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Sanjay Shukla
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Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय अमीर जी, बहुत धन्यवाद"
Jun 25
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय लक्ष्मण जी, बहुत धन्यवाद"
Jun 25
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय चेतन जी,  ई सुराग(1221) "
Jun 25
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय अमीर जी, बहुत शुक्रिया"
Jun 25
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आफरणीय चेतन जी, अच्छी ग़ज़ल हुई। अमित जी की टिप्पणी से मैं सहमत हूँ। "
Jun 24
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीया ऋचा जी, बहुत खूब। 4 सुझाव... ".... हमें उसने कहा.... ' 7 रदीफ़ नहीं निभी। "
Jun 24
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय दयाराम जी बहुत धन्यवाद"
Jun 24
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय चेतन जी, मेरी जानकारी के मुताबिक नुक़्ते ठीक लगे हैं और मतला बहर में है। "
Jun 24
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय अमित जी, बहुत धन्यवाद"
Jun 24
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"जी बहुत धन्यवाद। मतला ऊला के लिये सुझाव आमंत्रित हैं। "
Jun 24
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"2122 1122 1122 22 उन को ज़ंजीर की आख़िर को ज़रूरत क्या है जो नहीं जानते हैं लफ़्ज़-ए-बग़ावत क्या है /1 तू ज़रा धीरे चले तो मैं तेरे साथ चलूँ वक़्त क्यों दौड़ रहा है तुझे आफ़त क्या है /2 कुछ घड़ी पहले यहाँ से तू ही गुज़रा था क्या मैं भी सोचूँ कि…"
Jun 24
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय अमित जी, बहुत धन्यवाद"
May 28
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीया ऋचा जी, बहुत धन्यवाद"
May 28
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीया ऋचा जी, ग़ज़ल के अच्छे प्रयास की बधाई स्वीकार करें. १. "दीदावर" जम नहीं रहा है. आफ़त में दीदावर की नहीं बल्कि मददगार की ज़रूरत होती है. २. "इस्तिखारा" शब्द की भूमिका स्पष्ट नहीं है. ३. दोनों मिसरों में "दिया" की…"
May 27
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय दयाराम जी, ग़ज़ल के अच्छे प्रयास की बधाई स्वीकार करें."
May 27
Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आदरणीय नवीन जी, अच्छी ग़ज़ल हुई. १. भाव स्पष्ट नहीं हुआ. २. सुझाव... "... दरिया हुए दैर ओ हरम". सानी स्पष्ट नहीं हुआ. ३. सानी में "राशन" के बाद "ने" की कमी महसूस हो रही है. ४. सानी में "हल्का" के बाद…"
May 27

Profile Information

Gender
Male
City State
Gurgaon
Native Place
Lucknow
Profession
Retired

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