For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

प्रदीप देवीशरण भट्ट
  • Male
  • हैदराबाद (तेलांगाना)
  • India
Share

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Friends

  • Pratibha Pandey
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Samar kabeer
 

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Page

Latest Activity

प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Ashok Kumar Raktale's blog post गज़ल
"बहुत सारी शिकायतों का गज़ल में सुंदर समावेष किया है अशोक जी बधाई"
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Ashok Kumar Raktale's blog post on Facebook
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Dr.Prachi Singh's blog post on Facebook
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Dr.Prachi Singh's blog post तुम आओ तो...
"बहुत खूब प्राची जी सुंदर गीत रचना हुई बधाई।"
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on SALIM RAZA REWA's blog post सुख उसका दुख उसका है - सलीम 'रज़ा' रीवा
"बेहतरीन रज़ा जी"
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared SALIM RAZA REWA's blog post on Facebook
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Pratibha Pandey's blog post on Facebook
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट and Pratibha Pandey are now friends
Oct 7
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post प्रतीक्षा
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अच्छी रचना है,बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post प्रतीक्षा
"बढ़िया आदरणीय भट्ट जी"
Sep 28
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post शमा और मैं
"खूबसूरत प्रयास के लिए बधाई भट्ट साहब.."
Sep 28
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted blog posts
Sep 26
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post ज़िंदगी तू क्यूँ उदास है-
"आभार समर जी, कृपया रोटियाँ गोटियाँ पर कुछ सुझाव दें"
Sep 23
vijay nikore commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post -गुरु दिवस
"सुन्दर रचना के लिए बधाई, आदरणीय प्रदीप जी"
Sep 12
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post ज़िंदगी तू क्यूँ उदास है-
"जनाब प्रदीप जी,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई ।"
Sep 10
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post रोटियाँ
"जनाब प्रदीप जी आदाब,ग़ज़ल अभी समय चाहती है,बह्र भी गड़बड़ है,और क़वाफ़ी भी दुरुस्त नहीं हैं,देखियेगा ।"
Sep 9

Profile Information

Gender
Male
City State
हैदराबाद
Native Place
रुडकी (उत्तराखंड)
Profession
Government
About me
Superintendent in KVIC, हैदराबाद

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Blog

प्रतीक्षा

मैंने ढेरों पत्र लिखे तुमको

उत्तर जिनका अपेक्षित है

तुम व्यस्त हो गये हो शायद

या पता पता तुम्हारा है बदला

लिखते ऊँगली के पोर दुखे

मन करता लेकिन और लिखे

इसलिए डायरी लिख डाली…

Continue

Posted on September 25, 2019 at 12:30pm — 2 Comments

शमा और मैं

शमा जली, उठा धुँआ 

तुम वहाँ औऱ मैं यहाँ 

सोचती हूँ के क्या लिखूं 

जिस्म यहाँ औऱ दिल वहाँ

पकड़ी क़लम ने उंगलियां 

टो सुझा नहीं के क्या लिखें 

तेरी अधूरी दास्तां या फ़िर …

Continue

Posted on September 23, 2019 at 6:30pm — 1 Comment

ज़िंदगी तू क्यूँ उदास है-

जिंदगी ये तो बता, तू इतनी क्यूँ उदास है

मुझसे है नाराज़ या फिर,औऱ  कोई बात है

मैंने तो तुझसे कभी कुछ खास मांगा भी नहीं

ले रही फिर बारहा तू लंबी क्यूं उच्छवास है

जो तेरी ख़्वाहिश थी शायद वो मिला तुझको नहीं

फ़िक्र ना कर तेरे…

Continue

Posted on September 9, 2019 at 11:00am — 2 Comments

रोटियाँ

पेट हो खाली तो फिर कैसे खेले गोटियां
अब मयस्सर हैं बस ख्व़ाब में ही रोटियाँ
.
तुम्हें मुबारक हो शाहों की दावतें हमको
मिल जाएँ खाने को दो चार सूखी रोटियाँ
.
माल…
Continue

Posted on September 6, 2019 at 12:30pm — 1 Comment

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:12am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

प्रशांत दीक्षित 'सागर' shared a profile on Facebook
25 minutes ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' commented on प्रशांत दीक्षित 'सागर''s blog post ग़ज़ल - चरागाँ इक मुहब्बत का जला दो तुम
"बहुत बहुत धन्यवाद विमल शर्मा 'विमल' जी"
26 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post विजयदशमी पर कुछ दोहे :
"आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का आभारी है। "
50 minutes ago
विमल शर्मा 'विमल' commented on प्रशांत दीक्षित 'सागर''s blog post ग़ज़ल - चरागाँ इक मुहब्बत का जला दो तुम
"वाह वाह... बेहद खूबसूरत अल्फाजों से सजाया...बधाई।"
5 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"आदरणीय 'समर कबीर' साहब एवं 'प्रशांत दीक्षित सागर ' साहब आपके उत्साहवर्धन हेतु…"
5 hours ago
dandpani nahak left a comment for लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी बहुत शुक्रिया"
7 hours ago
dandpani nahak commented on dandpani nahak's blog post गज़ल
"आदरणीय सलीम रज़ा साहब आदाब बहुत शुक्रिया आप सही है ठीक करने की कोशिश करता हूँ!"
7 hours ago
dandpani nahak commented on dandpani nahak's blog post गज़ल
"परम आदरणीय समर कबीर साहब प्रणाम आपका आदेश सर माथे पर!"
7 hours ago
dandpani nahak commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।
"आदरणीय बलराम जी बेहतरीन ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें! ये " मेरा लहज़ा मेरा लहज़ा नहीं है…"
7 hours ago
Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

अहसास की ग़ज़ल

1222   1222   1222   1222मुहब्बत के नगर में आँसुओं के कारखाने है, यहां रहकर पुराने जन्म के कर्ज़े…See More
8 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' posted a blog post

ग़ज़ल - चरागाँ इक मुहब्बत का जला दो तुम

1222 1222 1222चरागाँ इक मुहब्बत का जला दो तुम,अभी उन्वान रिश्ते को नया दो तुम ।फ़ना ही हो गये जो…See More
8 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"बहुत सुंदर । बधाई स्वीकार करें ।"
10 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service