): पाठकीय समीक्षा

"बूँद बूँद सागर" (लघुकथा संकलन) संपादक: डॉ जीतेंद्र जीतू/डॉ नीरज सुधांशु प्रकाशक: वानिका पब्लिकेशन्स, बिजनौर (उ.प्र.) मूल्य: 250 रुपये ----…

Started by योगराज प्रभाकर

3 Feb 3, 2016
Reply by Dr. (Mrs) Niraj Sharma

एक साक्षात्कार सौरभ पाण्डेय कृत ‘छंद मंजरी’ से= डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव

[संभवतः आज से पूर्व किसी पुस्तक का साक्षात्कार शायद ही हुआ हो I परन्तु मेरी समझ में इस प्रकार किसी पुस्तक की समीक्षा उसका सम्यक अवगाहन करने…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

9 Dec 13, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सदस्य टीम प्रबंधन

समीक्षा - हमें साँच ने मारा (पद-संग्रह) // --सौरभ

भाषाओं के स्वरूप में कालबद्ध होता परिवर्तन कई काव्य-विधाओं के जनमने और प्रभावी होने का साक्षी रहा है । इस क्रम में स्मरण रखना आवश्यक है कि…

Started by Saurabh Pandey

0 Nov 25, 2015

प्रधान संपादक

सुश्री कांता रॉय जी के लघुकथा संग्रह "घाट पर ठहराव कहाँ" पर पाठकीय प्रतिक्रिया

"घाट पर ठहराव कहाँ" - लघुकथा संग्रह,  लेखिका - सुश्री कांता रॉय प्रकाशक - समय साक्ष्य, देहरादून,  मूल्य : १५०/= रुपये (जन संस्करण), २००…

Started by योगराज प्रभाकर

11 Nov 10, 2015
Reply by Vijay Joshi

सदस्य टीम प्रबंधन

कवि सतीश बंसल जी के काव्य संग्रह "गुनगुनाने लगीं खामोशियाँ" पर चन्द शब्द

गुनगुनाने लगीं खामोशियाँ - काव्य संग्रह  कवि - श्री सतीश बंसल  देहरादून  अचानक कोई अजीज़ दोस्त मिल जाए और चाय-कॉफ़ी की चुस्कियों के साथ शुरू…

Started by Dr.Prachi Singh

0 Oct 18, 2015

पुस्तक समीक्षा "आशा के दीप " लघुकथा संग्रह , लेखक श्री विजय जोशी "शीतांशु

"आशा के दीप " लघुकथा संग्रह लेखक श्री विजय जोशी "शीतांशु " प्रकाशक :-मध्यप्रदेश लेखक संघ भोपाल इकाई ---------------------------------------…

Started by kanta roy

2 Oct 7, 2015
Reply by Vijay Joshi

सदस्य टीम प्रबंधन

संवेदनाओं की सजग अभिव्यक्ति है ‘सजग कवितायें’

संवेदनाओं की सजग अभिव्यक्ति है ‘सजग कवितायें’   पुस्तक का शीर्षक : सजग कवितायेँ रचनाकार : श्री सत्यपाल सिंह ‘सजग’ प्रकाशक: आरती प्रकाशन , ल…

Started by Dr.Prachi Singh

0 Sep 5, 2015

सदस्य कार्यकारिणी

शब्द गठरिया बाँध- सनातनी छंदो का एक नायाब संकलन

जब आदरणीय श्री अरुण कुमार निगम जी का नाम लिया जाये तो एक हँसमुख छबि जेह्न में उभरती है। एक अरुणाभ सी मुस्कान लिये अनुभवी रचनाकार श्री अरुण…

Started by शिज्जु "शकूर"

0 Aug 22, 2015

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दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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